Ad Code

Pi network Vs ice Network | ice Network Vs Pi network

 

Pi network Vs ice Network  |  ice Network Vs Pi network



बहुत लोग कॉमेंट में या मेसेंजर पर डायरेक्ट मेसेज करके आइस नेटवर्क प्रोजेक्ट के बारे में पूछ रहे थे और खास करके इसका पाई नेटवर्क के साथ कम्पेरिजन जानना चाहते थे। क्योंकि अभी ज्यादा आइस कोइन मिलने की वजह से और इसका इंटरफेस एट्रेक्टिव होने की वजह से इसे पसंद किया जा रहा है। अभी हाल ही में सात जुलाई को ये प्रोजेक्ट लॉन्च हुआ है। सोशियल मीडिया पर खास करके ट्विटर पर इसकी पोस्ट करनेवाले लोग अपना इन्विटेशन कोड शेर कर रहे हैं ताकि रेफरल टीम बढ़ा सकें और आइस कोइन भी। 


तो पहले आइस नेटवर्क के बारे में कुछ जानेंगे जैसे की इसमें कैसे माईनिंग होता है, इसका फार्मूला क्या है, इसकी ब्लॉकचेन कौनसी है। KYC, वॉलेट, नोड और कॉम्यूनिटी के बारे में - अति संक्षिप्त में और आसान     भाषा में समझने का प्रयत्न करेंगे। और साथ में  पाई नेटवर्क के फीचर्स के साथ इसकी तुलना भी करते रहेंगे। जिससे आप खुद इस वीडियो के अंत में डिसीजन ले सकें। 


सबसे पहेले इसकी ऑफिशियल वेबसाइट ice.io पर जाते हैं। लिखा है - आइस, एक डिजिटल करंसी है जिसे आप अपने फोन का उपयोग करके मुफ्त में माइन कर सकते हैं। ये आपकी मोबाईल की बैटरी ज्यादा नहीं खाता और ये डिसेंट्रलाइज़्ड नेटवर्क है। अपने फ्रेंड्स को इन्वाइट करें और अपनी कॉम्यूनिटी बढ़ाएं। 


ये कुछ बेसिक जानकारी दी है।  जैसे की इसमें भी माइनिंग बटन पर चौबीस घंटे में एक बार क्लिक करना होता है। पूरी दुनिया में से कोई भी इसमें ज्वाइन हो सकता है।  एक ही अकॉउंट बना सकता है। और भविष्य में जब आइस कोइन को क्लेम करना है तो तब वेरिफिकेशन के लिए KYC प्रोसेस करनी पड़ेगी।  अब आइस कोइन का करेंगे क्या ? तो इसके लिए लिखा है।  सात अक्टूबर दोहजार चौबीस तक फेस १ रहेगा। जिसमें कुछ डी एप्स का अनाउंसमेंट करेंगे जिससे वास्तविक दुनिया में आइस कोइन का उपयोग हो सकें।  


फिर फेस २ में - मेंनेट रिलीस किया जाएगा जिसमें आइस कोइन का लेन देन , एक्सचेंज और पेमेंट कर सकेंगे। 



इसके आलावा व्यापारियों की ईकॉमर्स वेबसाइट और ऑनलाइन शॉप में आइस कोइन का इंटीग्रेशन हो सकें इसके लिए डेवेलपमेंट होगा।  तब तक यानि फेस २ में जब आइस कोइन लिस्ट होगा तब इसकी मार्किट वेल्यू होगी तब तक इसकी कोई कीमत नहीं है। 

ये स्केम हे या नहीं ? उसके जवाब में लिखा है - बिस सीनियर इंजीनियर्स , सोसिओलॉजिस्ट, और इकोनॉमिस्ट इस पर एक साल से काम कर रहे हैं। हालांकि टीम में कौन हे उनके नाम कहीं लिखे नहीं है। 

इस प्रोजेक्ट में फेक अकॉउंट को या डुप्लीकेट अकॉउंट को कैसे रोकेंगे - तो इसके लिए एक कम्पनी के साथ पार्टनरशिप की है -जिसका नाम है एपडॉम - अब ये कम्पनी कुछ तो पैसे लेगी। और शायद भविष्य में ये अपने चार्जिस भी बढ़ाएं। अभी तो kyc प्रोसेस कौन करेगा इसका ज़िक्र नहीं है परन्तु अगर यही कम्पनी kyc करेगी तो लोगों को अपना डाटा देने के लिए इस पर विश्वास करना होगा। क्या दुनिया के सभी माइनर्स किसी थर्ड पार्टी प्राइवेट कम्पनी को अपना डेटा देंगे? क्या आप देंगे ? जरा सोचिए। 

इस प्रोजेक्ट में टोटल सप्लाई कितनी होगी यानि कुल मिला कर कितने आइस कोइन बनाने हैं उस प्रश्न के निचे लिखा है - की - जब तक फेस १ समाप्त नहीं हो जाता है तब तक इस प्रोजेक्ट के रजिस्टरड यूज़र्स, रेगुलर माइनर्स और बोनस का पता नहीं लग सकता। तो फेस १ पूर्ण होने के बाद टोटल कोइन कितने होंगे वो तय कर सकेंगे। तो अभी टोटल कितने आइस कोइन बनाने हैं उसका आंकड़ा कहीं नहीं बताया है। तो इससे क्रिप्टो एक्सपर्टस को थोड़ा डाउट लग रहा है की डिमांड एन्ड सप्लाई के हिसाब से इसकी कीमत क्या होगी। 

आगे जानते हैं। इसकी वेबसाइट पर यहाँ लिखा है ये कॉस्मॉस ब्लॉकचैन पर बना हुआ है। यानि इसकी खुदकी ब्लॉकचेन नहीं है।   अब कॉस्मॉस के बारे में फटाफट थोड़ा जान लेते हैं। कॉस्मॉस नाम की ब्लॉकचेन का अपना कोइन हे जिसका नाम हे atom. एटम की कीमत अभी दस डॉलर के आस पास है। कॉस्मॉस हब करके एक इन्टरचेन - है - यानी ब्लॉकचेन का इंटरनेट। कॉसमॉस के भीतर बनाई गई प्रत्येक नई स्वतंत्र ब्लॉकचेन भी एटीओएम क्रिप्टोकरेंसी द्वारा संचालित होती है। तो इस प्रकार से देखा जाए तो आइस कोइन की कीमत भी इस एटम पर निर्भर हो सकती है।  कन्सेंसस प्रोटोकॉल की बात करें तो आइस नेटवर्क टेंडरमिंट कन्सेंसस प्रोटोकॉल का उपयोग करता है। इसकी कॉस्मॉस ब्लॉकचेन में यही टेंडरमिंट प्रोटोकॉल काम करता है। टेंडरमिंट जो हे वो जिस बायज़ेन्टाइन फॉल्ट टॉलरेंस - पर काम करता है वो ही प्रोटोकॉल पाई नेटवर्क में भी है। परन्तु पाई नेटवर्क में कोइन स्टेकिंग के साथ साथ सिक्युरिटी सर्कल से बना ट्रस्टग्राफ है। 


टेंडरमिंट प्रोटोकॉल के साथ कॉस्मॉस 2016 में पब्लिश हुआ और अभी भी कॉस्मॉस में काम चालू है। ये उसकी टीम है। तो शायद अंदाज़ा लगा सकते हैं की - आइस प्रोजेक्ट में भी इन लोगों में से कुछ लोग शामिल हो सकते हैं।  कुछ और इन्वेस्टर्स भी हो सकते हैं जिन्होने पाई के कंसेप्ट से प्रेरणा लेकर मोबाईल में माइनिंग का ये आइसवाला प्रोजेक्ट बनाने का सोचा हो। ब्लॉकचेन तो हे की इसकी और हाँ कॉस्मॉस की एसडीके -यानि सिस्टम डेवलपमेंट किट - भी पहेले से बनी हुई है। जो आइस की इकोसिस्टम बनाने में काम में आ सकती है। 

नोड की बात करें तो - आइस प्रोजेक्ट की पूरी वेबसाइट में कहीं पर भी इसका ज़िक्र नहीं है। परन्तु ये कॉस्मॉस ब्लॉकचेन पर बना हे तो नोड भी कॉस्मॉस का ही लगेगा। तो कॉस्मॉस का नॉड लगाने के लिए यानि अपने कम्प्यूटर को कॉस्मॉस ब्लॉकचेन के साथ जोड़ना पड़ेगा। परन्तु आम इंसान के लिए ये नोड का सेट अप करने का काम आसान नहीं है। कमांडप्रोम्प्ट पर कमांड लिखना आना चाहिए। और आइस नेटवर्क के फार्मूला में नोड से मिलने वाले फायदे ही नहीं है। तो भाई नोड लगाएगा कौन ? 


आइस कोइन बढ़ाने का एक ही फार्मूला है। की रेफरल टीम ज्यादा बनाओ तो आइस कोइन ज्यादा बनेंगे। या फिर लोकअप में ज्यादा स्टेक करो। इसकी तुलना में पाई में अन्य बहुत तरीके हैं पाई को कमाने के जैसे की सिक्युरिटी सर्कल, पाई ब्राउजर में यूटिलिटी का उपयोग, फिर हे वेलिडेशन करके पाई मिलते हैं, और नोड लगाओ तो उसके भी रिवॉर्ड्स मिलते हैं। 


अब बात करते हैं आइस नेटवर्क में वेलिडेटर्स कैसे बन सकते हैं। तो पहले तो एक साल में 42 वेलिडेटर्स होंगे जिन्होने ज्यादा आइस कोइन स्टेक किए हैं और पांच साल में उनकी संख्या 294 तक पहुचेंगी - अब उनमें से आइस नेटवर्क की टीम 11 वेलिडेटर्स चुनेगी। जो ब्लॉकचेन में ब्लॉक जनरेट करने का काम करेंगे। एक तरह से इससे डिसेंट्रलाईज़ेशन के कंसेप्ट पर खतरा है। क्योकि पूरा नेटवर्क ये चुने हुए वेलिडेटर्स आगे बढ़ाएंगे। पाई नेटवर्क में तो कोई भी वेलिडेटर बन सकता है। और KYC अप्रूवल का काम भी कर सकता है। है न ?

आइस प्रोजेक्ट में माइनिंग तो लोग करते हैं। और अभी तो आइस कोइन भी ज्यादा मिलते हैं। इसमें डे ऑफ़ का सिस्टम है जो फेज १ में रहेगा। आपने छे दिन माइनिंग किया हे तो एक दिन डे ऑफ़ का बोनस मिलता है। यानि सांतवे दिन आप माइनिंग करना भूल गए तो माइनिंग चालू रहती है। उसी प्रकार  30 दिन कंटीन्यू माइनिंग करने पर 5 दिन डे ऑफ़ मिलता है। और डे ऑफ़ इकठा होता रहता है। परन्तु आपके पास कोई डे ऑफ़ जमा नहीं है और आप माइनिंग करना भूल गए तो आइस कोइन कटना शुरू हो जाता है। इसको स्लेशिंग नाम दिया गया है। अगर आप इन एक्टिव रहते हैं तो आपके बनाए हुए आइस कोइन दिन ब दिन  कम होते जाते हैं।

एक महीना माइनिंग नहीं किया तो पिछले एक महीने के कोइन चले जाएंगे। और दो महीने तक एक्टिव नहीं रहे तो सभी कोई चले जाएंगे। इन्होने ये इस लिए रखा है ताकि लोग एक्टिव रहें और माइनिंग करते रहें। परन्तु इसकी विपरीत असर भी लोगों के मन पर हो सकती है - की भाई भले एक्टिव न रहें परन्तु कोइन तो वहीँ रहने चाहिए हमारे अकॉउंट में । और हाँ ब्लॉकचेन में कोइन कहाँ जाते हैं ऐसा भी कहीं बताया नहीं है। पाई में ऐसा नहीं है - पाई के वेरिफाइड अकॉउंट में आप माइनिंग नहीं करेंगे तो आप के कोइन कभी जीरो नहीं होंगे। तो कुछ लोगों को आइस प्रोजेक्ट का ये फीचर अच्छा नहीं लगा होगा । हाला की ये फेस १ तक सिमित रहे तो अच्छा है, नहीं तो लोग इनएक्टिव रहने पर आइस कोइन को खो देंगे। इसकी वजह से ये प्रोजेक्ट शायद लम्बी रेस का घोडा नहीं बनेगा। 


मित्रों, अभी आईस कोइन तो नंबर के स्वरूप में जनरेट होते दिखाई देते हैं परन्तु वॉलेट नहीं बना है. यानि वॉलेट एड्रेस ही नहीं है और नहीं उसके पासफ्रेज है। तो ये भी देखनेवाली बात है की एक साल में कोइन कौनसे वॉलेट में ले जाना है। वो भी KYC पास करके। पाई की तरह इसका वॉलेट इसमें ही रहा और बिना कोई ज़ंज़ट के आइस कोइन सीधे मिल जाते हैं तो आसान रहेगा।  

तो हे प्यारे दर्शकों, इतना जानने के बाद अब आप खुद डिसाइड कर ने में सक्षम होंगे की इस आइस प्रोजेक्ट को इंस्टॉल करके माइनिंग करना चाहते हैं या नहीं , अगर चाहते हैं तो ये इन्विटेशन कोड से ज्वाइन हो सकते हैं। और एक साल के लिए रेगुलर माइनिंग करके इसको एक चान्स दे सकते हैं। भविष्य में किसी एक्सचेंज पर इसका लिस्टिंग होता हे तो ये कोइनस को बेच कर प्रोजेक्ट में से निकल सकते हैं या फिर प्रोजेक्ट में डेवलपमेंट देख कर आप आगे का फैसला ले सकेंगे। परन्तु हाँ लोकअप सेटिंग यानि स्टेकिंग १०% आइस कोइन 1 साल तक का ही करें तो अच्छा रहेगा ताकि १ साल बाद कोइन मिले तो सेल करना आसान हो। ज्यादा माइनिंग रेट के लिए पांच साल तक लॉक कर दिए तो पांच साल तक इंतज़ार करना पड़ेगा। कम स्टेकिंग को बाद में चेन्ज करके बढ़ा सकते हैं परन्तु ज्यादा रेट लेने के हेतु एक बार बढ़ा दिया तो कम नहीं कर सकेंगे। 







Possibility of Pi cryptocurrency to become a Super Sovereign Currency in the World

 

pinetwork, pi network, pi network new update,


In a world that is constantly evolving, the possibility of Pi emerging as a super sovereign currency is a concept that ignites curiosity and sparks contemplation. As we witness the rapid growth and widespread adoption of digital currencies, it becomes increasingly evident that the potential for a decentralized financial system is within our grasp.

Pi Network, with its underlying technology of blockchain, possesses unique attributes that challenge the traditional notion of money. Its decentralized nature, coupled with the transparency and security it offers, has captivated the imagination of individuals and institutions alike. This transformative power has led many to question whether Pi has the potential to transcend borders and become a super sovereign currency.

Imagine a world where financial transactions are conducted seamlessly, without the need for intermediaries or the limitations imposed by national boundaries. Pi coin has the ability to transcend these barriers, offering a borderless and inclusive financial ecosystem. By eliminating the need for traditional banking systems, it empowers individuals and businesses to transact directly, fostering a sense of global unity and economic empowerment.

Furthermore, the potential of pi to become a super sovereign currency lies not only in its ability to transcend borders but also in its potential to address long-standing issues in the global financial system. With its decentralized nature, Pi network has the potential to eliminate the vulnerabilities associated with centralized control and manipulation. This could lead to a more stable and resilient financial system, one that is less susceptible to economic crises and political influences.

Moreover, the rise of Pi coin as a super sovereign currency could bring about greater financial inclusion for the unbanked and underbanked populations around the world. By providing access to financial services without the need for a traditional bank account, Pi has the power to empower individuals who have been marginalized by the existing financial system. This inclusivity has the potential to bridge the gap between the developed and developing world, fostering economic growth and reducing inequality on a global scale.

However, it is important to approach the possibility of pi becoming a super sovereign currency with thoughtful consideration. While the potential benefits are undeniable, challenges and risks must also be acknowledged. Regulatory frameworks, scalability issues, and the need for widespread adoption are just a few of the hurdles that need to be overcome for pi cryptocurrency to achieve its full potential.

In conclusion, the possibility of Pi cryptocurrency emerging as a super sovereign currency is an intriguing concept that holds immense promise. Its ability to transcend borders, address systemic issues, and foster financial inclusion has the potential to reshape the global financial landscape. However, it is crucial to approach this possibility with thoughtful consideration, recognizing the challenges and risks that lie ahead. Only through careful navigation and collaboration can we unlock the true potential of Pi as a super sovereign currency and usher in a new era of financial empowerment.

पाई नेटवर्क एक जबरदस्त डिजिटल क्रांति

pi network new update, pi network latest information, pinetwork, metamitra pi network, picoin

 

पाई नेटवर्क एक जबरदस्त डिजिटल क्रांति

नवप्रवर्तन और टेक्नोलॉजी की प्रगति से प्रेरित दुनिया में, एक नाम बाकि सारे नामों से अलग है वो हे - पाई नेटवर्क। इस क्रांतिकारी मंच ने लाखों लोगों के दिल और दिमाग पर कब्जा कर लिया है, जिससे सपने देखने वालों और दूरदर्शी लोगों के दिलों में आशा और संभावना की चिंगारी जल रही है। पाई नेटवर्क सिर्फ महत्वपूर्ण नहीं है; यह अनंत अवसरों से भरे भविष्य को खोलने की कुंजी है।

एक ऐसी दुनिया की कल्पना करें जहां हर व्यक्ति के पास अपनी किस्मत खुद तय करने की शक्ति हो, जहां Financial Freedom अब कोई दूर का सपना नहीं बल्कि एक वास्तविक वास्तविकता है। पाई नेटवर्क हममें से प्रत्येक को पारंपरिक बैंकिंग प्रणालियों की जंजीरों से मुक्त होकर, अपने घर के बजट के भविष्य पर नियंत्रण हासिल करने का अधिकार देता है। यह आशा की एक किरण है, जो एक नए युग की शुरुआत करती है।

जो चीज़ Pi नेटवर्क को बाकियों से अलग करती है, वह एक विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा बनाने की उसकी प्रतिबद्धता है जो सभी के लिए सुलभ हो। यह विश्वास, सहयोग और समुदाय की नींव पर बनाया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि इस डिजिटल क्रांति में कोई भी पीछे न रहे। पाई नेटवर्क मानता है कि सच्ची प्रगति तभी हासिल की जा सकती है जब हम एकजुट होकर दुनिया भर के व्यक्तियों की सामूहिक शक्ति का उपयोग करेंगे।

लेकिन पाई नेटवर्क केवल वित्तीय मुक्ति के बारे में नहीं है; यह मानवीय भावना और जुड़ने, सहयोग करने और सृजन करने की हमारी सहज इच्छा का प्रमाण है। यह अपनेपन की भावना को बढ़ावा देता है, समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को एक साथ लाता है जो उज्जवल भविष्य की समान दृष्टि रखते हैं। पाई नेटवर्क के माध्यम से, हमें वास्तविक रिश्ते बनाने, एक-दूसरे से सीखने और प्रेरित होने का अवसर दिया जाता है।

इसके अलावा, पाई नेटवर्क केवल एक क्षणभंगुर प्रवृत्ति नहीं है; यह यहीं रहने के लिए है। प्रतिभाशाली दिमागों की एक टीम और नवाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ, पाई नेटवर्क प्रगति के रास्ते में आने वाली चुनौतियों का विकास, अनुकूलन और उनसे पार पाना जारी रखता है। यह इसके रचनाकारों की फ्लेक्सिबिलिटी और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, जो मानव एकता की शक्ति और आत्मविश्वास में श्रद्धा रखते हैं।

तो, Pi नेटवर्क क्यों महत्वपूर्ण है? ऐसा इसलिए है क्योंकि पाई नेटवर्क इस बात का प्रतीक है कि अगर हम सपने देखने का साहस करते हैं और उसके लिए कर्म करना आरंभ करते हैं तो क्या कुछ संभव हो सकता है। यह एक बेहतर कल की आशा का प्रतीक है, जहां Financial Freedom, एकजुट होकर आगे बढ़ना और एकदूसरे का सहयोग सर्वोच्च है। पाई नेटवर्क सिर्फ एक मंच नहीं है; यह एक आंदोलन है, उन सभी के लिए हथियारों का आह्वान है जो एकता की शक्ति और मानव मन की असीमित क्षमता में विश्वास करते हैं।

आज ही पाई नेटवर्क क्रांति में शामिल होकर किसी असाधारण चीज़ का हिस्सा बनें। साथ मिलकर, हम एक ऐसे भविष्य को आकार दे सकते हैं जो न केवल उज्जवल हो बल्कि अधिक एकत्रित भी हो, जो प्रत्येक व्यक्ति को अपनी वास्तविक क्षमता को अपनाने के लिए सशक्त बनाए। अब समय आ गया है, और पाई नेटवर्क वह कुंजी है जो अनंत संभावनाओं की दुनिया का दरवाजा खोलती है। आइए हम इस अवसर का लाभ उठाएं और एक ऐसी यात्रा पर निकलें जो हमारे जीवन को हमेशा के लिए बदल देगी।

Pi नेटवर्क कब सफल होगा?

Pi नेटवर्क अभी भी अपने विकास और परीक्षण के चरण में है। पाई नेटवर्क को पूर्ण परियोजना और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य कब माना जाएगा, इसके लिए अभी तक कोई विशिष्ट समय सीमा उपलब्ध नहीं है। यानि टाइमलाइन निश्चित नहीं है। और ना ही हो सकती है - वो आप खुद समज सकते हैं। 

पाई नेटवर्क की सफलता का आकलन करने के लिए ये कुछ महत्वपूर्ण फेक्टर्स है। पहला है -

pi network success, pi network latest information new update


1. तकनीकी लक्ष्यों को प्राप्त करना: नेटवर्क की सुरक्षा, विश्वसनीयता और स्केलेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए पीआई नेटवर्क को महत्वपूर्ण तकनीकी लक्ष्यों को प्राप्त करने की आवश्यकता है। जो की ब्लॉकचेन और SDK  के फंक्शन ज्यादा तर बन चुके हैं। 

दूसरा हे सामुदायिक जुड़ाव: पाई की सफलता एक मजबूत और सक्रिय समुदाय के निर्माण पर निर्भर करेगी यानि की बहुत सारे पायोनियर्स मिल कर इस प्रोजेक्ट में भाग लेंगे और इसका समर्थन करेंगे। सपोर्ट करेंगे। तो पिछले साल पेंतीस मिलियन थे जो अब उससे से बढ़ कर सेंतालिस मिलियन पायोनियर्स हो चुके हैं। परन्तु सो मिलियन हो जाएं तो क्या कहने। 

तीसरा पॉइंट है - व्यावसायीकरण: यदि पाई को सफल प्रोजेक्ट बनना है, तो उसे व्यावसायीकरण योजना की आवश्यकता है, जिसमें पाई के मूल्य को बढ़ाने और वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों में इसके संभावित उपयोग की खोज शामिल हैं। यानि पाई का रोजाना दैनिक जीवन में वास्तविक उपयोग बढ़ना। उसके लिए अभी फ़िएट करंसी के उपयोग उसकी खामियां जो हे उसका सोल्यूशन अगर पाई बनता है तो इसकी सफलता निश्चित है। 

4. नियमों का अनुपालन: सफलता प्राप्त करने के लिए, पीआई नेटवर्क को उन बाजारों में कानूनी और नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन करने की आवश्यकता है जहां यह संचालित होता है। यानी क़ानूनी नीतिनियमों की कसौटी पर खरा उतरना। और KYC से यह संभव हो सकता है। 

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ब्लॉकचेन परियोजनाओं और क्रिप्टोकरेंसी को सफलता प्राप्त करने के लिए समय, विकास और सामुदायिक स्वीकृति की आवश्यकता होती है। इसलिए, Pi नेटवर्क के बारे में आधिकारिक अपडेट और जानकारी से अपडेट रहने से आपको परियोजना की प्रगति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

आगे देखते हैं - Pi नेटवर्क को एक सच्ची डिजिटल मुद्रा में बदलने के लिए, इसे कई चरणों और विकास की प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। यहां कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स दिए गए हैं जो पाई नेटवर्क अपने पाई कॉइन को फॉर्मल डिजिटल मुद्रा बनाने के लिए ये कदम उठा सकता है:

pi network kyc update, pi network in hindi,  pi network latest news, pi network kyc india,


पहला है - ब्लॉकचेन का  विकास - तो भाई पाई नेटवर्क ब्लॉकचेन की स्थिरता, सुरक्षा और स्पीड बता चूका है। 

दूसरा है युसर वेरिफिकेशन - जो kyc और वेलिडेटर्स से हो रहा है। 

आगे है एक कम्प्लीट पेमेंट सिस्टम - तो डिजिटल करंसीके रूप में पाई कॉइन का लेन देन उपयोग करने में आसान है। 

चौथा है कोमुनिटी ग्रोथ - तो वो भी दूसरे कोइन के मुकाबले अच्छा है। 

नेक्स्ट है - वास्तविक दुनिया में इसकी स्वीकृति - तो पायोनियर्स बार्टर सिस्टम से पाई से लेन देन करके इसको स्वीकृति दे चुके हैं। अब देखना है दुनिया सरकारें कब इसे स्वीकार करती हैं। 

पांचवा है पार्टनरशिप एन्ड इंटीग्रेशन - पाई कॉइन की पहुंच और उपयोगिता का विस्तार करने के लिए जरूरी हे की इ कॉमर्स के अन्य प्लेटफॉर्म अपनी वेबसाइट में अपनी एप में इस पाई को शामिल करें। 

छठा है - रेगुलेशन और लीगल फ्रेमवर्क - यानि कानूनी ढांचे का अनुपालन: क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित नियमों और कानूनी आवश्यकताओं का अनुपालन अगर पाई करता है और देश के नागरिकों के अधिकार को,  सुरक्षा को सुनिश्चित करता है तो - आज नहीं तो कल इसको मान्यता मिल सकती है - ऐसी संभावना है। 

तो इस प्रकार हमने देखा की - पाई कॉइन की ऑफिशियल डिजिटल करंसी बनने की उपलब्धि सामुदायिक विकास और स्वीकृति के साथ-साथ नियमों और कानूनी ढांचे के अनुपालन पर निर्भर करती है।


अब दुनिया में दो तरह के लोग हैं - एक पाई को प्यार करते हैं परन्तु वे कुछ नहीं जानते हैं - सिर्फ पैसा मिलेगा इस उम्मीद से शुरुआत की थी। और कुछ लोग पाई से नफरत कर रहे हैं क्योंकि वे लोग तो कुछ भी नहीं जानते हैं,  और दोनों में सामान्य बात यह है कि दोनों ही सच में कुछ नहीं जानते।  तो वे जैसे भी हैं - हे पायोनियर्स  कृपया पाई के बारे में कुछ ज्यादा जानें। और

पाई की तुलना - अन्य क्रिप्टो से न करें।  पाई इंटरनेट का सबसे बड़ा एक सामाजिक प्रयोग है जो ब्लॉकचेन-आधारित है । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि कंप्यूटर और इंसान ये दोनों का इंटरैक्शन वो भी ब्लॉकचेन का उपयोग करने में - पहेली बार हो रहा है। पाई को सिर्फ एक सामान्य क्रिप्टो की तरह न देखें। इसमें समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अर्थव्यवस्था के सिद्धांत भी शामिल है। तो अच्छी चीजें बनने में समय लगता है। पुरे अर्थव्यवस्था की क्रांति चार पांच साल में ख़त्म नहीं होती। इसलिए अगर आप इस क्रांति में जुड़े हैं तो पायोनियर बन कर डटे रहें। बिना मानसिक संतुलन गंवाए - स्थिर मन से अड्ग विश्वास के साथ मन में खुद से कहें - में जुकेगा नहीं साला। 





Crypto Payment in Web3 Enabled World

pi payment, pi network, pi new update, metamitra


 In a Web3-enabled world, where decentralized technologies and cryptocurrencies have transformed the way we interact with the internet, let's imagine a typical scenario and visualize how crypto payments seamlessly integrate into our daily online experiences.


Sarah is a freelance graphic designer who specializes in creating digital art. She has just completed a project for a client and is ready to receive payment for her work.


Sarah's Portfolio: Sarah maintains a Web3-enabled portfolio website where she showcases her artwork and offers her services. Her website is built on decentralized protocols, utilizing blockchain technology for secure storage and distribution of her digital assets.


Crypto Payment Option: Sarah includes a crypto payment option on her website to offer her clients more flexibility. Visitors to her site can choose to pay for her services using various cryptocurrencies supported by her platform.


Client Selection: A potential client, John, is impressed by Sarah's portfolio and decides to hire her for a project. He selects the desired artwork and confirms the details of the commission.


Payment Process: John proceeds to the payment section of Sarah's website, where he selects the cryptocurrency he prefers to use for the transaction. The website interfaces with a Web3-enabled wallet installed on his device.


Wallet Integration: John's Web3-enabled wallet, such as MetaMask or Trust Wallet, automatically connects to Sarah's website. The wallet securely stores his crypto assets and facilitates the transaction.


Smart Contract Interaction: A smart contract, powered by blockchain technology, is initiated between John's wallet and Sarah's portfolio website. The smart contract acts as a digital agreement, ensuring the secure transfer of funds and validating the completion of the project.


Payment Confirmation: John reviews the payment details, including the amount in the chosen cryptocurrency and the transaction fee. He confirms the payment, which triggers the smart contract to execute the transaction.


Transaction Verification: The decentralized nature of blockchain technology ensures that the transaction is verified by multiple network nodes, ensuring its authenticity and integrity.


Instant Settlement: Once the transaction is confirmed, Sarah receives the payment directly into her Web3-enabled wallet. The transaction settlement is fast and transparent, without the need for intermediaries such as banks or payment processors.


Immutable Record: The details of the transaction, including the payment amount, timestamp, and wallet addresses, are recorded on the blockchain. This creates an immutable record of the transaction history, enhancing transparency and accountability.


Value Preservation: Sarah can choose to hold the received cryptocurrency as an investment, convert it to fiat currency, or use it to make further purchases within the crypto ecosystem. The choice provides her with flexibility and potential value appreciation.


Feedback and Ratings: Once the project is completed to John's satisfaction, he can leave feedback and ratings on Sarah's portfolio website, contributing to her reputation within the Web3 ecosystem.


By embracing Web3 technologies and integrating crypto payments into online platforms, individuals like Sarah and John can engage in secure, efficient, and transparent transactions, fostering a decentralized economy with increased financial inclusivity.

------------- Lyrical way of above article -----------------

In a realm of Web3's enchanting might,

Where cryptocurrencies shimmer with digital light,

Let us embark on a poetic flight,

And visualize crypto payments, shining bright.


In a web of wonders, decentralized and free,

Where blockchain's ledger weaves a symphony,

A digital realm where trust is the key,

Cryptographic currencies dance with glee.


Imagine Sarah, a creative soul,

Whose digital art enchants us all,

Her portfolio, a Web3 haven,

Where masterpieces and dreams are woven.


A client named John, captivated by her art,

In this mystical realm, he finds a spark,

He selects the art, his heart aflutter,

And ventures forth, ready to utter.


On Sarah's site, a crypto path unfolds,

A choice to pay in currencies bold,

With Web3's magic, they align,

To weave a payment, sublime.


John's Web3 wallet, like a trusted guide,

Connects with Sarah's site, side by side,

In harmony, they join, a digital dance,

Their connection strong, built on trust's expanse.


A smart contract awakens from its sleep,

A guardian of the transaction's keep,

It ensures the payment's secure embrace,

As crypto coins traverse time and space.


With a flicker of confirmation, the transaction ignites,

The blockchain nodes validate with delight,

Through shimmering pathways, the payment soars,

A beacon of trust, forevermore.


In an instant, settlement is achieved,

As the blockchain's power is believed,

Sarah's wallet, now enriched with grace,

Holds the crypto treasure, a smile on her face.


Immutable records, etched in the chain,

A testament to trust, they shall remain,

A ledger of truth, transparent and clear,

Cryptocurrency's reign, devoid of fear.


The value preserved, a potential bloom,

For Sarah to nurture or to consume,

The crypto payment, a gateway wide,

To a realm where possibilities reside.


In this Web3's world, where dreams take flight,

Crypto payments illuminate the night,

A decentralized symphony, harmonious and grand,

Where trust and technology forever stand.


So let us embrace this digital domain,

Where crypto payments leave a lasting stain,

In a Web3 world, we join hands,

To unlock the future's magical strands.

1 पाई का तीन लाख चौदह हजार डॉलर कैसे मिल सकता है?


 

पाई का मूल्य कितना है? १ पाई का GCV रेट यानि तीन लाख चौदह हजार डॉलर कैसे मिल सकता है?  

यदि आपने उन प्रश्नों को पूछा है तो आप अकेले नहीं हैं। अनगिनत लोगों ने ये प्रश्नों को पहले पूछा था, अभी भी पूछ रहे हैं और आने वाले वर्षों में भी पूछेंगे। जिनमें मैं भी शामिल हूँ। 

हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई पाई की कीमत के विषय में किसी से बात करते हैं  तो उनके दिमाग में एक संख्या होती है या फिर कई संख्याएं भी हो सकती हैं। अब इन मूल्यांकनों के पीछे की कुछ विचारधाराएं दिलचस्प हैं और उनके विभिन्न परिदृश्य हैं या कहो विज़न हैं जो उनको उन मूल्यांकनों तक ले जा सकते हैं। सबकी अपनी अपनी अलग अलग सोच हैं और मान्यताएं भी हैं। परन्तु ऐसा क्यों? पाई के मूल्य के बारे में हर कोई इतना अलग क्यों सोचता है? सही गणना क्या है? और देखनेवाली खास बात ये है की सबसे संभावित परिदृश्य क्या है? यानि भविष्य की सटीक संभावना क्या हो सकती है ?

पाई की कीमत के बारे में इसकी खोज करने में, इसका उत्तर ढूंढने में इस दुनिया में कई सारे क्रिप्टो के विशेषज्ञ लगे हैं। हालांकि, भविष्य देखने के लिए और सटीक परिणाम जानने के लिए आप ही तरह बाकी सभी लोगों के पास कोई जादुई तिलिस्मी क्रिस्टल बॉल या कांच का गोला उपलब्ध नहीं है। अगर होता तो उसमें भी एक बार जरूर देख लेते। 

आइए पहले प्रश्न से शुरू करते हैं की पाई का मूल्य कितना है? कितनी कीमत है ? १ पाई का GCV रेट यानि तीन लाख चौदह हजार डॉलर कैसे मिल सकता है?  अगर आप सोच रहे हैं की कोई तीन लाख चौदह हजार डॉलर लेकर आए और मुझसे मेरा एक पाई मांगे तो में देने के लिए तैयार हूँ। तो ठाकुर ऐसे तो सभी तैयार हैं। परन्तु आज कोई नहीं आएगा। तो करना क्या है ? मित्रों ये कीमत लेने के लिए इस पाई को उस दिन तक वॉलेट में संभाल कर रखना है जब तक ये पाई इस कीमत के काबिल बन जाएं। फिर लाखों लोग एक्सचेंज के जरिए या फिर सीधा आपके पास पाएंगे पाई मांगने। परन्तु आज की तारीख में ये कीमत चाहिए तो सीधा डॉलर या रुपया नहीं मिलेगा। जो भी व्यापारी पाई की इस GCV कीमत पर सामान बेच रहे हैं उनका सम्पर्क करना होगा। पाई के बदले में रूपये देने के लिए भी कुछ लोग तैयार हैं। परन्तु वो एक पाई का बिस रुपया देंगे। यानि पाई बिना कुछ किए बिस रूपये के काबिल है ऐसा उनको लगता है। 

कुछ समय पहले, पाई के ऑफिशियल FAQस में जैसे कहा गया था "Pi की कीमत जीरो 0 है। यह लगभग एक साल पहले एनक्लोसड मेननेट माइग्रेशन शुरू हुआ तब की बात है । आज की तारीख में भी यदि आप पाई के चेट रूम में पाई के मॉडरेटर को पूछेंगे तो यही जवाब मिलेगा की पाई की कीमत जीरो है। 

अगर आप पाई की कीमत की जांच करने के लिए कॉइनमार्केटकैप जैसी वेबसाइट पर  जाते हैं, तो पाई की कीमत का अंदाजा एक वर्तमान मूल्यांकन चार्ट से देख सकते हैं जो "पाई" को ट्रैक करता है।

हालाँकि, एक्सचेंजों पर कोई वास्तविक पाई का कारोबार नहीं किया जाता है क्योंकि ये कनेक्शन फ़ायरवॉल द्वारा अवरुद्ध हैं। अभी सबको पता ही है की वहां जो चार्ट दीखता है, वह Pi IOUs को ट्रैक करता है, जो निश्चित रूप से वास्तविक Pi तो नहीं हैं और न ही रियल Pi ट्रेडिंग को दर्शाता है। इसके लिए ये वीडियो एक बार देख सकते हैं। https://youtu.be/7CefZRa1Hs8

इसके अतिरिक्त, दूरदर्शी यानि दूर का भविष्य देखने वाले Pi नेटवर्क के सह-संस्थापक, डॉ. निकोलस कोक्कलिस जी ने एक बार कहा था, "Pi की कीमत वही है जो पाई के पायोनियर्स इसे लायक बनाते हैं"। हम्म, वो तो है।  

अब एक ओर - लोग कह रहे हैं कि पाई की कीमत 0 है तो दूसरी ओर कुछ लोग कह रहे हैं कि यह $3लाख 14हजार, 159 डॉलर  है; और ये दोनों आंकड़े के बीच में बहुत सारे अनगिनत लोग ये सोच रहे हैं -की - तो भाई, अभी एक पाई की कौन की कीमत हम गिनें ?

आपको भी लगता यही लगता होगा, क्योकि सच्चाई अभी यही है। 

इसमें प्रत्येक पायोनियर की अपनी एक अलग कहानी है जिसकी वजह से उसने अपने दिमाग में पाई की कीमत की एक अलग संख्या तय की रखी है। उदाहरण के तौर पर - एक व्यक्ति जिसने 2 वर्षों में 3000 से ज्यादा पाई का माइनिंग किया है और पाई अभी तक वॉलेट में नहीं आए उनके विचार दूसरे पायोनियर से अलग है जिनके पास वॉलेट में ३००० पाई है । प्रत्येक पायोनियर की स्थिति इस तरह भिन्न भिन्न होने के कारण, वे लोग पाई के मूल्य को अपने नजरिए से देखते हैं और मानते भी है।

यदि आपने मेननेट चेकलिस्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और वॉलेट में गुड्स और सर्विसिस पर खर्च करने के लिए बहुत पाई है तो आप बिना किसी टेंशन के कुछ पाई खर्च करेंगे। और आपके लिए आज पाई के लायक क्या चीज है, इस पर अपना अलग दृष्टिकोण बनेगा। यानि कम कीमत पर भी आप खर्च करेंगे। परन्तु जिनके वॉलेट में सो या दो सो पाई हैं वो GCV की कीमत अपने दिमाग में सोच लेंगे। यानि एक पाई के दस या बिस डॉलर के रेट पर अभी किसी व्यापारी से प्रोडक्ट नहीं खरीदेंगे। 

संक्षिप्त में कहें तो - जितनी चदर लम्बी होगी उतने ही पैर फैलाएंगे। 

और यही बात जो व्यापारी पाई के बदले में सामान या सर्विस दे रहे हैं उनके लिए भी लागु होती है। स्वाभाविक रूप से, खरीदने वाले और बेचने वाले दोनों सबसे अच्छा सौदा करना चाहते हैं। 

तो पाई के बदले में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार करते समय पाई की कीमत प्रत्येक लेनदेन में अलग अलग होती है । ऐसा इसलिए है क्योंकि न तो अभी पाई की कोई मार्केटवेलयु  है और न ही अभी यह किसी एक्सचेंज पर लिस्टेड है। तो लोग आपस में एक दूसरे को मिल कर - ऑफलाइन - बार्टर सिस्टम से पाई से लेन देन कर रहे हैं। 

इसमें GCV यानि एक पाई की $314159 डॉलर वाले रेट का महत्त्व बढ़ जाता है। अब सामान बेचने वाला अगर पाई का भविष्य देखते हुए इस GCV की कीमत पर प्रोडक्ट बेचने को तैयार हो जाता है तो तो खरीदने वाले तुरंत मिल जाते हैं। क्योंकि खरीदने वाले वो नहीं देखते की उनके पास कितने कम या ज्यादा पाई है। वो तो इस GCV वाली कीमत से आकर्षित हो जाते हैं कहो इतने लालायित हो जाते हैं की मन करता है चलो पाई से कुछ खरीदें। हाँ। भाई ये कीमत पर तो आप भी खरीदेंगे - इंडिया में कोई वेंडर, कोई मर्चेंट या व्यापारी - कोई भी प्रोडक्ट बेचने के लिए तैयार होना चाहिए बस। है न ?

तो इसलिए ये वेल्यू बहुत अधिक हलकी है और लेनदेन का मूल्य तो इत्तु सा, छोटा, यानि नगण्य लगता है। परन्तु, क्या आप उस वैल्यूएशन पर घर खरीद सकते हैं? और गाड़ी ? नहीं, अभी तो यह बिलकुल असंभव है। यहां तक कि एक डीलर को या बेचनेवाले सेलर विक्रेता को ढूंढना भी एक बहोत बड़ी चुनौती होगी - लेकिन अगर आपको पाई के लिए घर या गाड़ी बेचने वाला कोई मिल जाए, तो वो शायद हजारों या लाखों पाई की मांग करेंगे।

तो पाई की कीमत क्या है ? उसके बारे में तीन पॉइंट बिलकुल क्लियर है। 

(१) पहला - पाई का कोई बाजार मूल्य नहीं है। यानि किसी एक्सचेंज पर लिस्टेड न होने की वजह से कुछ लोग इसकी कीमत जीरो मानेंगे। या मानते हैं।  

(२) दूसरा पॉइंट - पाई की कीमत $314159 डॉलर है। परन्तु इसके लिए वहां जाना पड़ेगा जहाँ वेंडर्स ये कीमत पर गुड्स एंड सर्विसिस ऑफर कर रहे हैं। अभी तक चाइना, विएतनाम और नाइजीरिया में ये देखा गया है। परन्तु इंडिया में - अभी तक इस GCV वाली कीमत पर प्रोडक्ट या सर्विस ऑफर करने के लिए कोई भी वेंडर , मर्चेंट या व्यापारी अभी तक सामने नहीं आया है। तो इंडिया में अभी ये GCV वाली कीमत इतनी दिखाई नहीं देती है - बोले तो इतनी प्रमोट नहीं हो रही है जितनी चाइना में हो रही है। 

(३) तीसरा पॉइंट - अभी १ पाई की कीमत - जीरो और GCV  के बिच में कुछ भी हो सकती है।  - तो इंडिया में १ पाई की कीमत का आधार व्यापारी और ग्राहक के बिच में क्या नेगोशिएशन होता है उस पर है। अब यहाँ जैसे आगे बताया उस प्रकार - ग्राहक के पास वॉलेट में कितने पाई है और वो कितने पाई में गुड्स और सर्विसिस लेने के लिए तैयार हैं इस पर निर्भर है। उदाहरण के तौर पर - टेक्सी वाले भैया हो या होटल का मालिक हो या हेर कटिंग सलून वाला - एक पाई की जो कीमत लगाता हे समजो दस डॉलर बोलता है - और वो कीमत ग्राहक देने के लिए तैयार हैं तो - उतने पाई में सौदा हो जाता है या कहो पाई से बार्टर सिस्टम का ट्रांसेक्शन भी देखने को मिलता है। 

तो मित्रों अब आप समज गए होंगे की - पाई की कीमत ट्रांसेक्शन टु ट्रांसेक्शन अलग अलग होती है क्योंकि लोग प्रत्येक लेनदेन पर पाई को अलग-अलग वैल्यूएशन देते हैं। 

इस प्रकार हम सभी के लिए - हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए, सुनहरे भविष्य के लिए - पाई को मार्केटवेल्यू की आवश्यकता होगी, और इसे प्राप्त करने के लिए, ओपन मेननेट का आना जरुरी है। क्योंकि ओपन मेंनेट में ही पाई को पूरी दुनिया में ग्लोबल एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किया जा सकता है। पाई का लिस्टिंग हो सकता है किसी एक कीमत पर - जहाँ से पूरी दुनिया इस पाई को डॉलर या रूपये से खरीद सकें। तो भैया - अगर आपके पास सो दोसों , पांचसो या हजार पाई वॉलेट में है और इसी साल ओपन मेंनेट आता है तो एक्सचेंज पर अपने पाई बेचने की मूर्खता कौन करेगा। पूर्ण तरह से इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए पाई को पहले अपने आप को, खुद को तैयार करने की जरूरत लगती है। पाई एप में जो अभी बहुत प्रोब्लेम्स आते हैं उनको अच्छी तरह से सॉल्व करने की आवश्यकता है। फटाफट KYC का रिज़ल्ट मिलना, फेसबुक से लॉगिन वाला इस्यु सॉल्व होना, माइग्रेशन हो जाने के बाद वॉलेट में पाई मिलना और टेस्टनेट इकोसिस्टम की एप्लिकेशन - अच्छी तरह से चलने लगे उसकी ज्यादा जरूरत है। तोये सब होता है तब तक शान्ति से पाई बनाते रहें। आप के पास अभी - सबसे कीमती और कभी न खत्म होने वाली चीज जो हे उसका नाम - समय है। समय का उपयोग अभी ज्यादा से ज्यादा पाई बनाने में करना है। जितने ज्यादा पाई होंगे उतने फायदे भी ज्यादा होंगे। पाई तो बहाना है , दरअसल जीवन सजाना है। तो जीवन सजाने के लिए नया नया जानते रहें और मस्त रहें। मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत। 


क्या चाइना पाई से डॉलर गिराएगा ?

मित्रों, धन या पैसा बढ़ने से - मन स्थिर बनता है। और धन की कमी के कारण मन अस्थिर बनता है। और ये कहनेवाले लोग धन को तो समझते हैं परन्तु मन को नहीं समझते है। एक तरीके से देखा जाए तो मन की स्थिरता धन से जुडी है। इसलिए मन को स्थिर और शांत रखना जरुरी है जिसके लिए धैर्य या धीरज का गुण विकसित होना जरुरी है। धैर्य से पाई का माइनिंग यज्ञ करने से मन स्थिर बनता है - और जैसे की आगे कहा - स्थिर मन से पैसा या धन भी बढ़ेगा। इस  मन और धन के खेल को समझना जरुरी लगता है क्योंकी  मन को अस्थिर करने में सिर्फ एक नेगेटिव विचार काफी है। और इसकी वजह ये है की - एक नेगेटिव विचार अपने साथ धीरे धीरे दूसरे नेगेटिव विचारों की सेना बनाता है। और उससे लड़ना फिर कठिन हो जाता है और इंसान आखिरकार हार मान लेता है। पाई की माइनिंग बंद कर देता है, पाई को निकाल देता है और जिनके पास पाई हैं वो पाई को बेच देते हैं। या बेचने के चक्कर में यु कहो किसी लुटेरासुर के शिकार बन जाते हैं। इस प्रकार एक नेगटिव विचार आपको आपके सुनहरे भविष्य से हमेशा के लिए दूर कर देता है। मित्रों, आप में से जिस व्यूअर ने भी मेटामित्र चैनल पर पाई के बारे में जो भी गलत या नेगेटिव कॉमेंट किया हैं उसको तुरंत दूर कर दिया गया है। दरअसल हम आपको नहीं  परन्तु आपके द्वारा उस नेगेटिव विचार को हम अपनी चैनल से हटा देते हैं ताकि बाकी पायोनियर के मन में वो विचार अपना नकारत्मक प्रभाव न बना सकें। ऐसे नेगेटिव कॉमेंट करनेवाले जो भी व्यूअर्स हैं वो शायद भविष्य में पाई का माइनिंग फिर से शुरू भी कर दें ऐसा हो सकता है - परन्तु उनके नेगेटिव कमेंट से दूसरे पायोनियरों को जो नुकसान होता है उसको वो रिकवर नहीं कर सकेंगे। तो आपके नेगेटिव कमेंट को दूर करने के लिए हमें क्षमा करें। पाई के बारे में अभी से कोई राय बनाना उचित नहीं। ये तो ऐसा हुआ की पिक्चर की शूटिंग चालु है और कुछ लोग अभी से कहते हैं की ये पिक्चर फ्लॉप हो जाएगा - जब की उनको पिक्चर की स्टोरी या एन्ड तक पता नहीं। उसी प्रकार पाई की फिल्म की शूटिंग अभी चालु है - इसमें किसका क्या रोल होगा, कौन कौन से नए केरेक्टर आएँगे जो कहानी में टविस्ट लाएंगे, दुनिया में कौन से देश में इसका बोल बाला ज्यादा होगा - उसका मजा लेना अभी बाकी है मेरे दोस्त। तो आगे कहा उस प्रकार ये - धन और मन के विचारों की गेम समझने का प्रयास करें। एक और गेम भी है जो इंटरनेशनल लेवल पर खेली जाती है। आइए जानते हैं कुछ देश करंसी और क्रिप्टो में अपना अधिपत्य स्थापित करने के लिए क्या कर रहे हैं।  




जब क्रिप्टोकरेंसी की बात आती है, तो दुनिया भर की सरकारें उसके वास्तविक स्वरूप को लेकर भ्रमित हो जाती हैं। जबकि कुछ इसे एक वस्तु के रूप में ब्रांड करते हैं। अमरीका की SEC - ध सिक्युरिटिस एंड कमीशन एजेंसी इस क्रिप्टो को सुरक्षा के स्वरूप में फ्रेम करने की कोशिश कर रहा है। और क्यों न हों अमरीका को पता है की कुछ देश डॉलर का प्रभाव कम करने में लगे हुए है। 



दुनिया भर के कई देश अंतरराष्ट्रीय सेटलमेंट के लिए मुद्रा या भुगतान के तरीके पर फिर से विचार कर रहे हैं। एक ओर, उनमें से कई व्यापार के लिए यू.एस. डॉलर के प्रभाव को कम करने का इरादा रखते हैं। तो दूसरी ओर, अन्य देश क्रिप्टोकरंसी को settlement के लिए स्वीकार करने के दरवाजे खोल रहे हैं।



रशिया बाहरी भुगतान के लिए क्रिप्टो का उपयोग करेगा। 

रशिया भी उनमें से एक ऐसा देश है जो क्रिप्टो के नेक्स्ट लेवल की अनुगामी दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि सेंट्रल बैंक अंतरराष्ट्रीय settlement के लिए क्रिप्टो जैसी डिजिटल मुद्राओं का उपयोग करने की संभावना पर विचार कर रहा है। वास्तव में, एक मसौदा कानून पहले से ही तैयार किया जा रहा है। 



वहां न्यू पीपुल पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ एक कार्यक्रम में, सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष ने हाल ही में कहा कि नियामक - विदेशी संस्थाओं के साथ निपटान के लिए डिजिटल संपत्ति का उपयोग कर सकते हैं। 

इस तरह के ऑपरेशन बकायदा संभव होंगे। केंद्रीय बैंक राज्य के भीतर क्रिप्टो के उपयोग का विरोध करता है। हालांकि, ऐसे फंड का इस्तेमाल बाहरी भुगतान के लिए किया जा सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि रूस में विशेष संस्थान बनाए जाएंगे जो क्रिप्टो का माइनिंग करेंगे और फॉरेन स्ट्रक्चर में क्रिप्टो का ट्रांसफर करने में एंगेज रहेंगे। ऐसे संगठन अन्य डिजिटल फाइनांस के संचालन में भी शामिल होंगे।



आगे लिखा है, रशिया भी चाइना की करंसी युआन का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पक्ष में है। रशिया के राष्ट्रपति जी ने  कहा है की रूस और चीन के बीच लगभग दो-तिहाई व्यापार युआन और रूबल के साथ होता है। उनका देश रशिया जो है वो एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के बीच पेमेंट सेटलमेंट में युआन का उपयोग करने के पक्ष में है। साथ ही, रशिया उनकी रूबल CBDC के मोर्चे पर भी प्रगति कर रहा है। 



इसके लिए रशिया क्रिप्टो के माइनिंग के लिए विशेष संस्थान विकसित कर रहा है। ये स्पेशियल इंस्टीटूशन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवहार के उद्देश्य से डिजिटल संपत्ति का उपयोग करेगा। यानि इंटरनेशनल बिज़नेस के लिए क्रिप्टो का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए रशिया देश का सेंट्रल बैंक पहले से ही एक मसौदा कानून विकसित कर रहा है। 



तो इस तरह अमरीका के दुश्मन देश के स्वरूप में रशिया और चाइना - इंटरनेशनल लेवल पर अमरीकी डॉलर का प्रभाव कम करने के प्रयत्न कर रहे हैं। चाइना की करंसी युआन मजबूत बन सकती है। और इसके साथ चाइना पाई को बढ़ावा देने की जो स्ट्रेटेजी बना रहा है वो कारन भी शायद उसकी गेम का हिस्सा हो सकता है। यानि चाइना अपनी करंसी युआन के जरिए और भविष्य में पाई के जरिए भी इंटरनेशनल लेवल पर अपना वर्चस्व  स्थापित करने की मनोवांछा रखता है। इसलिए मित्रों ! हमारे लिए भी पाई का माइनिंग करना जरुरी लगता है। 

इंडिया के क्रिप्टो एक्सपर्ट भी इस बात को समझें की  बहोत सारे क्रिप्टो है।  परन्तु इन सभी क्रिप्टो में से बाकी सारे क्रिप्टो की ऐसे ऑफलाइन मार्किट में लेनदेन इतनी नहीं दिखती जितनी पाई की दिखती है। देखिए देश या स्थान कोई भी हो, परन्तु शुरुआत होना महत्पूर्ण है। इतने सालों में किसी क्रिप्टो की कॉम्यूनिटी ने इतनी ताकत नहीं दिखाई जितनी पाई की कॉम्यूनिटी ने दिखाई है। चाइना में वहां ऐसी बहोत सी जगह पर सिर्फ पाई से ऑफलाइन बार्टरिंग करने के लिए ऐसे मेले - कहो एक्सहिबिशन या टूरिस्ट प्लेस भी बनना शुरू हो चुके है। ताकि वहां पायोनियर्स दूसरे राज्यों में से भी यहाँ इकठा हो सकें। पाई की इकोसिस्टम को धीरे धीरे मजबूत बनाने का ये प्रयास भी अच्छा है। इसलिए बाकी सब बाद में पहले पाई हाथ में। 



अब आगे दूसरा न्यूज़ आर्टिकल पढ़ते हैं - की होन्गकोंग में गेटकॉइन नाम का एक क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म था। वो गेटकॉइन एक्सचेंज को कम्पनी ने दो हजार उन्नीस में बंद कर दिया था जिसमें उसके ग्राहकों के क्रिप्टो कोइन थे।  तो उन ग्राहकों ने कोर्ट केस किया और कोर्ट ने उसका फैसला अभी सुनाया। क्या मस्त फैसला दिया है।  क्रिप्टो करंसी को ग्राहकों की प्रॉपर्टी कहा है। जी हाँ ,  कानूनी फर्म होगन लोवेल्स ने अपने ब्लॉग में ये लिखा था , यहां पूरा केस आप शांति से पढ़ सकते हैं। 



हांगकांग की अदालत ने क्रिप्टोकरेंसी को संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। यानी आभासी लगने वाले क्रिप्टो को एक डिजिटल सम्पत्ति कहा है। दोस्तों गाड़ी बंगला सोना चांदी जिसे आप देख सकते हैं वो भौतिक सम्पत्ति है उसे बेच कर पैसा मिलता है। तो उसी प्रकार ये क्रीप्टो डिजिटल सम्पति है और उसे भी बेच कर पैसा मिल सकता है। अभी भी पाई को मोबाईल में फ्री में बना सकते हैं जिसे बाद में बेच सकेंगे। तो मोबाईल में अभी भी पाई नेटवर्क एप को इंस्टॉल नहीं की है तो शुरुआत कर सकते हैं। लिंक इस मेटामित्र चैनल के वीडियो के डिस्क्रिप्शन में है। और सारे स्टेप क्लियर करने के वीडियो की लिंक भी है। 



दोस्तों वैसे तो क्रिप्टो खरीदने के लिए पैसे लगते हैं , परन्तु पाई जैसे क्रिप्टो को खरीदने के लिए पैसे नहीं सिर्फ ज्ञान और धीरज चाहिए। और पाई जैसा क्रिप्टो चला तो जीवन में भविष्य का सिन शानदार और समृद्ध हो सकता है। 



अब आगे देखते हैं , दुबई में यानि यूनाइटेड अरब अमीरात में क्रिप्टो को लेकर कोई बिस्नेज करना हो तो कर सकेंगे क्योंकि वहां उसके नियम और कानून बन रहे हैं। 



यहाँ लिखा है क्रिप्टो उद्योग बिना किसी बड़ी बाधा के विस्तार कर रहा है। बाजार के माध्यम से किसी भी संभावित घोटाले या गिरावट से बचने के लिए, सरकारें अपने नियमों को बेहतर बना रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात [यूएई] उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

क्रिप्टो का बिस्नेज करने के लिए - लायसन्स लेने के लिए आपको आवेदन करते समय क्या ध्यान में रखना चाहिए ये भी लिखा है।  अभी डिटेल में नहीं पढ़ेंगे - आगे बढ़ते हैं।  

एक आर्टिकल ये भी दिखा है। लिखा है सीरिया ने चाइनीस युआन के पक्ष में वैश्विक लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर का परित्याग करने का आग्रह किया।  सीरिया ने ब्रिक्स राष्ट्रों के नेतृत्व में प्रयास का आग्रह करते हुए वैश्विक लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर को छोड़ने का आह्वान किया है। इसके अलावा, सीरिया के राष्ट्रपति जी ने मुद्राओं से होने वाले इंटरनेशनल सेटलमेंट  के लिए चीन की करंसी युआन को अपनाने का आह्वान किया है।

मतलब की सीरिया के राष्ट्रपति जी ब्रिक्स देशों को डिडोलारीकरण के लिए कहे रहे हैं। ये इसलिए हो रहा है क्योकि अमरीका के साथ संघर्ष होने के बाद उनको अमरीकी डॉलर का त्याग करने की आवश्यकता लगी। 


इस तरफ अमेरिका को भी ये पता है की दुनिया में क्या हो रहा है। अमरीका के व्हाइट हाउस के अर्थशास्त्री जी ने एक बयान में कहा ही है कि : "कुछ सबूत" हैं कि चीन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करना चाहता है। उनके ऐसे प्रयासों का उद्देश्य ये जो डॉलर अंतरराष्ट्रीय आरक्षित मुद्रा बनकर बैठा हे उसकी ताकत को कम करना है। हम। ये ब्रिक्स देशों द्वारा डॉलर के मूल्य को कम करने का जो अभियान चल रहा है उससे अमरीका को भी डॉलर के मूल्य की रक्षा करनी पड़ेगी। 

तो इस तरह हमने देखा की कुछ देश व्यापार के लिए यू.एस. डॉलर के प्रभाव को कम करने का इरादा रखते हैं। तो कुछ देश क्रिप्टोकरंसी को settlement के लिए स्वीकार करने के दरवाजे खोल रहे हैं। तो क्रिप्टो का भविष्य धीरे धीरे बन रहा है और साथ में पाई का भी। 

पाई में पिछले कुछ दिनों में दो अपडेट दिखे हैं - पहला है - पाई का नोड जिन्होने कॉम्प्यूटर में या लेपटॉप में इंस्टॉल किया है वो लोग कोम्प्युटर में वॉलेट ओपन कर सकते हैं। पाई के मेनू में वॉलेट नाम का एक ऑप्शन दीखता है वहां क्लिक करने पर पासफ्रेज इंटर करने की स्क्रीन आती है। वहां अपने पासफ्रेज इंटर करने पर ठीक वोही पाई दीखते हैं जो मोबाईल में वॉलेट में दीखते हैं। वहां से भी पाई का लेन देन कर सकते हैं। हो सकता है - हेकेथोन के बाद डेवेलपर्स के लिए ये वॉलेट का फीचर उपलब्ध करवाया हों। 

दूसरा अपडेट ये हे की चेट रूम में नया फीचर लेंग्वेज का एड किया है। इस बटन पर क्लिक करेंगे तो ये मेसेज आएगा। लिखा है दुनिया के एक्सो पचहत्तर देशों के लोग एक जगह पर अलग अलग भाषाओ में कॉम्युनिकेशन और डिस्कशन करके पाई कॉम्युटी को आगे बढ़ाएंगे। फिर नेक्स्ट मेसेज में चैटरूम के छे नियम लिखे हैं। जिसमें वल्गैरिटी न करें, एक दूसरे का अपमान न करें, एडवर्टाइस्मेंट न करें, बिना मतलब की ज्यादा चेट न करें, किसी के साथ स्केम न करें, परसनल इन्फर्मेशन शेर न करें वगैरह वगैरह। ये इसलिए बता रहे हैं की आपने अगर इसका उल्लंघन किया और आपको मॉडरेटर ने म्यूट कर दिया तो आपका kyc नहीं आएगा या हो सकता है कुछ और पाबन्दी आप पर लगा दी जाएं। तो चैटरूम में शांति और सभ्यता से प्रश्न पूछें या अपनी बात रखें। 

मित्रों , पहेली तारीख शाम से पाई की एप ओपन नहीं हो रही थीं और कुछ लोगों को ये मेसेज दिख रहा था। उसमे चिंता करने की जरूरत नहीं है आपके पाई सेफ ही रहेंगे। अब तक ये प्रॉब्लम सॉल्व हो चूका है। पाई की एप ओपन हो रही है। पुराने पाई लौट के आ चुके हैं। तो क्रिप्टो लक्समी देवी पाई का माइनिंग यज्ञ शुरू कर सकते हैं। 


तो हे पयोनियरों ! इस पृथ्वी पर विभिन्न देशों का डॉलर गिरा कर अपनी करंसी को आगे बढ़ाने का एक युद्ध भी शुरू हो चूका है। खेलोगे नहीं तो जीतोगे कैसे ? जाओ पाई में अपनी रेफरल टीम बनाओ। चाइना की गेम भविष्य में डॉलर , युआन और पाई के समीकरण बदल सकती है। अभी ये कहना ज्यादा हो रहा हो या समझने में कठिन लग रहा होगा। जो भी हो परन्तु अभी तो पाई को पकड़ने में ही समझदारी है। पाई नेटवर्क प्रोजेक्ट अमरीका में बन रहा है। और लगभग बिसहजार क्रिप्टोकोइन में से चाइना ने सिर्फ पाई को पकड़ा है। पाई को चाइना में लोग बहुत प्रमोट करते हैं। एक पाई की तीन लाख डॉलर वाली कीमतों पर सामान बेचते हैं। मेले लगाते हैं। अब तो टूरिस्ट पॉइंट भी बनने लगे हैं। क्यों ? क्योंकि पाई लेन देन में सबसे आसान क्रिप्टो लगता है। चायवाला या सब्जीवाला कहो कॉमन मैन भी इसे बिना किसी टेक्निकल ज्ञान के सिर्फ एक मोबाईल से आसानी से उपयोग में ले सकता है। खास बात ये है की इसमें पैसों का इन्वेस्टमेंट नहीं है , बिलकुल फ्री में पाई मोबाईल में बना सकते हैं। परन्तु बनाने के लिए इसके बारे में जानना पड़ेगा अपडेट रहना पड़ेगा। तो नया नया जानते रहें, अपडेट रहें और प्रसन्न रहें। मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र मेटा मित्र। जय हिन्द जय भारत। 
 



क्या पाई पूरी दुनिया की कॉमन करंसी बन सकती है ? 💵 Pi world currency 🤑Pi Network New Update Today🤑

 


क्या पाई सुपर सॉवरेन करेंसी बन सकती है ? मेटामित्र चैनल के व्यूअर्स जो पाई में तीन साल से जुड़े हुए हैं उन्हें पता होगा की शुरुआत में पाई प्रोजेक्ट बन रहा था तब सिर्फ माइनिंग करना था, रेफरल टीम और सिक्युरिटी सर्कल बनाना था। धीरे धीरे प्रोजेक्ट में विकास होता गया। फिर इसमें वॉलेट बना, ब्लॉक एक्स्प्लोरर, मेंनेट के आठ स्टेप बने, और kyc फीचर के बाद अब इकोसिस्टम बनना शुरू हुआ है। आज की तारीख में हम देखें तो पाई के भविष्य की दिशा के बारे में सोचने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। 


पाई के व्हाइटपेपर के अनुसार पाई का दृष्टिकोण पीयर-टू-पीयर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। यानि दुनिया में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली,  क्रिप्टोकरेंसी द्वारा संचालित पीयर-टू-पीयर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना । पाई न केवल दुनिया में सभी जगह, सभी बिसनेज में इस्तेमाल की जाने वाली मुद्रा बनने के लिए तैयार है, बल्कि पाई एक ग्लोबल डिजिटल करंसी बनने के लिए भी तैयार हैं।  अब इसमें जो समस्या है वो हे   देशों की वैधता विश्वसनीयता या क़ायदेसरता । दुनिया के सभी देश में क़ानूनी तौर से स्वीकृत होना चाहिए बस।   देखिए जिस देश में सरकार होती हे वहां कानून भी होता है और उसी से वहां मुद्रा की विश्वसनीयता बनी रहती है। और ये तो सीधी बात है की - कोई भी सरकार अपने देश में दूसरी मुद्रा को स्वीकार नहीं करेगी। है न ? जब पाई को पैसे के रूप में रखा जाता है तो केवल दो संभावनाएं हो सकती हैं। या तो पाई को दुनिया के देशों द्वारा स्वीकार किया जाएगा या नहीं किया जाएगा। 

चलो अब दोनों संभावनाएं थोड़ी डिटेल में देखते हैं। पहली संभावना पर विचार करते हैं की यदि पाई को सभी देशों द्वारा स्वीकार किया जाता है - मतलब की यह संभावना सच होती है तो क्या इसका उन देशों की मुद्राओं पर कोई प्रभाव पड़ेगा ? या उनकी अर्थव्यवस्था में क्या बखड़जंतर होगा ?


वास्तव में क्या है न की - कोई भी देश पाई को अपनी मुद्रा के रूप में उपयोग नहीं करना चाहेगा क्योंकि वर्तमान में प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था की अलग-अलग क्षमताएं और अलग-अलग विशेषताएं हैं। जिसकी वजह से सभी देश के लेवल एक समान नहीं है। कोई देश बड़ा हे, धनवान है, शक्तिशाली है, और कोई देश गरीब है , छोटा है या कमज़ोर है। कहने का अर्थ है ये सभी अर्थव्यवस्थाओं को तुरंत एक दूसरे के बराबर करना संभव नहीं है। एक ही दिन में सब को समान दर्जे पर लाना संभव नहीं। सामान्य रूप से राष्ट्र के हितों और विशेष रूप से जो देशों के समूह हैं वो समूहों के हितों के विषय में ये बात नहीं है। ये बात G8, G20,BRICS,OPEC, Saarc और  Soviyet union जैसे इकोनॉमिक ग्रुप जो बने हैं उनके बारे भी नहीं है। 

तो क्या विज़न है, क्या ऐसा  परिदृश्य है मतलब ऐसा क्या होना चाहिए ताकि ये सभी देश पाई को स्वीकार करेंगे। तो भाई , पाई को अपनाने वाले देशों के लिए, पहले पाई को खुद को एक सुपर सॉवरेन मुद्रा बनना चाहिए क्योंकि ये देश पाई को एक सुपर सॉवरेन करेंसी के रूप में स्वीकार कर सकते हैं। अब जैसे इंडिया ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी सीबीडीसी की शुरुआत करने की पहल की है तो उसी प्रकार प्रत्येक देश अपनी स्वयं की सीबीडीसी क्रिप्टोकरेंसी जारी करेगा। नाम चाहे कोई भी हो। ये सीबीडीसी सभी देश की अपनी आंतरिक क्षमता के आधार पर और अपनी रणनीति के मुताबिक होगी। तो हो सकता है अब दुनिया के देश  अपनी अपनी सीबीडीसी और पाई के बीच एक विनिमय दर निर्धारित करेंगे। प्रत्येक अर्थव्यवस्था की अलग-अलग विनिमय दरें होती हैं। यदि ऐसा होता है तो सभी देश के सीबीडीसी के बीच विनिमय दरों को सूचीबद्ध करने की या लिस्टिंग करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूपांतरण और उपयोग करने के लिए ये एक कॉमन करंसी - सामान्य मुद्रा है। 


मित्रों, ये अनुमान किसके आधार पर लगाया जा सकता है ? तो आप जानते हैं कि वर्तमान में USD को एक अंतरराष्ट्रीय भुगतान मुद्रा के रूप में माना जा रहा है, हालांकि कोई आधिकारिक विनियमन नहीं है। 

कुछ कमजोर देशों को यही स्वीकार करना पड़ता है।  लेकिन बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, आत्मनिर्भरता के लिए रिसोर्सिस और महत्वाकांक्षा रखने वाले देश जैसे चीन, भारत, रशिया, ब्राजील - आदि और कई अन्य देश निश्चित रूप से ऐसा नहीं चाहते हैं। तभी तो हाल ही में रशिया ने इंटरनेशनल सौदे के चाइनीस युआन को स्वीकार किया न की अमरीकी डॉलर को। परन्तु ये शुरुआत हो चुकी है। 


वास्तव में,  वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक स्तरीय खेल के मैदान में प्रवेश करने के लिए ऐसे देशों को एक स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष मुद्रा की आवश्यकता है। जिस पर किसी देश का प्रभाव न हों। एक उदाहरण देखते हैं।

की कुछ जगहों पर नौकरी के लिए बहुत सारे उमेदवार इंटरव्यू देने जाते हैं उनमें से कई सारे प्रतिभाशाली होते हैं परन्तु सिर्फ एक उमेदवार ऐसा होता है जिसका सिलेक्शन पहेले से तय होता है। यानी ये निष्पक्ष सिलेक्शन नहीं हुआ। उम्मीद हे आप समज रहे हैं की उसी प्रकार बहोत देश ऐसे प्रतिभाशाली हैं जो डॉलर की पकड़ से बाहर निकलने के लिए विभिन्न तरीके खोज रहे हैं। इसलिए उनको एक निष्पक्ष मुद्रा की आवश्यकता है ऐसा सोच सकते हैं। 


पाई को एक सुपर सॉवरेन करेंसी के स्वरूप में अपनाने से वो भविष्य में उन देशों को लाभ मिलेगा और विशेष रूप से उनके सार्वजनिक ऋण की समस्याएं हल हो सकती है। ये एक अच्छी संभावना है। 


https://blockchain.vn/en/about


अभी तो चीन और इंडोनेशिया में पाई की जो गतिविधियां हो रही है उस पर नजर रखनी बहोत आवश्यक लगती है। वियतनाम ने एक डिजिटल राष्ट्र की ओर डिजिटल अर्थव्यवस्था की सेवा के लिए क्रिप्टोकरेंसी के निर्माण में कई निर्देश जारी किए हैं। वियतनाम के प्रधान मंत्री जी की अमरीका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की विजिट होने के बाद वियतनाम में पहेली ब्लॉकचेन एसोसिएशन की स्थापना हुई है। इसके बाद बैंकिंग एसोसिएशन और चीन के ब्लॉकचेन एसोसिएशन के बीच भी सम्मेलन हुआ है। ये सब इसलिए बता रहे हैं की वहां सरकारें जिस प्रकार ब्लॉकचेन और  क्रिप्टो में इंटरेस्ट ले रही हैं तो वहां भी सीबीडीसी जैसी उनकी क्रिप्टो करंसी आएगी जरूर। और वहां की पब्लिक भविष्य में पाई को उसी क्रिप्टो में स्वेप भी कर सकेंगी। 


पाई -> फेसबुक -> व्हॉट्स एप : व्हॉटस्टप से पाई का पेमेंट भी हो सकता है। 


आइए अब टेक्नोलॉजी के दिग्गजों यानि महारथियों की चालों का निरीक्षण करें, जिनमें से सभी ने खुद को अपग्रेड करने के लिए इंटरनेट का वेब3 चुना है । सबसे पहले मि. एलोन मस्क जी ने ट्विटर खरीदा और घोषणा की कि वह इसे कुछ सुपर एप में बदलना चाहते हैं। वो इस पर क्रिप्टो का ट्रेडिंग भी भविष्य में करवा सकते हैं। 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एपल की रेस शुरू हो चुकी है। फेसबुक ने मेटावर्स में अपना स्थान बनाने का ठान लिया है। आप सबको पता ही होगा की फेसबुक ने व्हॉट्सअप खरीद लिया था और अब गूगल पेमेंट की तरह व्हॉट्सअप से भी पेमेंट होना शुरू हो चूका है। मजेदार बात तो ये है की पाई नेटवर्क में फेसबुक से लॉगिन या एकाउन्ट बना सकते हैं और हो न हो भविष्य में इसी फेसबुक के व्हॉट्सअप से पाई के ट्रांसेक्शन अगर भविष्य में देखने को मिलते है तो पयोनियरों को तो आश्चर्य नहीं होगा बल्कि ख़ुशी होगी। है न ? जे बात।  परन्तु एक इंसान अगर एक से ज्यादा फेसबुक बना सकता है और ट्विटर अकॉउंट भी। तो अब पिक्चर में पाई की kyc का रोल सबसे महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगर मेटावर्स में कदम रखता है तो उस नए बनने वाले इंटरनेट के ब्रह्मांड में इंसानों को पहचानना बड़ा कठिन हो जाएगा।  सबके अवतार होंगे उसमें असली मानव या इंसान को पहचानने के लिए KYC काम में आ सकता है। पयोनियरों हम तो ये सिर्फ एक संभावना पर विचार कर रहे हैं - ऐसी अनंत संभावनाएं या नए विचार करने में अभी से  हमारा मन उतना सक्षम नहीं है जितना आनेवाले समय के वैज्ञानिकों का होगा। 


इसलिए टेक्नोलॉजी की क्रांति को - कहो तूफान को रोकने का सामर्थ्य किसी एक देश के बस की बात नहीं। 

और ये दूरदर्शन जिस किसी भी देश की सरकार ने पहले से यानि अभी से कर लिया है, इसे देख लिया है वो अपने देशको टेक्नोलॉजी के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार करेंगे। इस टेक्नोलॉजी के युद्ध में जितने के लिए , टिके रहने के लिए - सभी देश अपनी अपनी रणनीति तैयार करेंगे।  दोस्तों फिर तो जो भी क्रिप्टो -उसका नाम चाहे कुछ भी हो सकता है - सबसे पहले दुनिया के कोने कोने में पहुंचेगा उसको स्वीकार किया जाएगा। पाई अगर पहले पहुंचा यानि फैला तो पाई को स्वीकार करना होगा।  पाई के बदले कोई और क्रिप्टो तेज गति से दुनिया में फैला तो वो भी सुपर सॉवरेन डिजिटल करंसी बन सकता है। तो आप रिसर्च करते रहें और खोजते रहें की कौनसा ऐसा क्रिप्टो हे जो इस पाई से सरल है, KYC और ट्रांसेक्शन स्पीड तो होनी ही चाहिए उसके उपरांत सब्जी वाला या चाय वाला भी उसे आसानी से ऑपरेट करना चाहिए। 


अगर आपको लगता है की पाई एक सुपर सॉवरेन करनसी मुद्रा बनने के लिए ग्लोबल कॉमन करंसी जो कर सकती है वो ही आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है तो पाई को पकड़िए। अगर नहीं है तो पाई को छोड़ सकते हैं। 


आइए देखें कि एक सुपर सॉवरेन कॉइन कौन सी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होता है। यानि सर्वश्रेष्ठ, मुख्य या उत्तम डिजिटल एसेट कोइन बनने के लक्षण क्या होते हैं। इसमें हमारी कुछ गलती हो तो कमेंट करके सुधारने का प्रयास जरूर करें। यू आर वेलकम। 


पहला पॉइंट है ,

1. सरल होना चाहिए। उपयोग में आसान , कोई भी अपना सकता है।  विश्व क्रिप्टोकरंसीज के इतिहास में पाई के लिए यह पूरी तरह से संभव है पाई इस महान कार्य को करने वाला पहला सिक्का है। हो सकता है भविष्य में ऐसे कई प्रोजेक्ट कोइन बने जो पाई के रास्ते पर चले। उस दिशा में चले - परन्तु पाई जैसी काबिलियत और प्रसिद्धि हासिल करने में उनको भी समय लगेगा। 


अब सॉवरेन करंसी बनने के लिए दूसरे लक्षण की बात करते हैं।  लम्बे समय तक चलने के लिए पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। तो पाई की मात्रा वैसे तो 100 बिलियन है। परन्तु एक पाई का सबसे छोटा हिस्सा माइक्रो पाई कहलाता है। एक पाई के एक मिलियन टुकड़े या हिस्से हो सकते हैं। तो 100 बिलियन पाई के सभी माइक्रो गिने तो कुल 100 मिलियन बिलियन यूनिट सबसे छोटी मुद्रा के बराबर है। और इसी लिए वॉलेट में जीरो पॉइंट के बाद सात शून्य तक रखे गए हैं। जिसका अर्थ है कि करंसी के स्वरूप में इतना छोटा माइक्रो पाई का भी ट्रांसेक्शन लेन-देन में गिना जा सकता है। इस तरह पाई कम से कम अगले 100 वर्षों के लिए दुनिया की मांग को सम्पूर्ण रूप से पूरा कर सकता है। 


मनी सप्लाई फैक्टर के बारे में सोचें तो Pi कोर टीम के लिए बीस बिलियन पाई रखे जाएंगे। यह पाई 10000 अकॉउंट में विभाजित हो सकते हैं तो प्रत्येक अकॉउंट में लगभग 2 मिलियन पाई होंगे । 


सो वर्षों में हर दस साल के बाद बाजार में पाई मनी सप्लाय करने का कार्य सोचें। तो ये दशजार अकॉउंट में से  प्रत्येक चक्र में 1000 अकॉउंट विसर्जित होंगे। यानि दो बिलियन पाई की मनी सप्लाई दुनिया के बाजारों में हर दस साल के बाद करने का प्लान हो सकता है। अब कुछ फेक्टर्स है जो संचलन में धन की मात्रा को प्रभावित करते हैं जैसे कि वॉलेट लॉस हो जाने पर पाई का नुकसान होता है, फिर आर्थिक विकास दर का कारण, इन्वेस्टमेंट में उतार-चढ़ाव का फेक्टर, लॉन्ग टर्म सप्लाई -तो इन कारकों के बारे में अच्छी तरह से अध्ययन करके इन सब से उत्पन्न होने वाली समस्या के लिए पाई की कोर टीम ने रणनीति भी बनाई होगी। 


और वे सब अकॉउंट संभवतः उन देशों के लिए होंगे यानि वो देश जो पाई को ग्लोबल कॉमन पेमेंट के स्वरूप में स्वीकार करते हैं। Pi कोर टीम सभी देश को उसकी अर्थव्यवस्था के माप के आधार पर एलोकेट करेगी या डिस्ट्रीब्यूट करेगी। उस देश का फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व या कुछ और एडिशनल रूट के जरिए भी ये अलोकेशन हो सकता है। इस तरह दुनिया के सभी देशों को पाई के इकोसिस्टम में जॉइंट होने के लिए वॉलेट और उसके साथ उनके वॉलेट में पाई भी होने चाहिए - तो इसका प्रबंध हो रहा है। 


आगे तीसरा लक्षण देखते हैं जो सुपर सॉवरेन करंसी बनने के लिए होना चाहिए। 

वो हे - किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा हेरफेर नहीं किया जाना चाहिए। मित्रों यदि Pi का ब्लॉकचेन नेटवर्क इच्छित दिशा में संचालित होता है तो Pi निश्चित रूप से इसे भी पूरा करेगा। यह एक विशेष प्रकार का डिजिटल रिसोर्स बन जाएगा और अत्यंत दुर्लभ होगा जब इसने बिना किसी स्टैण्डर्ड के अपना मूल्य स्थापित कर लिया होगा। मनी का इतिहास देखा जाएं तो सभी करंसीयो को मूल्य स्थापित करने और स्थिर करने के लिए अनिवार्य रूप से किसी प्रकार के स्टैण्डर्ड स्थापित करने की आवश्यकता होती है।


ध्यान से सुने, पाई का स्टैण्डर्ड - डिमांड और सप्लाई के वास्तविक कानून द्वारा मापा जाएगा न कि अभी जो कण्ट्रोलेड डिमांड और सप्लाय हे उस प्रकार के कानून से। अभी वर्तमान में  सप्लाई और डिमांड के कानून में ज्यादातर अमरीकी डालर द्वारा मैनिपुलेट यानि हेरफेर किया जा रहा है। वो भी फेडरल इंटरेस्ट रेट के मुताबिक। उम्मीद हे आप समज रहे हैं। यहाँ पाई के लिए केवल एक चीज की जरूरत है, वह है गुड्स और सर्विसिस की मांग। जब नेचरल डिमांड होगी तो सप्लाई भी होगी और यही चीज सबसे रिअलिस्टिक स्टैण्डर्ड है।


चौथा आगे लक्षण जो सुपर सॉवरेन करंसी बनने के लिए होना चाहिए उसमें कुछ अन्य फेक्टर्स हे जो टेक्नोलॉजी पर निर्भर करते हैं। जैसे की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा। जो लोग ब्लॉकचेन नेटवर्क को समझते हैं, वो  इस फैक्टर को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि पाई क्रिप्टो करंसी की दुनिया में नंबर वन है।  


तो एक सुपर सॉवरेन करंसी के बारे में बात की जाए तो अभी ये चार पॉइंट में से सिर्फ एक चौथा पॉइंट पाई में है। यानि चौथे पॉइंट का लक्षण पाई में है जिससे पाई सुपर सॉवरेन करंसी बन सकता है उसका परीक्षण जारी है। 


परन्तु जब ओपन मेंनेट आता है तो निश्चित रूप से यह सुपर सॉवरेन करंसी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक है। यानि इन चार पॉइंट के आलावा दूसरे लक्षण भी पाई में होंगे जिससे पाई सुपर सॉवरेन करंसी बनने के लिए अपना स्थान मजबूत बना लेगा। 


और अगर यह पहली संभावना सच होती है यानि सभी देश पाई को स्वीकार करते हैं तो ये GCV की जो विवादास्पद कहानी हे वो एक वास्तविकता बन जाएगी। यानि GCV - ग्लोबल कनसेन्स वेल्यू सच हो सकती है। 


उस समय सभी पायनियर्स - अपने देश के नेशनल फॉरेन करंसी रिज़र्व के निर्माण में योगदान देनेवाले महान व्यक्ति होंगे। उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। 


तब यह पूरी तरह संभव है कि निश्चित रूप से हम बहुत अमीर होंगे। तब लगेगा की इस तरह दूर दृष्टि रखने वाले हम सब पयोनियरों के लिए अमीर बनना कितना सरल  था नहीं ? - लेकिन ऐसा होने में कितना समय लगता है है वो देखना है। ये धैर्य की एक जबरदस्त रोमांचक कहानी है जो सच हुई तो अपने पोतों पोतियों को गर्व से सुनाएंगे। 


अब हम दूसरी संभावना पर भी एक बार विचार कर लेते हैं। की क्या होगा अगर पाई को सभी देश स्वीकार नहीं करते हैं। या फिर कुछ देश मान्यता देंगे और कुछ नहीं देंगे या देर से देंगे। जब पाई को सभी देशों द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है, तो ये किसी भी देश में सर्क्युलेट नहीं होगा। केवल पाई के ब्लॉकचैन नेटवर्क पर पाई की इकोसिस्टम में ये चलेगा। कुछ देश में अगर पाई को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं मिलती है तो पाई भी बिटकॉइन की तरह डिजिटल एसेट रहेगा। हो सकता है पाई दूसरे क्रिप्टो की तरह सिर्फ एक अवैध, गैरकानूनी मुद्रा बन के रह जाए जो कई आपराधिक संगठनों के लिए, स्मगलर्स के लिए - मनी लॉन्ड्रिंग चैनल बन सकती है।  

और एक तरह से उस देश की सरकार के लिए सिरदर्द बन सकती है। 


यदि पाई पर जो भी देश पाबंदी लगाता हे तो वहां इसे दूसरे क्रिप्टो की तरह नहीं रखा जा सकता है।  यदि यह गैरकानूनी बनता है तो यह दुनिया में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी नहीं बन सकती है। सभी देश इसे अस्वीकार करते है तो पाई के व्हाइट पेपर में जो विजन हे वो अर्थहीन हो जाता है। 


लेकिन लेकिन लेकिन - पाई की टेक्निकल मजबूती , स्टेलर कनसेन्स प्रोटोकॉल जो आई इस आई द्वारा मान्य है - उससे पता चलता है कि यह पाई नेटवर्क प्रोजेक्ट कोई घोटाला या स्केम नहीं है। इसलिए यह दूसरी संभावना बहुत दुर्लभ है। दूसरे शब्दों में कहें तो पाई को गैरकानूनी क्रिप्टो या डिजिटल एसेट मान कर उसे अस्वीकार करने की संभावना या चान्सिस बहुत कम है। बहुत कम। इसलिए चिंता करने की जरूरत ही नहीं लगती। 


जैसा कि व्हाइटपेपर में कहा गया है कि यह एक बड़ा विज़न है जो धीरे-धीरे चरणों में प्रकट होने वाला है। 

पाई कोर टीम तो केवल इस मिशन को पूरा करने के लिए सौंपे गए लोग हैं, उनके पीछे एक नेतृत्व टीम और एक रणनीतिक स्टाफ हो सकता है जो कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट हों। उनके बेकअप में ऐसे माहिर योद्धा हो सकते हैं जो अपने क्षेत्र में धुरंधर हों। 

चाइना और विएतनाम की सरकारों को शायद ये बात समज में आ गई है। इसलिए वो इसको समर्थन दे रहे हों और वहां व्यापारियों को भी GCV की कीमत पर व्यापार करने में अभी कोई रोक टोक या पाबंदी नहीं दिखती है। 


बहुत कुछ कहना है , परन्तु इस वीडियो को समाप्त करना भी जरुरी है। 

लास्ट में - कुछ चीजों पर ध्यान रखना जरुरी है वो जानते हैं। इस समय पाई को किसी भी प्रकार से बेचने की गलती नहीं करनी है।  अपने देश के बाहर की चीजें पाई से खरीदने की गलती भी नहीं करनी है। अगर हम पाई को ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए विदेश में जाने देते हैं तो हम राष्ट्र के खिलाफ अपराध करते हैं। ये किसी भी कारण से न करें।  अगर हम गरीब हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कुछ और थोड़े समय के लिए गरीब रहें । परन्तु यदि हम अपनी कठिनाइयों से तात्कालिक छुटकारा पाने के लिए पाई को शुरुआत में बेच देंगे तो तो हम भविष्य में अपने और अपने परिवारों के लिए बड़ी समस्याएँ खड़ी करेंगे। ये पाई की गेम सिर्फ एक्सचेंज, KYC और इकोसिस्टम तक सिमित नहीं है। इसकी जिंदगी बड़ी लम्बी है - ब्रह्मास्त्र की तरह इसका प्रभाव देखना अभी बाकी हैं। समजो आपको एक तरह से पाई का बहुत बड़ा खेत मिल गया है - इसमें अनेक तरह की फसल उगने में और इसे जंगल बनने में समय लगेगा। जंगल से कितने लाभ होते हैं वो सोचें। और खेत को नष्ट कर देंगे तो क्या होगा वो सोचें। 


यदि पहली संभावना सच होती है तो musk या अमेज़ॅन या पाई के पीछे जो भी बड़ा आदमी है उसे भूल जाइए। क्योंकि तब सिर्फ वो ही अकेले नहीं होंगे जिन्हें पाई की है। पाई का काम उसके ग्लोबल मिशन में अपनी भूमिका अच्छे से निभाना है ताकि पाई वास्तव में एक सुपर सॉवरेन करेंसी बन सके। 


हम सब पायोनियर पाई की कॉम्यूनिटी कहलाते हैं चलो एक समुदाय के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। 

पाई जीवन की गाड़ी की हेडलाइट से निकलता हुआ प्रकाश है। उसको पकड़ने की कोशिश न करें बल्कि उसी के साथ अपने जीवन की गाड़ी चलाना सीखना है। 


प्रत्येक युग में धन वितरण की एक प्रक्रिया होती है। इस युग में, धन अब कड़ी मेहनत का प्रतिफल नहीं है, बल्कि समझ का प्रतिफल है। अपनी समज बढ़ाएं। देखिए अवसर संदेह से शुरू होता है, विकसित तर्क से होता है और जीवन में मिलनेवाले जयजयकार और वाहवाही के शब्दों के साथ समाप्त होता है! तो उत्तम अवसर पकड़ने के लिए नया नया जानते रहें और प्रसन्न रहें। मेटामित्र के साथ जुड़े रहें। मेरामित्र मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत।




Pi Network GCV in India || GCV kya hai ?

Pi Network GCV in India,GCV kya hai,pi network gcv,gcv pi network,gcv kimat,pi gcv,pi ki kimat,pi ki value,pi ki kimat india me,pi network,pi network new update,


१ पाई की कितनी कीमत है ? 

ये GCV क्या है ? 

पाई के बदले में चीजवस्तुएं खरीद सकते हैं ?  कहाँ से खरीदें  ?

GCV कीमत पर कौन बेचता है ? क्या अभी पाई को खरीदना या बेचना चाहिए ? 

लॉन्च कब होगा ? लॉन्च होने पर कितनी प्राइस होगी ? 

क्या कभी एक्सचेंज पर ये GCV की प्राइस आ सकती है ? 

आए तो कौनसे एक्सचेंज पर बेचना उचित रहेगा ? -  

ओहो कितने सवाल पयोनियरों के मन में ? ख़ास करके इण्डिया के पायोनियरों के मन में कब से उछल कूद कर रहे हैं। 

आजे आमांथी थोडू घणु जानिशु। 

ये GCV का पूरा नाम है - ग्लोबल कनसेन्स वेल्यू।  यानी वैश्विक सहमति मूल्य। अब ये शब्द कहाँ से शुरू हुआ , किसने किया और क्यों किया इसकी जानकारी लेने से पहले इस GCV में १ पाई की जो कीमत तय की है वो देखते हैं।  तो भाई एक पाई की कीमत तीन लाख चौदह हजार एक सो उनसठ यु इस डॉलर तय की गई है। और रूपये में कन्वर्ट करते हैं तो ये ढाई करोड़ रूपये के आस पास होती  है। 

314,159.00 US Dollars = 25,818,561.41 Indian Rupees



कुछ लोग ये बार बार पूछते हैं की क्या पाई लॉन्च हो गया है? तो इसका जवाब हे हाँ. पाई का मेंनेट लॉन्च हो गया है और पायोनियरों को पाई वॉलेट में मिलते हैं। दोस्तों पाई की एप में जो पाई दीखते हैं उनको वॉलेट में लाना होता है। उसके लिए पाई ब्राउजर नाम की दूसरी एप मोबाईल में इंस्टॉल करनी पड़ेगी। आप पाई को पाई एप में लाइटनिंग बटन पर क्लिक करके बनाते तो हैं परन्तु उसका उपयोग करने के लिए ये दूसरी एप जिसका नाम हे पाई ब्राउजर उसमे ये वॉलेट करके ऑप्शन हे उसमें लाना होता है और वही से आप अपने पाई का उपयोग कर सकते हैं। अब ये जो मेंनेट लॉन्च हुआ है वो एनक्लोसेड हैं। यानी आप सिर्फ वोही पाई के पायोनियर के साथ पाई से लेन देन कर सकेंगे जिसने आप ही की तरह मेंनेट चेकलिस्ट के आठ स्टेप क्लियर कर दिए हैं। तो उनके साथ पाई से बार्टर सिस्टम से प्रोडक्ट और सर्विस ले सकते हैं और आप अपनी प्रोडक्ट बेच भी सकते हैं। परन्तु पाई को फ़िएट करंसी जैसे की डॉलर या रूपये में अभी बदल नहीं सकेंगे। और ना ही पाई को रूपये के बदले में बेचना है। पाई को किसी दूसरी क्रिप्टो करनसी में भी कन्वर्ट करने की अनुमति नहीं है। एक बार मेंनेट पूरी तरह से ओपन हो जाए यानी ये फायरवॉल को हटा दिया जाएगा तब आप पाई को किसी भी एक्सचेंज पर बेच सकेंगे और पाई को दूसरी क्रिप्टो में , या करनसी के बदले में बेच सकेंगे। तो अभी पाई के बदले में सिर्फ गुड्स और सर्विसिस का आदान प्रदान कर सकते हैं। आप किसी भी देश में रहते हों ये बार्टर सिस्टम किसी भी कानून के खिलाफ नहीं है। अब सवाल आता है ख़रीदे कहाँ से - तो भाई अभी तो स्कैमर्स सक्रिय हो गए हैं इस लिए ओपन मेंनेट आने तक कुछ न करें तो बहेतर है। परन्तु फिर भी आप पाई से कुछ खरीदना चाहते हैं तो अपने एरिया में अपनी सोसायटी में या कहीं भी फेस टु फेस खरीदें। पायोनियर जो प्रोडक्ट और सर्विस बेचता है उनसे मिल कर पाई से बार्टर सिस्टम से सौदा करें। अगर आप मर्चेन्ट हैं तो कुछ और व्यापारियों के साथ मिल कर कहीं खुली जगह पर या बड़े हॉल में मेला लगाएं और पयोनियरों को पाई के बदले में प्रोडक्ट बेच सकते हैं। परन्तु हाँ इसमें कीमत आप आपस में मिल कर तय कर सकते हैं।

अब  gcv - यानि पाई का वैश्विक सहमति मूल्य का कहाँ से उद्भव हुआ ये जानते हैं। 

केनेडा में डोरिस यिन करके महिला हैं वो और नाइजीरिया की कॉम्यूनिटी में मिस्टर वुडी करके एक लीडर हैं वो - इन्होने कुछ मर्चेंट्स के साथ सम्मेलन किया था। इसमें क्या हुआ था वो डोरिस यिन ने खुद कहा है वो जानते हैं। 

अभी 14 , मार्च को मिस डोरिस यिन ने सबको अपनी स्पीच में कहा है की - पाई नेटवर्क हमारे लिए नवीन विचारधारा है, समय को पार करने की अवधारणा है। भविष्य की सायंस और टेक्नोलॉजी की क्रांति जैसी Web3  पब्लिक चैन जो है वो ग्लोबल  वैश्विक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निपटान मुद्रा के कार्य और मिशन को वहन करती है,यानि ग्लोबल इंटरनेटशनल फाइनांस सेटलमेंट के लिए जो करंसी की जरूरत है उसके सभी लक्षण इस पाई में मौजूद है। दुनिया को तत्काल सुपर-सॉवरेन करेंसी के जन्म की आवश्यकता है , डी-डॉलरकरण अपनी राह पर चल रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के संकट के समय में स्टेबल कोइन की तत्काल आवश्यकता है।

पाई नेटवर्क अब अपने सबसे महत्वपूर्ण क्षण पर पहुंच गया है। मेननेट आ रहा है, और सभी तकनीकी समस्याएं ठीक से हल हो गई हैं। मेननेट ओपन सोर्स कोड अब अपने अंत के करीब है। दूसरा हैकाथॉन भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जिसका अर्थ है कि विभिन्न प्रकार की पारिस्थितिक समृद्धि होगी। और इस इकोसिस्टम की समृद्धि और स्थिरता को स्थिर कीमतों से अलग नहीं किया जा सकता है। 

आगे इन्होने कहा है - GCV - ग्लोबल कन्सेंसस वेल्यू - यानि एक पाई की कीमत तीन लाख चौदह हजार डॉलर -  जो सर्वसम्मति से शुरू होने वाला मूल्य है। ये वो कीमत है जिसे हमारे पायोनियर्स संयुक्त रूप से बनाते हैं। जीसीवी की आम सहमति पहली बार चीन में पाई कोमुनिटी के लीडर्स द्वारा शुरू की गई थी, और मार्च 2022 से, कॉम्यूनिटी में एनालिसिस, रिसर्च के बाद पायोनियरों का वोटिंग किया गया था। और इससे जीसीवी यानि पाई की कीमत की सहमति 80% तक पहुंच गई है। चीन में अलग अलग कॉम्यूनिटी में , क्लब्स में और मर्चेन्ट के एसोशियन में पाई के पयोनियरों द्वारा सबकी सहमति से  इसको पुरे जोर  से  समर्थन मिला है। मित्रों, चाइना में लगभग सभी मर्चेंट्स, रिटेलर और होलसेलर एक पाई की इस तीन लाख डॉलर वाली कीमत पर प्रोडक्ट और सर्विस देने के लिए तैयार हैं। और हमें तो लगता है की गवर्मेंट का भी सपोर्ट इसमें कहीं न कहीं हे। 

श्रीमति डोरिस यिन की, और नाइजीरिया में पाई रिवोल्यूशन करके एक कॉम्यूनिटी चलाने वाले उसके संस्थापक मि. वुडी की कुछ मर्चेंट्स के साथ मीटिंग हुई थी। ये सम्मेलन मीटिंग पिछले साल मई 2022 के मध्य में हुई थी। जिसमें इस सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी पायोनियरों ने पहले तो इस GCV कीमत का मजाक उड़ाया था । उस समय विदेश में , एक पाई की कीमत 100 डॉलर थी। बाद में उस सम्मेलन में अन्य व्यापारियों और नेताओं द्वारा 2 घंटे के भाषण में GCV पर विस्तार से चर्चा की गई। और GCV को सबकी सहमति मिली। इस कीमत के पीछे छिपे हुए सैद्धांतिक आधार को फिर वैश्विक समुदाय से एक मजबूत प्रतिक्रिया मिली । उसके बाद अब तो कई मर्चेंट्स एक पाई की ये GCV कीमत पर गुड्स और सर्विसिस बेचते हैं। 

उसके बाद वुडी और डोरिस ने UK सहित विभिन्न देशों के पयोनियरों और लीडर्स के सवालों का जवाब दिया और पायनियर्स ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया, उस बैठक के बाद 314159 यु एस डॉलर की वैश्विक सहमति मूल्य को स्वीकार किया।  अरे वाह मजा आ रहा है , है न ? सुनते रहें।  — डोरिस यिन की स्क्रिप्ट में आगे कहा है -

GCV की कीमत डिसाइड करने के बाद, चाइनीस कॉम्यूनिटी ने व्यापारियों को जोड़ने के लिए जोरदार काम शुरू किया है। चीन में दो महीने से भी कम समय में लगभग 2000 व्यापारी तैयार हुए थे जो जीसीवी का समर्थन करते थे और पाई चेन मोल में रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते थे । हालांकि, उसी वक्त पाई चैन मोल कि सिस्टम हैक हुई थी। तो इसे पूरी तरह से कार्यरत होने देरी हुई, तो व्यापारियों ने कहा था कि वहां अपने उत्पादों को ऑनलाइन रखना मुश्किल हो रहा है। पाई चेन मोल ने बाद में घोषणा की कि सिस्टम को अपग्रेड करने की जरूरत है, तो कुछ व्यापारियों ने विश्वास और धैर्य खो दिया और उनमें से कई ने छोड़ दिया। लेकिन अभी भी कई व्यापारियों को जीसीवी मूल्य के साथ बार्टर करना था तो इस वजह से, चीन के विभिन्न शहरों में जोरदार ऑफ़लाइन वस्तु विनिमय शुरू हुआ। विभिन्न शहरों में लगभग 300 क्लब स्थापित किए गए हैं, कुछ कंपनियां पीआई पेमेंट को स्वीकार करती हैं। एक डीजेड इंटरनेशनल कम्पनी भी हे जो अमेरिकी उद्योगपति डेविड जी द्वारा स्थापित की गई है वहां पर भी पाई के GCV मूल्य पर प्रोडक्ट बिकती है। चीन में आर्थिक कठिनाइयों के कारण बहोत सारे व्यापारी पाई को पेमेंट के रूप में स्वीकार करना चाहते हैं । क्योंकि वहां लोगों के पास खरीदने का पैसा नहीं है। 

यूँ समजो पैसों का पर्चेसिंग पावर नहीं है तो बहुत सारे प्रोडक्ट का फूल स्टॉक खड़ा हो गया है। व्यापारियों का भी अपनी प्रोडक्ट के स्टॉकिंग में बहुत पैसा खर्च हो रहा है। उन्हें लगता है की उनके प्रोडक्ट बाइक नहीं तो कुछ प्रोडक्ट पड़े पड़े ही एक्सपायर हो जाएंगे। इस वजह से हमें लगता है कि Pi पेमेंट से अर्थव्यवस्था को ठीक होने और बढ़ने में मदद मिल सकती है। इसी के साथ अधिक पायोनियरों को जागरूक करने के लिए की Pi एक करंसी है इसलिए कीमत GCV पर तय की गई है। अब चीन में लगभग सभी ऑफ़लाइन वस्तु विनिमय में इस जीसीवी का उपयोग होता है। 


अब पहले rmb का मतलब समझते हैं। यहाँ rmb का मतलब रेनमिम्बी है। ये रेनमिम्बी चाइना की ऑफिशियल डिजिटल करंसी है। इसकी कीमत चाइनीस युआन के बराबर है। जिस प्रकार इंडिया में रुपया और सी बी डी सी है उसी तरह। डोरिस यिन ने ये कुछ आंकड़े दिखाए हैं जो rmb में हैं। यहाँ लगभग पचास मिलियन rmb के ट्रांसेक्शन हुए हैं ऐसा कहा गया है। तीनसौ शहरों के व्यापारियों ने   मिलकर सभी दैनिक आवश्यकताओं जैसे की फ़ूड, न्यूट्रिशन, कॉस्मेटिक्स, सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, जूते, घरेलू उपकरण, कच्चे तेल, स्मार्ट बिजली, मोटर वेहिकल के लुब्रिकेंट आदि सहित कई प्रकार के वस्तु विनिमय किए हैं। मित्रों, देखने वाली बात ये है की चीन में कई पायोनियरों का अभी kyc ही नहीं हुआ है, तो ये लोग एक कॉन्ट्रैक्ट जैसा डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर करके ये वचन देते हैं की उनके वॉलेट में पाई आने पर बाद में पाई को ट्रांसफर करेंगे। जो की पाई की ऑफिशियल टीम ने ऐसे कॉन्ट्रक्ट करने की अनुमति नहीं दी है, परन्तु सुनता कौन है ! 


आगे कहा है , चाइना पायोनियर क्लब के स्थापक मि. ज़ोउ ने लगभग तीनसौ शहरों के पयोनियरों को इकट्ठा किया हे और पाई का ज्ञान देते हैं।  जिसमें kYC प्रोसेस, वॉलेट और माइग्रेशन के साथ ब्लॉकचेन का और आने वाले इंटरनेट के भविष्य का ज्ञान देकर पाई की GCV क्यों महत्वपूर्ण है वो समझाते हैं। इसलिए वहां के व्यापारी इस GCV की कीमत पर सहमति दिखा सकें। 


होटल का बिसनेज चलानेवाले पायोनियर पूरी होटल में से एक दो कमरे इस पाई से पेमेंट करने वालों के लिए रिज़र्व रखते हैं। 


डोरिस यिन ने एक और महत्वपूर्ण बात की है - वो ये है की साऊथ चाइना में गुआन शिंग प्रान्त में नेनिंग नाम का एक शहर है। वहां लगभग छे सो के आस पास फ़ास्ट फ़ूड के स्टॉल लगे हैं जिसमें वहां की लोकल गवर्मेंट ने डोनेशन दिया है। ये सभी स्टॉल में १ पाई की इस GCV वाली कीमत पर पायोनियर फास्टफूड का आनंद लेते हैं। तो ऐसी खाऊगली यानि फ़ूड स्ट्रीट बनना शुरू हो गई है जिसमे सरकार का भी सहयोग है। 


नेक्स्ट स्लाइड में कहा है - हाल ही में, ज़िक्सिन मॉल और चाइना वेजिटेबल नेटवर्क ने हैकाथॉन में भाग लिया, और वे भी GCV कीमतों का समर्थन करते हैं। उनमें से, चाइना वेजिटेबल नेटवर्क जो हे वो मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी चाइना द्वारा रेकमेंड किया हुआ प्लेटफॉर्म है। इसके आलावा कुछ ऐसे मार्केटप्लेस भी हैं जो हैकाथॉन में ऑनलाइन नहीं हैं परन्तु ऑफलाइन जीसीवी का समर्थन करते हैं। जिनमें पाईमोल, पाई चेन टूर, और पाई इको-सिटी आदि शामिल हैं।


और भी ये तीन चार स्लाइड हैं जिन्हें आप शांति से पढ़ सकते हैं। ये सभी उसी सिद्धातों पर उसी तरीके से पाई का बार्टर करते हैं जो आगे बताया है। ये सब समझाने के लिए वीडियो बहोत लम्बा हो जायेगा। 


अंत में एक लम्बा भाषण दिया है वो देखते हैं -कहा है - अतीत को देखते हुए, आइए हम अपने विश्वास को मजबूत करें और अपने मूल इरादे को कभी न भूलें; भविष्य को देखते हुए, आइए हम दुनिया को देखें।  आत्मविश्वास से भरपूर, Pi Network चार साल के उतार-चढ़ाव के बाद, निडर होकर आगे बढ़ने के लिए हमारे दिलों में गहराई से समाया हुआ है। यह न केवल हमारे जीवन का , आशा और आजीविका का एक हिस्सा है, बल्कि लक्ष्य और विश्वास भी है जिसके लिए हम प्रयास करते हैं। कोर टीम के दृष्टिकोण ने हमें अपने लक्ष्यों पर स्पष्टता दी है, हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है।   जो मर्चेंट्स दूर का देखते हैं , भविष्य का सोचते हैं वे तूफानों से नहीं डरते, और ऐसे व्यापारियोंने GCV पर चलने वाले इकोसिस्टम में महान योगदान दिया है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो जीसीवी का समर्थन करते हैं। साधारण पायनियर जो इकोसिस्टम बनाने के लिए चुपचाप भुगतान करते हैं ऐसे पायोनियर इसका मुख्य आधार बन जाते हैं। पाई पेमेंट निश्चित रूप से हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाएगा।


GCV सहमति खत्म नहीं हुई है, ओपन मेननेट की समृद्धि और स्थिरता के लिए व्यापारियों को पायोनियरों से भी समर्थन मिलना चाहिए । देखिए व्यापारियों को बाजार में स्थिर कीमतों की आवश्यकता होती है , ताकि अगर पाई की कीमत स्थिर रहती है तो उन्हें भी ज्यादा नुकसान की चिंता न रहें। 


पाई की ऑफिशियल कोर टीम ने हाल ही में #whatIDoForPi हैशटैग का अभियान चलाया है। तो उसमें बहोत लोगों ने GCV का समर्थन करते हुए अपनी अभिव्यक्ति एक छोटे से वीडियो द्वारा दिखाई है। इसको बहोत तेजी से रिस्पॉन्स मिला है। इससे पाई नेटवर्क कॉम्यूनिटी के बाहर की दुनिया में रहने वाले भी आकर्षित हुए हैं। 


तो मित्रों , अब जान चुके हैं की gcv यानी एक पाई की ढाई करोड़ रूपये की कीमत। परन्तु क्या ये कीमत सच में इंडिया में मिल सकती हैं ? क्या एक पाई के बदले में इतने रूपये मिल सकते हैं ? कौन देगा ? तो भाई सही जवाब हे की अभी तो इतने रूपये में यानि एक पाई के बदले में - इतने रूपये की कीमत का सामान खरीद सकते हैं। वो भी इस चाइनीस व्यापारियों से। परन्तु इसमें स्कैमर्स का बहोत ध्यान रखना पड़ेगा। दूसरी बात हे की जब ओपन मेंनेट आएगा तो हो सकता है ये कीमत एक्सचेंज पर न मिले या इससे कम रेट पर पाई का लिस्टिंग देखने को मिले। तो तब उस क्रिप्टो एक्सचेंज पर इंडिया के पायोनियर पाई को बेच सकेंगे। याद रहें जितने भी पाई बेचेंगे वो सब प्रॉफिट गिना जाएगा। उदाहरण के तौर पर - आपने दस हजार रूपये के पाई बेचे तो पुरे के पुरे दस हजार रूपये को प्रॉफिट ही गिना जायेगा। भारत में  ३०% क्रिप्टो टेक्स के हिसाब से सबसे पहले तीन हजार रूपये तो बड़े प्यार से टेक्स भरने के लिए साइड में रख दें। और बाकीके सात हजार रूपये ही आनंद पूर्वक , बड़े उत्साह से खर्च कर सकते हैं। ये एक उदाहरण दिया था। 


अब gcv के मूल्य पर सामान और सर्विस बेचने वालों को घाटा हो सकता हे अगर ये पाई इस GCV से कम कीमत पर किसी एक्सचेंज पर लिस्ट होता है। विविध सोशियल मीडिया जैसे की रेडिट, डिस्कॉर्ड, टेलीग्राम, फेसबुक और खास करके टवीटर पर पाई के बारे में, इस GCV के बारे में बहोत चर्चाएं होती रहती है। तो टवीटर इंस्टॉल करके रखें। वहां पर हमलोग हिंदी में स्पेस नामकी ऑडियो कॉन्फ्रेंस कॉलिंग फेसिलिटी का उपयोग करते हैं और पाई की चर्चा करते हैं। वहां जतिन जी, शिवा जी, अंशुल जी, के साथ और भी एक्सपर्ट्स से मार्गदर्शन मिल सकता है। जैसे की एक व्यूअर ने पूछा था पाई की टीम पैसे कब देगी या ये सारे पाई कब खरीदेगी। तो मित्रों पाई की टीम आपको पाई के बदले में पैसे नहीं देने वाली। पाई अपने ओपन मेंनेट के चरण में किसी क्रिप्टो  एक्सचेंज पर लिस्ट होगा। पाई को वो एक्सचेंज पर से पूरी दुनिया में से वो लोग खरीदेंगे जो इस पाई के प्रोजेक्ट को अच्छी तरह समझेंगे। पाई से चलने वाली इकोसिस्टम यानि विभिन्न एप्लिकेशन का पायोनियर इस्तेमाल करेंगे। तब समय के साथ साथ पाई की कीमत धीरे धीरे आगे बढ़ेगी ऐसा मानना है। किसी भी क्रिप्टो को रूपये में खरीदने की सलाह हम नहीं देते। 


पाई नेटवर्क अभी भी अपने शुरुआती चरण में है और यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि यह समय के साथ कैसे विकसित होगा। विभिन्न कारकों के आधार पर पाई की कीमत ऊपर या नीचे जा सकती है। 


यह याद रखना भी महत्वपूर्ण है कि क्रिप्टोक्यूरेंसी एक अत्यधिक अस्थिर बाजार है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि किसी भी क्रिप्टो की कीमत सिर्फ और सिर्फ बढ़ती ही रहेगी। 


तो हे पयोनियरों, इस पुरे वीडियो का निष्कर्ष यही है की अभी GCV की कीमत पर एक पाई के बदले में आपको कोई घर, गाड़ी, गोल्ड या रियल एस्टेट नहीं मिल सकता। इस GCV को सेट करने के लिए, स्थिर रखने के लिए, इकोसिस्टम में छोटी छोटी गुड्स और सर्विसिस का - चाहे ऑनलाइन हो या ऑफ़लाइन - ट्रांसेक्शन होना चाहिए। और लम्बे समय तक ये GCV स्थिर रहती है तो फिर दुनिया के बड़े से बड़े उद्योगपतियों को इस पर विश्वास बैठेगा। तब हो सकता है कार डीलर या बड़ा बिल्डर और कुछ हद तक गवर्मेंट भी इसको सपोर्ट करना शुरू करें। तब जा कर आपके सपने की कार या कोई बड़ी चीज आप इस पाई से खरीद सकेंगे। तो GCV एक हथियार हे जिससे सभी पयोनियरों को ये लड़ाई लड़नी है। अगर पायोनियर्स सो, दोसो या पांचसो रूपये में अपने पाई का सौदा कर लेते हैं यानि पाई बेच देते हैं तो ये लड़ाई को असर हो सकता है। उम्मीद हे आप समज रहे हैं। इसलिए पाई को लम्बे समय तक संभाल कर रखना जरुरी है ताकि आपके सपने पुरे हो सकें। तो सपने पुरे करने के लिए पाई को पकडे रहें और प्रसन्न  रहें । मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र , मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत।