Ad Code

1 पाई का तीन लाख चौदह हजार डॉलर कैसे मिल सकता है?


 

पाई का मूल्य कितना है? १ पाई का GCV रेट यानि तीन लाख चौदह हजार डॉलर कैसे मिल सकता है?  

यदि आपने उन प्रश्नों को पूछा है तो आप अकेले नहीं हैं। अनगिनत लोगों ने ये प्रश्नों को पहले पूछा था, अभी भी पूछ रहे हैं और आने वाले वर्षों में भी पूछेंगे। जिनमें मैं भी शामिल हूँ। 

हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई पाई की कीमत के विषय में किसी से बात करते हैं  तो उनके दिमाग में एक संख्या होती है या फिर कई संख्याएं भी हो सकती हैं। अब इन मूल्यांकनों के पीछे की कुछ विचारधाराएं दिलचस्प हैं और उनके विभिन्न परिदृश्य हैं या कहो विज़न हैं जो उनको उन मूल्यांकनों तक ले जा सकते हैं। सबकी अपनी अपनी अलग अलग सोच हैं और मान्यताएं भी हैं। परन्तु ऐसा क्यों? पाई के मूल्य के बारे में हर कोई इतना अलग क्यों सोचता है? सही गणना क्या है? और देखनेवाली खास बात ये है की सबसे संभावित परिदृश्य क्या है? यानि भविष्य की सटीक संभावना क्या हो सकती है ?

पाई की कीमत के बारे में इसकी खोज करने में, इसका उत्तर ढूंढने में इस दुनिया में कई सारे क्रिप्टो के विशेषज्ञ लगे हैं। हालांकि, भविष्य देखने के लिए और सटीक परिणाम जानने के लिए आप ही तरह बाकी सभी लोगों के पास कोई जादुई तिलिस्मी क्रिस्टल बॉल या कांच का गोला उपलब्ध नहीं है। अगर होता तो उसमें भी एक बार जरूर देख लेते। 

आइए पहले प्रश्न से शुरू करते हैं की पाई का मूल्य कितना है? कितनी कीमत है ? १ पाई का GCV रेट यानि तीन लाख चौदह हजार डॉलर कैसे मिल सकता है?  अगर आप सोच रहे हैं की कोई तीन लाख चौदह हजार डॉलर लेकर आए और मुझसे मेरा एक पाई मांगे तो में देने के लिए तैयार हूँ। तो ठाकुर ऐसे तो सभी तैयार हैं। परन्तु आज कोई नहीं आएगा। तो करना क्या है ? मित्रों ये कीमत लेने के लिए इस पाई को उस दिन तक वॉलेट में संभाल कर रखना है जब तक ये पाई इस कीमत के काबिल बन जाएं। फिर लाखों लोग एक्सचेंज के जरिए या फिर सीधा आपके पास पाएंगे पाई मांगने। परन्तु आज की तारीख में ये कीमत चाहिए तो सीधा डॉलर या रुपया नहीं मिलेगा। जो भी व्यापारी पाई की इस GCV कीमत पर सामान बेच रहे हैं उनका सम्पर्क करना होगा। पाई के बदले में रूपये देने के लिए भी कुछ लोग तैयार हैं। परन्तु वो एक पाई का बिस रुपया देंगे। यानि पाई बिना कुछ किए बिस रूपये के काबिल है ऐसा उनको लगता है। 

कुछ समय पहले, पाई के ऑफिशियल FAQस में जैसे कहा गया था "Pi की कीमत जीरो 0 है। यह लगभग एक साल पहले एनक्लोसड मेननेट माइग्रेशन शुरू हुआ तब की बात है । आज की तारीख में भी यदि आप पाई के चेट रूम में पाई के मॉडरेटर को पूछेंगे तो यही जवाब मिलेगा की पाई की कीमत जीरो है। 

अगर आप पाई की कीमत की जांच करने के लिए कॉइनमार्केटकैप जैसी वेबसाइट पर  जाते हैं, तो पाई की कीमत का अंदाजा एक वर्तमान मूल्यांकन चार्ट से देख सकते हैं जो "पाई" को ट्रैक करता है।

हालाँकि, एक्सचेंजों पर कोई वास्तविक पाई का कारोबार नहीं किया जाता है क्योंकि ये कनेक्शन फ़ायरवॉल द्वारा अवरुद्ध हैं। अभी सबको पता ही है की वहां जो चार्ट दीखता है, वह Pi IOUs को ट्रैक करता है, जो निश्चित रूप से वास्तविक Pi तो नहीं हैं और न ही रियल Pi ट्रेडिंग को दर्शाता है। इसके लिए ये वीडियो एक बार देख सकते हैं। https://youtu.be/7CefZRa1Hs8

इसके अतिरिक्त, दूरदर्शी यानि दूर का भविष्य देखने वाले Pi नेटवर्क के सह-संस्थापक, डॉ. निकोलस कोक्कलिस जी ने एक बार कहा था, "Pi की कीमत वही है जो पाई के पायोनियर्स इसे लायक बनाते हैं"। हम्म, वो तो है।  

अब एक ओर - लोग कह रहे हैं कि पाई की कीमत 0 है तो दूसरी ओर कुछ लोग कह रहे हैं कि यह $3लाख 14हजार, 159 डॉलर  है; और ये दोनों आंकड़े के बीच में बहुत सारे अनगिनत लोग ये सोच रहे हैं -की - तो भाई, अभी एक पाई की कौन की कीमत हम गिनें ?

आपको भी लगता यही लगता होगा, क्योकि सच्चाई अभी यही है। 

इसमें प्रत्येक पायोनियर की अपनी एक अलग कहानी है जिसकी वजह से उसने अपने दिमाग में पाई की कीमत की एक अलग संख्या तय की रखी है। उदाहरण के तौर पर - एक व्यक्ति जिसने 2 वर्षों में 3000 से ज्यादा पाई का माइनिंग किया है और पाई अभी तक वॉलेट में नहीं आए उनके विचार दूसरे पायोनियर से अलग है जिनके पास वॉलेट में ३००० पाई है । प्रत्येक पायोनियर की स्थिति इस तरह भिन्न भिन्न होने के कारण, वे लोग पाई के मूल्य को अपने नजरिए से देखते हैं और मानते भी है।

यदि आपने मेननेट चेकलिस्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और वॉलेट में गुड्स और सर्विसिस पर खर्च करने के लिए बहुत पाई है तो आप बिना किसी टेंशन के कुछ पाई खर्च करेंगे। और आपके लिए आज पाई के लायक क्या चीज है, इस पर अपना अलग दृष्टिकोण बनेगा। यानि कम कीमत पर भी आप खर्च करेंगे। परन्तु जिनके वॉलेट में सो या दो सो पाई हैं वो GCV की कीमत अपने दिमाग में सोच लेंगे। यानि एक पाई के दस या बिस डॉलर के रेट पर अभी किसी व्यापारी से प्रोडक्ट नहीं खरीदेंगे। 

संक्षिप्त में कहें तो - जितनी चदर लम्बी होगी उतने ही पैर फैलाएंगे। 

और यही बात जो व्यापारी पाई के बदले में सामान या सर्विस दे रहे हैं उनके लिए भी लागु होती है। स्वाभाविक रूप से, खरीदने वाले और बेचने वाले दोनों सबसे अच्छा सौदा करना चाहते हैं। 

तो पाई के बदले में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार करते समय पाई की कीमत प्रत्येक लेनदेन में अलग अलग होती है । ऐसा इसलिए है क्योंकि न तो अभी पाई की कोई मार्केटवेलयु  है और न ही अभी यह किसी एक्सचेंज पर लिस्टेड है। तो लोग आपस में एक दूसरे को मिल कर - ऑफलाइन - बार्टर सिस्टम से पाई से लेन देन कर रहे हैं। 

इसमें GCV यानि एक पाई की $314159 डॉलर वाले रेट का महत्त्व बढ़ जाता है। अब सामान बेचने वाला अगर पाई का भविष्य देखते हुए इस GCV की कीमत पर प्रोडक्ट बेचने को तैयार हो जाता है तो तो खरीदने वाले तुरंत मिल जाते हैं। क्योंकि खरीदने वाले वो नहीं देखते की उनके पास कितने कम या ज्यादा पाई है। वो तो इस GCV वाली कीमत से आकर्षित हो जाते हैं कहो इतने लालायित हो जाते हैं की मन करता है चलो पाई से कुछ खरीदें। हाँ। भाई ये कीमत पर तो आप भी खरीदेंगे - इंडिया में कोई वेंडर, कोई मर्चेंट या व्यापारी - कोई भी प्रोडक्ट बेचने के लिए तैयार होना चाहिए बस। है न ?

तो इसलिए ये वेल्यू बहुत अधिक हलकी है और लेनदेन का मूल्य तो इत्तु सा, छोटा, यानि नगण्य लगता है। परन्तु, क्या आप उस वैल्यूएशन पर घर खरीद सकते हैं? और गाड़ी ? नहीं, अभी तो यह बिलकुल असंभव है। यहां तक कि एक डीलर को या बेचनेवाले सेलर विक्रेता को ढूंढना भी एक बहोत बड़ी चुनौती होगी - लेकिन अगर आपको पाई के लिए घर या गाड़ी बेचने वाला कोई मिल जाए, तो वो शायद हजारों या लाखों पाई की मांग करेंगे।

तो पाई की कीमत क्या है ? उसके बारे में तीन पॉइंट बिलकुल क्लियर है। 

(१) पहला - पाई का कोई बाजार मूल्य नहीं है। यानि किसी एक्सचेंज पर लिस्टेड न होने की वजह से कुछ लोग इसकी कीमत जीरो मानेंगे। या मानते हैं।  

(२) दूसरा पॉइंट - पाई की कीमत $314159 डॉलर है। परन्तु इसके लिए वहां जाना पड़ेगा जहाँ वेंडर्स ये कीमत पर गुड्स एंड सर्विसिस ऑफर कर रहे हैं। अभी तक चाइना, विएतनाम और नाइजीरिया में ये देखा गया है। परन्तु इंडिया में - अभी तक इस GCV वाली कीमत पर प्रोडक्ट या सर्विस ऑफर करने के लिए कोई भी वेंडर , मर्चेंट या व्यापारी अभी तक सामने नहीं आया है। तो इंडिया में अभी ये GCV वाली कीमत इतनी दिखाई नहीं देती है - बोले तो इतनी प्रमोट नहीं हो रही है जितनी चाइना में हो रही है। 

(३) तीसरा पॉइंट - अभी १ पाई की कीमत - जीरो और GCV  के बिच में कुछ भी हो सकती है।  - तो इंडिया में १ पाई की कीमत का आधार व्यापारी और ग्राहक के बिच में क्या नेगोशिएशन होता है उस पर है। अब यहाँ जैसे आगे बताया उस प्रकार - ग्राहक के पास वॉलेट में कितने पाई है और वो कितने पाई में गुड्स और सर्विसिस लेने के लिए तैयार हैं इस पर निर्भर है। उदाहरण के तौर पर - टेक्सी वाले भैया हो या होटल का मालिक हो या हेर कटिंग सलून वाला - एक पाई की जो कीमत लगाता हे समजो दस डॉलर बोलता है - और वो कीमत ग्राहक देने के लिए तैयार हैं तो - उतने पाई में सौदा हो जाता है या कहो पाई से बार्टर सिस्टम का ट्रांसेक्शन भी देखने को मिलता है। 

तो मित्रों अब आप समज गए होंगे की - पाई की कीमत ट्रांसेक्शन टु ट्रांसेक्शन अलग अलग होती है क्योंकि लोग प्रत्येक लेनदेन पर पाई को अलग-अलग वैल्यूएशन देते हैं। 

इस प्रकार हम सभी के लिए - हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए, सुनहरे भविष्य के लिए - पाई को मार्केटवेल्यू की आवश्यकता होगी, और इसे प्राप्त करने के लिए, ओपन मेननेट का आना जरुरी है। क्योंकि ओपन मेंनेट में ही पाई को पूरी दुनिया में ग्लोबल एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किया जा सकता है। पाई का लिस्टिंग हो सकता है किसी एक कीमत पर - जहाँ से पूरी दुनिया इस पाई को डॉलर या रूपये से खरीद सकें। तो भैया - अगर आपके पास सो दोसों , पांचसो या हजार पाई वॉलेट में है और इसी साल ओपन मेंनेट आता है तो एक्सचेंज पर अपने पाई बेचने की मूर्खता कौन करेगा। पूर्ण तरह से इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए पाई को पहले अपने आप को, खुद को तैयार करने की जरूरत लगती है। पाई एप में जो अभी बहुत प्रोब्लेम्स आते हैं उनको अच्छी तरह से सॉल्व करने की आवश्यकता है। फटाफट KYC का रिज़ल्ट मिलना, फेसबुक से लॉगिन वाला इस्यु सॉल्व होना, माइग्रेशन हो जाने के बाद वॉलेट में पाई मिलना और टेस्टनेट इकोसिस्टम की एप्लिकेशन - अच्छी तरह से चलने लगे उसकी ज्यादा जरूरत है। तोये सब होता है तब तक शान्ति से पाई बनाते रहें। आप के पास अभी - सबसे कीमती और कभी न खत्म होने वाली चीज जो हे उसका नाम - समय है। समय का उपयोग अभी ज्यादा से ज्यादा पाई बनाने में करना है। जितने ज्यादा पाई होंगे उतने फायदे भी ज्यादा होंगे। पाई तो बहाना है , दरअसल जीवन सजाना है। तो जीवन सजाने के लिए नया नया जानते रहें और मस्त रहें। मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत। 


क्या चाइना पाई से डॉलर गिराएगा ?

मित्रों, धन या पैसा बढ़ने से - मन स्थिर बनता है। और धन की कमी के कारण मन अस्थिर बनता है। और ये कहनेवाले लोग धन को तो समझते हैं परन्तु मन को नहीं समझते है। एक तरीके से देखा जाए तो मन की स्थिरता धन से जुडी है। इसलिए मन को स्थिर और शांत रखना जरुरी है जिसके लिए धैर्य या धीरज का गुण विकसित होना जरुरी है। धैर्य से पाई का माइनिंग यज्ञ करने से मन स्थिर बनता है - और जैसे की आगे कहा - स्थिर मन से पैसा या धन भी बढ़ेगा। इस  मन और धन के खेल को समझना जरुरी लगता है क्योंकी  मन को अस्थिर करने में सिर्फ एक नेगेटिव विचार काफी है। और इसकी वजह ये है की - एक नेगेटिव विचार अपने साथ धीरे धीरे दूसरे नेगेटिव विचारों की सेना बनाता है। और उससे लड़ना फिर कठिन हो जाता है और इंसान आखिरकार हार मान लेता है। पाई की माइनिंग बंद कर देता है, पाई को निकाल देता है और जिनके पास पाई हैं वो पाई को बेच देते हैं। या बेचने के चक्कर में यु कहो किसी लुटेरासुर के शिकार बन जाते हैं। इस प्रकार एक नेगटिव विचार आपको आपके सुनहरे भविष्य से हमेशा के लिए दूर कर देता है। मित्रों, आप में से जिस व्यूअर ने भी मेटामित्र चैनल पर पाई के बारे में जो भी गलत या नेगेटिव कॉमेंट किया हैं उसको तुरंत दूर कर दिया गया है। दरअसल हम आपको नहीं  परन्तु आपके द्वारा उस नेगेटिव विचार को हम अपनी चैनल से हटा देते हैं ताकि बाकी पायोनियर के मन में वो विचार अपना नकारत्मक प्रभाव न बना सकें। ऐसे नेगेटिव कॉमेंट करनेवाले जो भी व्यूअर्स हैं वो शायद भविष्य में पाई का माइनिंग फिर से शुरू भी कर दें ऐसा हो सकता है - परन्तु उनके नेगेटिव कमेंट से दूसरे पायोनियरों को जो नुकसान होता है उसको वो रिकवर नहीं कर सकेंगे। तो आपके नेगेटिव कमेंट को दूर करने के लिए हमें क्षमा करें। पाई के बारे में अभी से कोई राय बनाना उचित नहीं। ये तो ऐसा हुआ की पिक्चर की शूटिंग चालु है और कुछ लोग अभी से कहते हैं की ये पिक्चर फ्लॉप हो जाएगा - जब की उनको पिक्चर की स्टोरी या एन्ड तक पता नहीं। उसी प्रकार पाई की फिल्म की शूटिंग अभी चालु है - इसमें किसका क्या रोल होगा, कौन कौन से नए केरेक्टर आएँगे जो कहानी में टविस्ट लाएंगे, दुनिया में कौन से देश में इसका बोल बाला ज्यादा होगा - उसका मजा लेना अभी बाकी है मेरे दोस्त। तो आगे कहा उस प्रकार ये - धन और मन के विचारों की गेम समझने का प्रयास करें। एक और गेम भी है जो इंटरनेशनल लेवल पर खेली जाती है। आइए जानते हैं कुछ देश करंसी और क्रिप्टो में अपना अधिपत्य स्थापित करने के लिए क्या कर रहे हैं।  




जब क्रिप्टोकरेंसी की बात आती है, तो दुनिया भर की सरकारें उसके वास्तविक स्वरूप को लेकर भ्रमित हो जाती हैं। जबकि कुछ इसे एक वस्तु के रूप में ब्रांड करते हैं। अमरीका की SEC - ध सिक्युरिटिस एंड कमीशन एजेंसी इस क्रिप्टो को सुरक्षा के स्वरूप में फ्रेम करने की कोशिश कर रहा है। और क्यों न हों अमरीका को पता है की कुछ देश डॉलर का प्रभाव कम करने में लगे हुए है। 



दुनिया भर के कई देश अंतरराष्ट्रीय सेटलमेंट के लिए मुद्रा या भुगतान के तरीके पर फिर से विचार कर रहे हैं। एक ओर, उनमें से कई व्यापार के लिए यू.एस. डॉलर के प्रभाव को कम करने का इरादा रखते हैं। तो दूसरी ओर, अन्य देश क्रिप्टोकरंसी को settlement के लिए स्वीकार करने के दरवाजे खोल रहे हैं।



रशिया बाहरी भुगतान के लिए क्रिप्टो का उपयोग करेगा। 

रशिया भी उनमें से एक ऐसा देश है जो क्रिप्टो के नेक्स्ट लेवल की अनुगामी दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि सेंट्रल बैंक अंतरराष्ट्रीय settlement के लिए क्रिप्टो जैसी डिजिटल मुद्राओं का उपयोग करने की संभावना पर विचार कर रहा है। वास्तव में, एक मसौदा कानून पहले से ही तैयार किया जा रहा है। 



वहां न्यू पीपुल पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ एक कार्यक्रम में, सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष ने हाल ही में कहा कि नियामक - विदेशी संस्थाओं के साथ निपटान के लिए डिजिटल संपत्ति का उपयोग कर सकते हैं। 

इस तरह के ऑपरेशन बकायदा संभव होंगे। केंद्रीय बैंक राज्य के भीतर क्रिप्टो के उपयोग का विरोध करता है। हालांकि, ऐसे फंड का इस्तेमाल बाहरी भुगतान के लिए किया जा सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि रूस में विशेष संस्थान बनाए जाएंगे जो क्रिप्टो का माइनिंग करेंगे और फॉरेन स्ट्रक्चर में क्रिप्टो का ट्रांसफर करने में एंगेज रहेंगे। ऐसे संगठन अन्य डिजिटल फाइनांस के संचालन में भी शामिल होंगे।



आगे लिखा है, रशिया भी चाइना की करंसी युआन का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पक्ष में है। रशिया के राष्ट्रपति जी ने  कहा है की रूस और चीन के बीच लगभग दो-तिहाई व्यापार युआन और रूबल के साथ होता है। उनका देश रशिया जो है वो एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के बीच पेमेंट सेटलमेंट में युआन का उपयोग करने के पक्ष में है। साथ ही, रशिया उनकी रूबल CBDC के मोर्चे पर भी प्रगति कर रहा है। 



इसके लिए रशिया क्रिप्टो के माइनिंग के लिए विशेष संस्थान विकसित कर रहा है। ये स्पेशियल इंस्टीटूशन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवहार के उद्देश्य से डिजिटल संपत्ति का उपयोग करेगा। यानि इंटरनेशनल बिज़नेस के लिए क्रिप्टो का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए रशिया देश का सेंट्रल बैंक पहले से ही एक मसौदा कानून विकसित कर रहा है। 



तो इस तरह अमरीका के दुश्मन देश के स्वरूप में रशिया और चाइना - इंटरनेशनल लेवल पर अमरीकी डॉलर का प्रभाव कम करने के प्रयत्न कर रहे हैं। चाइना की करंसी युआन मजबूत बन सकती है। और इसके साथ चाइना पाई को बढ़ावा देने की जो स्ट्रेटेजी बना रहा है वो कारन भी शायद उसकी गेम का हिस्सा हो सकता है। यानि चाइना अपनी करंसी युआन के जरिए और भविष्य में पाई के जरिए भी इंटरनेशनल लेवल पर अपना वर्चस्व  स्थापित करने की मनोवांछा रखता है। इसलिए मित्रों ! हमारे लिए भी पाई का माइनिंग करना जरुरी लगता है। 

इंडिया के क्रिप्टो एक्सपर्ट भी इस बात को समझें की  बहोत सारे क्रिप्टो है।  परन्तु इन सभी क्रिप्टो में से बाकी सारे क्रिप्टो की ऐसे ऑफलाइन मार्किट में लेनदेन इतनी नहीं दिखती जितनी पाई की दिखती है। देखिए देश या स्थान कोई भी हो, परन्तु शुरुआत होना महत्पूर्ण है। इतने सालों में किसी क्रिप्टो की कॉम्यूनिटी ने इतनी ताकत नहीं दिखाई जितनी पाई की कॉम्यूनिटी ने दिखाई है। चाइना में वहां ऐसी बहोत सी जगह पर सिर्फ पाई से ऑफलाइन बार्टरिंग करने के लिए ऐसे मेले - कहो एक्सहिबिशन या टूरिस्ट प्लेस भी बनना शुरू हो चुके है। ताकि वहां पायोनियर्स दूसरे राज्यों में से भी यहाँ इकठा हो सकें। पाई की इकोसिस्टम को धीरे धीरे मजबूत बनाने का ये प्रयास भी अच्छा है। इसलिए बाकी सब बाद में पहले पाई हाथ में। 



अब आगे दूसरा न्यूज़ आर्टिकल पढ़ते हैं - की होन्गकोंग में गेटकॉइन नाम का एक क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म था। वो गेटकॉइन एक्सचेंज को कम्पनी ने दो हजार उन्नीस में बंद कर दिया था जिसमें उसके ग्राहकों के क्रिप्टो कोइन थे।  तो उन ग्राहकों ने कोर्ट केस किया और कोर्ट ने उसका फैसला अभी सुनाया। क्या मस्त फैसला दिया है।  क्रिप्टो करंसी को ग्राहकों की प्रॉपर्टी कहा है। जी हाँ ,  कानूनी फर्म होगन लोवेल्स ने अपने ब्लॉग में ये लिखा था , यहां पूरा केस आप शांति से पढ़ सकते हैं। 



हांगकांग की अदालत ने क्रिप्टोकरेंसी को संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। यानी आभासी लगने वाले क्रिप्टो को एक डिजिटल सम्पत्ति कहा है। दोस्तों गाड़ी बंगला सोना चांदी जिसे आप देख सकते हैं वो भौतिक सम्पत्ति है उसे बेच कर पैसा मिलता है। तो उसी प्रकार ये क्रीप्टो डिजिटल सम्पति है और उसे भी बेच कर पैसा मिल सकता है। अभी भी पाई को मोबाईल में फ्री में बना सकते हैं जिसे बाद में बेच सकेंगे। तो मोबाईल में अभी भी पाई नेटवर्क एप को इंस्टॉल नहीं की है तो शुरुआत कर सकते हैं। लिंक इस मेटामित्र चैनल के वीडियो के डिस्क्रिप्शन में है। और सारे स्टेप क्लियर करने के वीडियो की लिंक भी है। 



दोस्तों वैसे तो क्रिप्टो खरीदने के लिए पैसे लगते हैं , परन्तु पाई जैसे क्रिप्टो को खरीदने के लिए पैसे नहीं सिर्फ ज्ञान और धीरज चाहिए। और पाई जैसा क्रिप्टो चला तो जीवन में भविष्य का सिन शानदार और समृद्ध हो सकता है। 



अब आगे देखते हैं , दुबई में यानि यूनाइटेड अरब अमीरात में क्रिप्टो को लेकर कोई बिस्नेज करना हो तो कर सकेंगे क्योंकि वहां उसके नियम और कानून बन रहे हैं। 



यहाँ लिखा है क्रिप्टो उद्योग बिना किसी बड़ी बाधा के विस्तार कर रहा है। बाजार के माध्यम से किसी भी संभावित घोटाले या गिरावट से बचने के लिए, सरकारें अपने नियमों को बेहतर बना रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात [यूएई] उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

क्रिप्टो का बिस्नेज करने के लिए - लायसन्स लेने के लिए आपको आवेदन करते समय क्या ध्यान में रखना चाहिए ये भी लिखा है।  अभी डिटेल में नहीं पढ़ेंगे - आगे बढ़ते हैं।  

एक आर्टिकल ये भी दिखा है। लिखा है सीरिया ने चाइनीस युआन के पक्ष में वैश्विक लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर का परित्याग करने का आग्रह किया।  सीरिया ने ब्रिक्स राष्ट्रों के नेतृत्व में प्रयास का आग्रह करते हुए वैश्विक लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर को छोड़ने का आह्वान किया है। इसके अलावा, सीरिया के राष्ट्रपति जी ने मुद्राओं से होने वाले इंटरनेशनल सेटलमेंट  के लिए चीन की करंसी युआन को अपनाने का आह्वान किया है।

मतलब की सीरिया के राष्ट्रपति जी ब्रिक्स देशों को डिडोलारीकरण के लिए कहे रहे हैं। ये इसलिए हो रहा है क्योकि अमरीका के साथ संघर्ष होने के बाद उनको अमरीकी डॉलर का त्याग करने की आवश्यकता लगी। 


इस तरफ अमेरिका को भी ये पता है की दुनिया में क्या हो रहा है। अमरीका के व्हाइट हाउस के अर्थशास्त्री जी ने एक बयान में कहा ही है कि : "कुछ सबूत" हैं कि चीन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करना चाहता है। उनके ऐसे प्रयासों का उद्देश्य ये जो डॉलर अंतरराष्ट्रीय आरक्षित मुद्रा बनकर बैठा हे उसकी ताकत को कम करना है। हम। ये ब्रिक्स देशों द्वारा डॉलर के मूल्य को कम करने का जो अभियान चल रहा है उससे अमरीका को भी डॉलर के मूल्य की रक्षा करनी पड़ेगी। 

तो इस तरह हमने देखा की कुछ देश व्यापार के लिए यू.एस. डॉलर के प्रभाव को कम करने का इरादा रखते हैं। तो कुछ देश क्रिप्टोकरंसी को settlement के लिए स्वीकार करने के दरवाजे खोल रहे हैं। तो क्रिप्टो का भविष्य धीरे धीरे बन रहा है और साथ में पाई का भी। 

पाई में पिछले कुछ दिनों में दो अपडेट दिखे हैं - पहला है - पाई का नोड जिन्होने कॉम्प्यूटर में या लेपटॉप में इंस्टॉल किया है वो लोग कोम्प्युटर में वॉलेट ओपन कर सकते हैं। पाई के मेनू में वॉलेट नाम का एक ऑप्शन दीखता है वहां क्लिक करने पर पासफ्रेज इंटर करने की स्क्रीन आती है। वहां अपने पासफ्रेज इंटर करने पर ठीक वोही पाई दीखते हैं जो मोबाईल में वॉलेट में दीखते हैं। वहां से भी पाई का लेन देन कर सकते हैं। हो सकता है - हेकेथोन के बाद डेवेलपर्स के लिए ये वॉलेट का फीचर उपलब्ध करवाया हों। 

दूसरा अपडेट ये हे की चेट रूम में नया फीचर लेंग्वेज का एड किया है। इस बटन पर क्लिक करेंगे तो ये मेसेज आएगा। लिखा है दुनिया के एक्सो पचहत्तर देशों के लोग एक जगह पर अलग अलग भाषाओ में कॉम्युनिकेशन और डिस्कशन करके पाई कॉम्युटी को आगे बढ़ाएंगे। फिर नेक्स्ट मेसेज में चैटरूम के छे नियम लिखे हैं। जिसमें वल्गैरिटी न करें, एक दूसरे का अपमान न करें, एडवर्टाइस्मेंट न करें, बिना मतलब की ज्यादा चेट न करें, किसी के साथ स्केम न करें, परसनल इन्फर्मेशन शेर न करें वगैरह वगैरह। ये इसलिए बता रहे हैं की आपने अगर इसका उल्लंघन किया और आपको मॉडरेटर ने म्यूट कर दिया तो आपका kyc नहीं आएगा या हो सकता है कुछ और पाबन्दी आप पर लगा दी जाएं। तो चैटरूम में शांति और सभ्यता से प्रश्न पूछें या अपनी बात रखें। 

मित्रों , पहेली तारीख शाम से पाई की एप ओपन नहीं हो रही थीं और कुछ लोगों को ये मेसेज दिख रहा था। उसमे चिंता करने की जरूरत नहीं है आपके पाई सेफ ही रहेंगे। अब तक ये प्रॉब्लम सॉल्व हो चूका है। पाई की एप ओपन हो रही है। पुराने पाई लौट के आ चुके हैं। तो क्रिप्टो लक्समी देवी पाई का माइनिंग यज्ञ शुरू कर सकते हैं। 


तो हे पयोनियरों ! इस पृथ्वी पर विभिन्न देशों का डॉलर गिरा कर अपनी करंसी को आगे बढ़ाने का एक युद्ध भी शुरू हो चूका है। खेलोगे नहीं तो जीतोगे कैसे ? जाओ पाई में अपनी रेफरल टीम बनाओ। चाइना की गेम भविष्य में डॉलर , युआन और पाई के समीकरण बदल सकती है। अभी ये कहना ज्यादा हो रहा हो या समझने में कठिन लग रहा होगा। जो भी हो परन्तु अभी तो पाई को पकड़ने में ही समझदारी है। पाई नेटवर्क प्रोजेक्ट अमरीका में बन रहा है। और लगभग बिसहजार क्रिप्टोकोइन में से चाइना ने सिर्फ पाई को पकड़ा है। पाई को चाइना में लोग बहुत प्रमोट करते हैं। एक पाई की तीन लाख डॉलर वाली कीमतों पर सामान बेचते हैं। मेले लगाते हैं। अब तो टूरिस्ट पॉइंट भी बनने लगे हैं। क्यों ? क्योंकि पाई लेन देन में सबसे आसान क्रिप्टो लगता है। चायवाला या सब्जीवाला कहो कॉमन मैन भी इसे बिना किसी टेक्निकल ज्ञान के सिर्फ एक मोबाईल से आसानी से उपयोग में ले सकता है। खास बात ये है की इसमें पैसों का इन्वेस्टमेंट नहीं है , बिलकुल फ्री में पाई मोबाईल में बना सकते हैं। परन्तु बनाने के लिए इसके बारे में जानना पड़ेगा अपडेट रहना पड़ेगा। तो नया नया जानते रहें, अपडेट रहें और प्रसन्न रहें। मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र मेटा मित्र। जय हिन्द जय भारत।