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Pi लॉन्च मार्च 2025 तक || Pi Network Open mainnet launching 2025

 

Pi Network Open mainnet launching 2025 || Pi Network New Update Today, Pi network latest BIG UPDATE

सबकी उम्मीदों के अनुरूप आखिरकार पाई नेटवर्क ने ढिंढोरा पीटा। मित्रों, पाई नेटवर्क की टीम की तरफ से बिस दिसंबर को ऑफिशियल अनोउंसमेंट हुआ है। इसमें पाई नेटवर्क के ओपन मेंनेट की बात की है। पाई के लॉन्चिंग की बात की है। आंकड़े बताकर करेंट सिचुएशन बताई है, साथ में Open Network लॉन्च की महत्वपूर्ण योजना के बारे में बताया है, और कुछ महत्वपूर्ण अपडेट्स के साथ ये भी बताया है की यह देरी क्यों की जा रही है?  तो Open Network लॉन्च के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी के लिए ये पूरा डिजिटल घोषणा पत्र पढ़ेंगे और सबकुछ डिटेल में समझेंगे। परन्तु सबसे पहले पाईप्रेमी, हठयोगी और तपस्वी ऋषिमुनियों जैसे पाई के अग्रणीदूतों का सुस्वागतम। पधारो मेटामित्र देश मां। सुस्वागतम। 


सबसे पहले पाई नेटवर्क के फाउंडर डॉ निकोलस कोक्कालिस जी और उनकी अर्धांगिनी मिसिस चेनग दिएगो फेन का स्पेशियल मेसेज पढ़ते हैं। लिखा है - Pi Network, वर्ष 2025 की पहली तिमाही में अपना Open Network लॉन्च करेगा! मतलब जनवरी, फरवरी, मार्च से पहले कोई भी तारीख हो सकती है। कुल अठारह मिलियन पायोनियर्स की kyc पास हो चुकी है , और उनमें से आठ मीलीयन पायोनियर्स को वॉलेट में पाई दे दिए गए हैं। इन तीन महीनों में अधिक से अधिक पायोनियर्स को उनके वॉलेट में पाई देने का टाइम मिलेगा। पाई का लक्ष्य 10 मिलियन लोगों के माइग्रेशन वॉलेट्स का है जिसमें पाई होने चाहिए। हम चाहते हैं कि Open Network के लॉन्च होने के बाद अधिक पायनियर्स को अपने Pi का उपयोग करने का अवसर मिले। Mainnet पर अधिक Pi का मतलब है इसकी इकोसिस्टम में ज्यादा लोगों का एंगेजमेंट रहेगा ताकि इकोसिस्टम स्टेबल रहे सकें।  भाई बात तो सही है, पांच साल से पाई बनाने के बाद महेनत बेकार नहीं जानी चाहिए।   आर्टिकल को आगे पढ़ने से पहले एक नजर वो तीन कंडीशन पर कर लेते हैं जो ओपन मेंनेट के लिए रखी गई थीं। 

Pi Network Open mainnet launching 2025 || Pi Network New Update Today, Pi network latest BIG UPDATE

पहेली शर्त , पंद्रह मिलियन kyc वाले पायोनियर होने चाहिए। दूसरी बात , दस मिलियन माइग्रेटेड पाई वाले वॉलेट होने चाहिए , और पाई का उपयोग करने के लिए सो एप्लिकेशन होनी चाहिए।  ये लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आगे पढ़ते हैं। 

लिखा है, पाई नेटवर्क में 18 मिलियन से ज़्यादा लोगों ने KYC प्रोसेस की है। उनमें से 8 मिलियन से ज़्यादा लोगों ने KYC पास कर ली और वो मेननेट पर माइग्रेट हो चुके हैं! मतलब उनके वॉलेट में पाई दे दिए हैं। हमारे हाल ही के अपग्रेड ने टेंटेटिव KYC रिज़ॉल्यूशन और मेननेट माइग्रेशन की गति को भी बढ़ा दिया है, पिछले दिन लगभग 200,000 पायनियर्स मेननेट पर माइग्रेट हुए हैं। यही रेट से आगे बढ़ेंगे तो ओपन नेटवर्क में दूसरे लाखों पायनियर्स को शामिल कर सकेंगे। ये आठ मिलियन से 10 मिलियन की संख्या पार कर लेंगे। ताकि 2025 की पहली तिमाही में , मार्च महीने तक ओपन मेंनेट लॉन्च हो सके! 

ब्लॉक एक्स्प्लोरर में देखें तो कल सो मिलियन पाई का माइग्रेशन हुआ। अब तक के टोटल माइग्रेटेड पाई पांच बिलियन है। उनमें से तीन बिलियन लोक हैं। तो ओपन मेंनेट में दो बिलियन पाई अवेलेबल होंगे। 

ये जो टाइमलाइन दी है वो, न केवल बड़े पैमाने पर KYC और मेननेट माइग्रेशन के टारगेट पूरा करने की हमारी महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करती है, बल्कि ओपन नेटवर्क इवेंट में ज्यादा से ज्यादा पायनियर्स, विशेष रूप से KYC वाले पायनियर्स का समावेश होना सुनिश्चित करती है। इस प्रकार ओपन मेंनेट की सफलता के लिए सबसे मजबूत आधार ये टाइमलाइन से मिलेगा। 

स्पेसिफिकली, अठारह मिलियन kyc वाले पायोनियर्स और आठ मिलियन वॉलेट्स - इन दोनों के बिच के  अंतर को कम करने की आवश्यकता है। पहले के अपडेट में, सिस्टम को अपग्रेड करके जो स्पीड बढ़ाई गई थी उससे ये कार्य संभव होगा। हम जितने हो सकें अधिक से अधिक लोगों को ओपन नेटवर्क में शामिल करना चाहते हैं! इसके तीन कारन है। पहला है, पाई ब्लॉकचेन और क्रिप्टो को रोजमर्रा  के लोगों तक आसानी से पहुँचाने की कोशिश की है। दूसरा कारन है , ओपन Mainnet में  ज्यादा पाई होने से ज्यादा लोगों का एंगेजमेंट रहेगा तो इकोसिस्टम स्थिर रहेगा। और तीसरा रीजन है, आपकी रेफरल टीम और सिक्युरिटी सर्कल में से जितने ज्यादा लोगों का माइग्रेशन होगा उतने ज्यादा बोनस पाई आपको मिलेंगे। 

छे साल की महेनत के बाद, Pi का ओपन नेटवर्क सही तरीके लॉन्च होना आवश्यक है। भले ही इसके लिए थोड़ा और समय लगे परन्तु हम सबने मिलकर अबतक जो काम किया है वो सफल होना जरुरी है, इसलिए टारगेट को पूरा करना जरुरी है।  पाई की कोर टीम माइग्रेशन के प्रोग्रेस पर नजरें बनाए रखेगी और ओपन नेटवर्क लॉन्च के लिए खास समय निर्धारित करेगी। यहाँ स्पष्ट लिखा है की - पाई के लॉन्च की तारीख का अनाउंसमेंट पहले से ही कर देंगे। 

पिछले वर्ष दिसंबर 2023 में ओपन नेटवर्क की शर्तें यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थीं कि लम्बी रेस का घोडा बनने के लिए , मतलब क्रिप्टो की दुनिया में लम्बे समय तक टिके रहने के लिए, सफल होने के लिए  Pi Network की नींव मजबूत होनी जरुरी है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सभी पायनियर्स के सामूहिक काम की वजह से इन शर्तों को पूरा करने में असाधारण प्रगति हुई है। 

पंद्रह मिलियन kyc वाले पायोनियर्स का टारगेट कम्प्लीट हो कर अठारह मिलियन हो गया है , फिर भी हम टेंटेटिव रिज़ल्ट वाले पायोनियर की kyc पर काम कर रहे हैं। अगले कुछ महीनों में वो सभी पायोनियर्स की kyc का रिज़ल्ट - फुल्ली पास हो जाएगा।  अठारह मिलियन KYC पास वाले पायोनियर में से सिर्फ आठ मिलियन लोगों ने माइग्रेशन के स्टेप कम्प्लीट किये हैं। परन्तु दस मिलियन लोगो ने अभी भी बाकी के स्टेप पुरे नहीं किये हैं। ये एक बड़ा अंतर है। बड़ा गेप है।  हमारा लक्ष्य तो , वर्ष दोहजार चौबीस में ही ओपन मेंनेट लॉन्च करने का था। परन्तु हम इतने सारे पायनियर्स को मेंनेट लॉन्च के बाहर नहीं छोड़ सकते। अभी तक हम 10 मिलियन माइग्रेशन तक नहीं पहुँच पाए हैं। तो ये दूसरी कंडीशन पूरा होने के बिना ओपन नेटवर्क लॉन्च करने से इकोसिस्टम पर बुरा असर होगा। 

इसके समाधान स्वरूप, पाई की कोर टीम ने , मेंनेट माइग्रेशन की क्षमताओं को बेहतर बनाया है जिससे पिछले सप्ताह में 500,000 से अधिक पायनियर्स को माइग्रेट किया गया है। और हररोज दो लाख पायोनियर्स को माइग्रेट किया जा सकता है। हमें उम्मीद है कि जनवरी या फरवरी तक हम 10 मिलियन माइग्रेशन के टारगेट को पार कर लेंगे।

एक दूसरी गुड़ न्यूज भी है मित्रों,  सेकंड माइग्रेशन पर काम हो रहा है और ये फीचर ओपन मेंनेट से पहले रिलीज करने का प्लानिंग है। जिन पायोनियर्स का पहला माइग्रेशन हो चूका है और उसके बाद बनाए हुए  पाई यानि ट्रांस्फ़ेरेबल पाई को दूसरी बार वॉलेट में लाने का फीचर आ रहा है। इससे ज्यादा पाई माइग्रेट होंगे और वो दूसरा टारगेट भी पूरी होने की संभावना है।  

यहाँ सिर्फ आपके बनाए हुए ट्रांसफरेबल पाई के बारे में लिखा है, अनवेरिफाइड पाई और वेलिडेशन के पाई के बारे में कुछ नहीं लिखा है। तो वो बाद में मिलेंगे। 

आगे ग्रेस पीरियड के बारे में अपडेट है।  ग्रेस पीरियड की समयसीमा को 31 जनवरी, 2025 तक बढ़ा दिया है। जिनका kyc और माइग्रेशन बाकी है उनके लिए टाइम लिमिट एक्स्टेंड कर दी गई है। तो भाई, जिन लोगों का फर्स्टनेम और लास्ट नेम पाई में अलग है और आधार कार्ड पर अलग है उनको अगर आधार कार्ड पर नाम बदलवाना है तो टाइम मिल जाएगा। KYC में नाम मैच होता है तो पुरे पाई मिलेंगे। और बिलकुल अलग ही नाम से kyc प्रोसेस करते हैं तो कुछ पाई काट लिए जाएंगे। वो नियम तो है ही। पाई की टीम , ये ग्रेस पीरियड डेडलाइन को बढ़ाकर पायोनियरों को अपने Pi सुरक्षित करने का मौका देना चाहती है। 

आगे,  ओपन मेंनेट की तीसरी कंडीशन के बारे में अपडेट दिया है। पाई के डेवेलपर्स ने अस्सी से ज्यादा एप्स डेवेलोप की है जो मेंनेट में लॉन्च होने के लिए तैयार हैं। पाई ब्राउजर के अंदर ये मेनेंट एप्स को लॉन्च करने के लिए एक इंटरफेस रिलीस किया है। जिसके बारे में अलग से ऑफिशियल अनाउंसमेंट होगा। 

Pi Network Open mainnet launching 2025 || Pi Network New Update Today, Pi network latest BIG UPDATE


लास्ट में, तीनों शर्तो का अपडेट देख लेते हैं। पहेली कंडीशन kyc और माइग्रेशन की थी। उसमें ऐसा है की kyc में फंसे हुए केसिस को निकालने का काम तो होगा परन्तु उससे ओपन मेनेंट को अब डिले नहीं किया जाएगा। 

तीसरी कंडीशन, एक्सटर्नल एनवायरमेंट की थीं। मतलब दुनिया में कोई बड़ी आपत्ति वाली घटना हुई, कोविड की महामारी या कहो कोई बड़ा युद्ध हुआ तो ओपन मेंनेट नहीं लाने वाले थे, परन्तु उसमें भी पोसिटिव अभिगम अपनाया है। लिखा है, current external environment factors के आधार पर ओपन नेटवर्क लॉन्च में अब कोई ज्यादा देरी नहीं होगी। हम उनकी बारीकी से निगरानी और आकलन करेंगे।

तो , कुल मिलाकर , ओवरऑल ये अच्छे अपडेट हैं, और सभी पायोनियर्स के मन में  प्रसन्नता छाई है , पाई कोम्युनिटी  में ख़ुशी का माहौल है। चलो ओपन नेटवर्क के बारे में पाई की टीम की तरफ से ऑफिशियल टाइम लाइन मिल चुकी है। मतलब तीन महीनों से ज्यादा देर नहीं होगी उसका कन्फर्मेंशन मिल चूका है। तो उत्साहित हो जाओ और तैयार हो जाओ। ओपन नेटवर्क वो लक्ष्य है जिसके लिए हम सभी मार्च 2019 से लगातार काम कर रहे हैं। हम अभी पाई नेटवर्क को तैयार करने में थोड़ा और टाइम लगा रहे हैं ताकि पूरी जिंदगी आराम से इसकी मजबूत इकोसिस्टम चलती रहे। दौड़ती रहे। क्रिप्टो लक्समी पाई का नई नई एप्लिकेशन में उपयोग होता रहे। 

तब तक , आप दूसरे पायोनियरों को kyc और माइग्रेशन में मदद करें ।  व्यापारी लोग एकजुट होकर पाई की इकोसिस्टम में ऑनलाइन या ऑफलाइन - गुड्स एन्ड सर्विसिस देने का प्लानिंग करें। और डेवेलपर्स अपनी अपनी एप्स को फिनिशिंग टच देकर मेंनेट में लॉन्च करने की तैयारी करें। तो बस, मार्च 2025 तक पाई का ओपन नेटवर्क देखने के लिए , क्या आप भी उतने ही उत्साहित हैं जितने हम हैं !

source

https://minepi.com/blog/open-network-update/

https://minepi.com/blog/mainnet2024/

TRUMP & MUSK मि ट्रम्प की जीत | पाई को फायदा कैसे होगा ? Pi Network New Update | pi ki kimat, 1 pi ki kimat kitni hai, PiFest2024

TRUMP & MUSK मि ट्रम्प की जीत , पाई को फायदा कैसे होगा ?  Pi Network New Update | pi ki kimat, 1 pi ki kimat kitni hai, PiFest2024

छह नवंबर, 2024 की तारीख को ऐतिहासिक होने की उम्मीद शायद ही किसी ने की थी। इस दिन क्या खास हुआ? बिटकॉइन की कीमत ने $75 को पार करते हुए नया ऑल-टाइम हाई छुआ। इसके पीछे कारण क्या था? अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत। तो इस घटना का क्या प्रभाव पड़ेगा? पाई नेटवर्क के पायोनियर्स और भारत के लिए इसका क्या अर्थ हो सकता है? इस पर विचार करते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप जीत गए हैं और अब वे अमेरिका के अगले राष्ट्रपति होंगे।

यद्यपि यह चुनाव अमेरिका में हुआ, फिर भी दुनिया भर के क्रिप्टो निवेशकों ने इसे लेकर बहुत रुचि दिखाई। यह कहा जा सकता है कि मानसिक रूप से, क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े लोग ट्रंप की जीत का समर्थन कर रहे थे, क्योंकि वे मानते हैं कि ट्रंप के साथ क्रिप्टो का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। शायद आपके मन में भी यही इच्छा रही होगी कि एक क्रिप्टो-समर्थक नेता सत्ता में आए।

इसी बीच, दुनिया में आर्थिक सत्ता को संतुलित करने के प्रयास भी चल रहे हैं। ब्रिक्स देशों ने वैश्विक वित्तीय जगत में अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व घटाने के लिए "ब्रिक्स पे" नामक एक नई प्रणाली बनाई है। इसका उद्देश्य वैकल्पिक भुगतान प्रणाली के माध्यम से अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करना है। इस बीच, अमेरिका दूसरे देशों को सहायता देकर अपने डॉलर को मजबूत बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। ट्रंप ने चुनाव के दौरान इन विषयों पर भाषण दिए थे और देश के भीतर समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही थी, जिससे अमेरिकी जनता में उनके प्रति समर्थन बढ़ा।

पिछले कुछ समय से अमेरिकी मीडिया में ट्रंप के विचारों का विरोध देखा गया। मीडिया और कई बड़े व्यक्तित्वों का ट्रंप के प्रति समर्थन कमजोर रहा, और उन पर जानलेवा हमला भी हुआ। लेकिन इस बार उनके साथ एलन मस्क जैसे प्रभावशाली व्यक्ति खड़े दिखे, जिनका क्रिप्टो को लेकर स्पष्ट समर्थन रहा है। मस्क ने सोशल मीडिया पर भी ट्रंप का समर्थन किया, जिससे युवाओं और क्रिप्टो निवेशकों का समर्थन ट्रंप को मिला।

यह सोचने की बात है कि सोशल मीडिया और क्रिप्टो का प्रभाव इस चुनाव में काफी मजबूत साबित हुआ। पुराने वादों और परंपरागत विचारों के बजाय क्रिप्टो के विषय ने इस बार राजनीति में जगह बनाई। ऐसा प्रतीत होता है कि वेब 3.0 और क्रिप्टो के समर्थकों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए अपने मतदान का उपयोग किया है। अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप क्रिप्टो को समर्थन देंगे और इसके लिए अमेरिका में अधिक नियमन लाएंगे। इसके संकेत हमें जल्द ही देखने को मिल सकते हैं।

क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़े अवसर का समय है। हम देख सकते हैं कि कुछ प्रमुख कंपनियाँ क्रिप्टो में म्युचुअल फंड की तरह निवेश करने का विकल्प दे सकती हैं। इससे क्रिप्टो इंडेक्स फंड्स का उदय हो सकता है। हालाँकि, इसका असर रूस या चीन जैसे देशों में न भी हो, लेकिन छोटे और विकसित देशों में क्रिप्टो को नए आयाम मिल सकते हैं। रिटेल इन्वेस्टर्स भी अब म्युचुअल फंड की तर्ज पर क्रिप्टो फंड्स में निवेश करेंगे, जिससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में क्रिप्टो की भूमिका बढ़ेगी।

पाई नेटवर्क में "पाई फेस्ट" का समापन हुआ है और अब साउथ एशिया, अफ्रीका, और यूरोप में पाई के प्रतीक दिखाई देने लगे हैं। हालाँकि, अमेरिका और रूस में इसका प्रभाव अभी कम है। लेकिन लगता है कि धीरे-धीरे पाई का उपयोग बढ़ेगा। पाई इकोसिस्टम में कई एप्स आनी बाकी हैं, जिससे इस नेटवर्क का विकास होगा। डेवलपर्स की संख्या बढ़ाने पर काम चल रहा है ताकि अधिक एप्लिकेशन तैयार हो सकें।

ट्रंप की जीत क्रिप्टो इंडस्ट्री पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिससे इस साल के अंत तक पाई का ओपन नेटवर्क लॉन्च होने की उम्मीद बढ़ जाती है। इस नेटवर्क के लॉन्च के साथ यह देखने को मिलेगा कि पाई इकोसिस्टम में कौन-कौन सी एप्स उपलब्ध हैं। क्या ट्रंप की जीत के बाद अमेरिका में क्रिप्टो को अधिक अनुकूल नियमन मिलेगा? अगर ऐसा हुआ तो क्रिप्टो कंपनियों का उदय और क्रिप्टो मुद्राओं की व्यापक स्वीकृति बढ़ेगी।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि क्रिप्टो बाजार अस्थिर हैं और इनके मूल्य कई अन्य कारकों से भी प्रभावित होते हैं। निवेशकों को सावधानी से निर्णय लेना चाहिए।

अंततः, क्रिप्टो को स्वीकार करने और तकनीक के साथ चलने में ही समझदारी है। जो देश ब्लॉकचेन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करेंगे, वे वैश्विक स्तर पर आर्थिक गति में वृद्धि करेंगे। हमें यह उम्मीद है कि इस चुनाव के परिणाम से क्रिप्टो जगत में नया सवेरा आएगा, जिससे भारत और क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों को एक नई दिशा और अवसर मिलेंगे।