Ad Code

क्या चाइना पाई से डॉलर गिराएगा ?

मित्रों, धन या पैसा बढ़ने से - मन स्थिर बनता है। और धन की कमी के कारण मन अस्थिर बनता है। और ये कहनेवाले लोग धन को तो समझते हैं परन्तु मन को नहीं समझते है। एक तरीके से देखा जाए तो मन की स्थिरता धन से जुडी है। इसलिए मन को स्थिर और शांत रखना जरुरी है जिसके लिए धैर्य या धीरज का गुण विकसित होना जरुरी है। धैर्य से पाई का माइनिंग यज्ञ करने से मन स्थिर बनता है - और जैसे की आगे कहा - स्थिर मन से पैसा या धन भी बढ़ेगा। इस  मन और धन के खेल को समझना जरुरी लगता है क्योंकी  मन को अस्थिर करने में सिर्फ एक नेगेटिव विचार काफी है। और इसकी वजह ये है की - एक नेगेटिव विचार अपने साथ धीरे धीरे दूसरे नेगेटिव विचारों की सेना बनाता है। और उससे लड़ना फिर कठिन हो जाता है और इंसान आखिरकार हार मान लेता है। पाई की माइनिंग बंद कर देता है, पाई को निकाल देता है और जिनके पास पाई हैं वो पाई को बेच देते हैं। या बेचने के चक्कर में यु कहो किसी लुटेरासुर के शिकार बन जाते हैं। इस प्रकार एक नेगटिव विचार आपको आपके सुनहरे भविष्य से हमेशा के लिए दूर कर देता है। मित्रों, आप में से जिस व्यूअर ने भी मेटामित्र चैनल पर पाई के बारे में जो भी गलत या नेगेटिव कॉमेंट किया हैं उसको तुरंत दूर कर दिया गया है। दरअसल हम आपको नहीं  परन्तु आपके द्वारा उस नेगेटिव विचार को हम अपनी चैनल से हटा देते हैं ताकि बाकी पायोनियर के मन में वो विचार अपना नकारत्मक प्रभाव न बना सकें। ऐसे नेगेटिव कॉमेंट करनेवाले जो भी व्यूअर्स हैं वो शायद भविष्य में पाई का माइनिंग फिर से शुरू भी कर दें ऐसा हो सकता है - परन्तु उनके नेगेटिव कमेंट से दूसरे पायोनियरों को जो नुकसान होता है उसको वो रिकवर नहीं कर सकेंगे। तो आपके नेगेटिव कमेंट को दूर करने के लिए हमें क्षमा करें। पाई के बारे में अभी से कोई राय बनाना उचित नहीं। ये तो ऐसा हुआ की पिक्चर की शूटिंग चालु है और कुछ लोग अभी से कहते हैं की ये पिक्चर फ्लॉप हो जाएगा - जब की उनको पिक्चर की स्टोरी या एन्ड तक पता नहीं। उसी प्रकार पाई की फिल्म की शूटिंग अभी चालु है - इसमें किसका क्या रोल होगा, कौन कौन से नए केरेक्टर आएँगे जो कहानी में टविस्ट लाएंगे, दुनिया में कौन से देश में इसका बोल बाला ज्यादा होगा - उसका मजा लेना अभी बाकी है मेरे दोस्त। तो आगे कहा उस प्रकार ये - धन और मन के विचारों की गेम समझने का प्रयास करें। एक और गेम भी है जो इंटरनेशनल लेवल पर खेली जाती है। आइए जानते हैं कुछ देश करंसी और क्रिप्टो में अपना अधिपत्य स्थापित करने के लिए क्या कर रहे हैं।  




जब क्रिप्टोकरेंसी की बात आती है, तो दुनिया भर की सरकारें उसके वास्तविक स्वरूप को लेकर भ्रमित हो जाती हैं। जबकि कुछ इसे एक वस्तु के रूप में ब्रांड करते हैं। अमरीका की SEC - ध सिक्युरिटिस एंड कमीशन एजेंसी इस क्रिप्टो को सुरक्षा के स्वरूप में फ्रेम करने की कोशिश कर रहा है। और क्यों न हों अमरीका को पता है की कुछ देश डॉलर का प्रभाव कम करने में लगे हुए है। 



दुनिया भर के कई देश अंतरराष्ट्रीय सेटलमेंट के लिए मुद्रा या भुगतान के तरीके पर फिर से विचार कर रहे हैं। एक ओर, उनमें से कई व्यापार के लिए यू.एस. डॉलर के प्रभाव को कम करने का इरादा रखते हैं। तो दूसरी ओर, अन्य देश क्रिप्टोकरंसी को settlement के लिए स्वीकार करने के दरवाजे खोल रहे हैं।



रशिया बाहरी भुगतान के लिए क्रिप्टो का उपयोग करेगा। 

रशिया भी उनमें से एक ऐसा देश है जो क्रिप्टो के नेक्स्ट लेवल की अनुगामी दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि सेंट्रल बैंक अंतरराष्ट्रीय settlement के लिए क्रिप्टो जैसी डिजिटल मुद्राओं का उपयोग करने की संभावना पर विचार कर रहा है। वास्तव में, एक मसौदा कानून पहले से ही तैयार किया जा रहा है। 



वहां न्यू पीपुल पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ एक कार्यक्रम में, सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष ने हाल ही में कहा कि नियामक - विदेशी संस्थाओं के साथ निपटान के लिए डिजिटल संपत्ति का उपयोग कर सकते हैं। 

इस तरह के ऑपरेशन बकायदा संभव होंगे। केंद्रीय बैंक राज्य के भीतर क्रिप्टो के उपयोग का विरोध करता है। हालांकि, ऐसे फंड का इस्तेमाल बाहरी भुगतान के लिए किया जा सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि रूस में विशेष संस्थान बनाए जाएंगे जो क्रिप्टो का माइनिंग करेंगे और फॉरेन स्ट्रक्चर में क्रिप्टो का ट्रांसफर करने में एंगेज रहेंगे। ऐसे संगठन अन्य डिजिटल फाइनांस के संचालन में भी शामिल होंगे।



आगे लिखा है, रशिया भी चाइना की करंसी युआन का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पक्ष में है। रशिया के राष्ट्रपति जी ने  कहा है की रूस और चीन के बीच लगभग दो-तिहाई व्यापार युआन और रूबल के साथ होता है। उनका देश रशिया जो है वो एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के बीच पेमेंट सेटलमेंट में युआन का उपयोग करने के पक्ष में है। साथ ही, रशिया उनकी रूबल CBDC के मोर्चे पर भी प्रगति कर रहा है। 



इसके लिए रशिया क्रिप्टो के माइनिंग के लिए विशेष संस्थान विकसित कर रहा है। ये स्पेशियल इंस्टीटूशन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवहार के उद्देश्य से डिजिटल संपत्ति का उपयोग करेगा। यानि इंटरनेशनल बिज़नेस के लिए क्रिप्टो का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए रशिया देश का सेंट्रल बैंक पहले से ही एक मसौदा कानून विकसित कर रहा है। 



तो इस तरह अमरीका के दुश्मन देश के स्वरूप में रशिया और चाइना - इंटरनेशनल लेवल पर अमरीकी डॉलर का प्रभाव कम करने के प्रयत्न कर रहे हैं। चाइना की करंसी युआन मजबूत बन सकती है। और इसके साथ चाइना पाई को बढ़ावा देने की जो स्ट्रेटेजी बना रहा है वो कारन भी शायद उसकी गेम का हिस्सा हो सकता है। यानि चाइना अपनी करंसी युआन के जरिए और भविष्य में पाई के जरिए भी इंटरनेशनल लेवल पर अपना वर्चस्व  स्थापित करने की मनोवांछा रखता है। इसलिए मित्रों ! हमारे लिए भी पाई का माइनिंग करना जरुरी लगता है। 

इंडिया के क्रिप्टो एक्सपर्ट भी इस बात को समझें की  बहोत सारे क्रिप्टो है।  परन्तु इन सभी क्रिप्टो में से बाकी सारे क्रिप्टो की ऐसे ऑफलाइन मार्किट में लेनदेन इतनी नहीं दिखती जितनी पाई की दिखती है। देखिए देश या स्थान कोई भी हो, परन्तु शुरुआत होना महत्पूर्ण है। इतने सालों में किसी क्रिप्टो की कॉम्यूनिटी ने इतनी ताकत नहीं दिखाई जितनी पाई की कॉम्यूनिटी ने दिखाई है। चाइना में वहां ऐसी बहोत सी जगह पर सिर्फ पाई से ऑफलाइन बार्टरिंग करने के लिए ऐसे मेले - कहो एक्सहिबिशन या टूरिस्ट प्लेस भी बनना शुरू हो चुके है। ताकि वहां पायोनियर्स दूसरे राज्यों में से भी यहाँ इकठा हो सकें। पाई की इकोसिस्टम को धीरे धीरे मजबूत बनाने का ये प्रयास भी अच्छा है। इसलिए बाकी सब बाद में पहले पाई हाथ में। 



अब आगे दूसरा न्यूज़ आर्टिकल पढ़ते हैं - की होन्गकोंग में गेटकॉइन नाम का एक क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म था। वो गेटकॉइन एक्सचेंज को कम्पनी ने दो हजार उन्नीस में बंद कर दिया था जिसमें उसके ग्राहकों के क्रिप्टो कोइन थे।  तो उन ग्राहकों ने कोर्ट केस किया और कोर्ट ने उसका फैसला अभी सुनाया। क्या मस्त फैसला दिया है।  क्रिप्टो करंसी को ग्राहकों की प्रॉपर्टी कहा है। जी हाँ ,  कानूनी फर्म होगन लोवेल्स ने अपने ब्लॉग में ये लिखा था , यहां पूरा केस आप शांति से पढ़ सकते हैं। 



हांगकांग की अदालत ने क्रिप्टोकरेंसी को संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। यानी आभासी लगने वाले क्रिप्टो को एक डिजिटल सम्पत्ति कहा है। दोस्तों गाड़ी बंगला सोना चांदी जिसे आप देख सकते हैं वो भौतिक सम्पत्ति है उसे बेच कर पैसा मिलता है। तो उसी प्रकार ये क्रीप्टो डिजिटल सम्पति है और उसे भी बेच कर पैसा मिल सकता है। अभी भी पाई को मोबाईल में फ्री में बना सकते हैं जिसे बाद में बेच सकेंगे। तो मोबाईल में अभी भी पाई नेटवर्क एप को इंस्टॉल नहीं की है तो शुरुआत कर सकते हैं। लिंक इस मेटामित्र चैनल के वीडियो के डिस्क्रिप्शन में है। और सारे स्टेप क्लियर करने के वीडियो की लिंक भी है। 



दोस्तों वैसे तो क्रिप्टो खरीदने के लिए पैसे लगते हैं , परन्तु पाई जैसे क्रिप्टो को खरीदने के लिए पैसे नहीं सिर्फ ज्ञान और धीरज चाहिए। और पाई जैसा क्रिप्टो चला तो जीवन में भविष्य का सिन शानदार और समृद्ध हो सकता है। 



अब आगे देखते हैं , दुबई में यानि यूनाइटेड अरब अमीरात में क्रिप्टो को लेकर कोई बिस्नेज करना हो तो कर सकेंगे क्योंकि वहां उसके नियम और कानून बन रहे हैं। 



यहाँ लिखा है क्रिप्टो उद्योग बिना किसी बड़ी बाधा के विस्तार कर रहा है। बाजार के माध्यम से किसी भी संभावित घोटाले या गिरावट से बचने के लिए, सरकारें अपने नियमों को बेहतर बना रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात [यूएई] उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

क्रिप्टो का बिस्नेज करने के लिए - लायसन्स लेने के लिए आपको आवेदन करते समय क्या ध्यान में रखना चाहिए ये भी लिखा है।  अभी डिटेल में नहीं पढ़ेंगे - आगे बढ़ते हैं।  

एक आर्टिकल ये भी दिखा है। लिखा है सीरिया ने चाइनीस युआन के पक्ष में वैश्विक लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर का परित्याग करने का आग्रह किया।  सीरिया ने ब्रिक्स राष्ट्रों के नेतृत्व में प्रयास का आग्रह करते हुए वैश्विक लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर को छोड़ने का आह्वान किया है। इसके अलावा, सीरिया के राष्ट्रपति जी ने मुद्राओं से होने वाले इंटरनेशनल सेटलमेंट  के लिए चीन की करंसी युआन को अपनाने का आह्वान किया है।

मतलब की सीरिया के राष्ट्रपति जी ब्रिक्स देशों को डिडोलारीकरण के लिए कहे रहे हैं। ये इसलिए हो रहा है क्योकि अमरीका के साथ संघर्ष होने के बाद उनको अमरीकी डॉलर का त्याग करने की आवश्यकता लगी। 


इस तरफ अमेरिका को भी ये पता है की दुनिया में क्या हो रहा है। अमरीका के व्हाइट हाउस के अर्थशास्त्री जी ने एक बयान में कहा ही है कि : "कुछ सबूत" हैं कि चीन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करना चाहता है। उनके ऐसे प्रयासों का उद्देश्य ये जो डॉलर अंतरराष्ट्रीय आरक्षित मुद्रा बनकर बैठा हे उसकी ताकत को कम करना है। हम। ये ब्रिक्स देशों द्वारा डॉलर के मूल्य को कम करने का जो अभियान चल रहा है उससे अमरीका को भी डॉलर के मूल्य की रक्षा करनी पड़ेगी। 

तो इस तरह हमने देखा की कुछ देश व्यापार के लिए यू.एस. डॉलर के प्रभाव को कम करने का इरादा रखते हैं। तो कुछ देश क्रिप्टोकरंसी को settlement के लिए स्वीकार करने के दरवाजे खोल रहे हैं। तो क्रिप्टो का भविष्य धीरे धीरे बन रहा है और साथ में पाई का भी। 

पाई में पिछले कुछ दिनों में दो अपडेट दिखे हैं - पहला है - पाई का नोड जिन्होने कॉम्प्यूटर में या लेपटॉप में इंस्टॉल किया है वो लोग कोम्प्युटर में वॉलेट ओपन कर सकते हैं। पाई के मेनू में वॉलेट नाम का एक ऑप्शन दीखता है वहां क्लिक करने पर पासफ्रेज इंटर करने की स्क्रीन आती है। वहां अपने पासफ्रेज इंटर करने पर ठीक वोही पाई दीखते हैं जो मोबाईल में वॉलेट में दीखते हैं। वहां से भी पाई का लेन देन कर सकते हैं। हो सकता है - हेकेथोन के बाद डेवेलपर्स के लिए ये वॉलेट का फीचर उपलब्ध करवाया हों। 

दूसरा अपडेट ये हे की चेट रूम में नया फीचर लेंग्वेज का एड किया है। इस बटन पर क्लिक करेंगे तो ये मेसेज आएगा। लिखा है दुनिया के एक्सो पचहत्तर देशों के लोग एक जगह पर अलग अलग भाषाओ में कॉम्युनिकेशन और डिस्कशन करके पाई कॉम्युटी को आगे बढ़ाएंगे। फिर नेक्स्ट मेसेज में चैटरूम के छे नियम लिखे हैं। जिसमें वल्गैरिटी न करें, एक दूसरे का अपमान न करें, एडवर्टाइस्मेंट न करें, बिना मतलब की ज्यादा चेट न करें, किसी के साथ स्केम न करें, परसनल इन्फर्मेशन शेर न करें वगैरह वगैरह। ये इसलिए बता रहे हैं की आपने अगर इसका उल्लंघन किया और आपको मॉडरेटर ने म्यूट कर दिया तो आपका kyc नहीं आएगा या हो सकता है कुछ और पाबन्दी आप पर लगा दी जाएं। तो चैटरूम में शांति और सभ्यता से प्रश्न पूछें या अपनी बात रखें। 

मित्रों , पहेली तारीख शाम से पाई की एप ओपन नहीं हो रही थीं और कुछ लोगों को ये मेसेज दिख रहा था। उसमे चिंता करने की जरूरत नहीं है आपके पाई सेफ ही रहेंगे। अब तक ये प्रॉब्लम सॉल्व हो चूका है। पाई की एप ओपन हो रही है। पुराने पाई लौट के आ चुके हैं। तो क्रिप्टो लक्समी देवी पाई का माइनिंग यज्ञ शुरू कर सकते हैं। 


तो हे पयोनियरों ! इस पृथ्वी पर विभिन्न देशों का डॉलर गिरा कर अपनी करंसी को आगे बढ़ाने का एक युद्ध भी शुरू हो चूका है। खेलोगे नहीं तो जीतोगे कैसे ? जाओ पाई में अपनी रेफरल टीम बनाओ। चाइना की गेम भविष्य में डॉलर , युआन और पाई के समीकरण बदल सकती है। अभी ये कहना ज्यादा हो रहा हो या समझने में कठिन लग रहा होगा। जो भी हो परन्तु अभी तो पाई को पकड़ने में ही समझदारी है। पाई नेटवर्क प्रोजेक्ट अमरीका में बन रहा है। और लगभग बिसहजार क्रिप्टोकोइन में से चाइना ने सिर्फ पाई को पकड़ा है। पाई को चाइना में लोग बहुत प्रमोट करते हैं। एक पाई की तीन लाख डॉलर वाली कीमतों पर सामान बेचते हैं। मेले लगाते हैं। अब तो टूरिस्ट पॉइंट भी बनने लगे हैं। क्यों ? क्योंकि पाई लेन देन में सबसे आसान क्रिप्टो लगता है। चायवाला या सब्जीवाला कहो कॉमन मैन भी इसे बिना किसी टेक्निकल ज्ञान के सिर्फ एक मोबाईल से आसानी से उपयोग में ले सकता है। खास बात ये है की इसमें पैसों का इन्वेस्टमेंट नहीं है , बिलकुल फ्री में पाई मोबाईल में बना सकते हैं। परन्तु बनाने के लिए इसके बारे में जानना पड़ेगा अपडेट रहना पड़ेगा। तो नया नया जानते रहें, अपडेट रहें और प्रसन्न रहें। मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र मेटा मित्र। जय हिन्द जय भारत। 
 



क्या पाई पूरी दुनिया की कॉमन करंसी बन सकती है ? 💵 Pi world currency 🤑Pi Network New Update Today🤑

 


क्या पाई सुपर सॉवरेन करेंसी बन सकती है ? मेटामित्र चैनल के व्यूअर्स जो पाई में तीन साल से जुड़े हुए हैं उन्हें पता होगा की शुरुआत में पाई प्रोजेक्ट बन रहा था तब सिर्फ माइनिंग करना था, रेफरल टीम और सिक्युरिटी सर्कल बनाना था। धीरे धीरे प्रोजेक्ट में विकास होता गया। फिर इसमें वॉलेट बना, ब्लॉक एक्स्प्लोरर, मेंनेट के आठ स्टेप बने, और kyc फीचर के बाद अब इकोसिस्टम बनना शुरू हुआ है। आज की तारीख में हम देखें तो पाई के भविष्य की दिशा के बारे में सोचने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। 


पाई के व्हाइटपेपर के अनुसार पाई का दृष्टिकोण पीयर-टू-पीयर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। यानि दुनिया में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली,  क्रिप्टोकरेंसी द्वारा संचालित पीयर-टू-पीयर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना । पाई न केवल दुनिया में सभी जगह, सभी बिसनेज में इस्तेमाल की जाने वाली मुद्रा बनने के लिए तैयार है, बल्कि पाई एक ग्लोबल डिजिटल करंसी बनने के लिए भी तैयार हैं।  अब इसमें जो समस्या है वो हे   देशों की वैधता विश्वसनीयता या क़ायदेसरता । दुनिया के सभी देश में क़ानूनी तौर से स्वीकृत होना चाहिए बस।   देखिए जिस देश में सरकार होती हे वहां कानून भी होता है और उसी से वहां मुद्रा की विश्वसनीयता बनी रहती है। और ये तो सीधी बात है की - कोई भी सरकार अपने देश में दूसरी मुद्रा को स्वीकार नहीं करेगी। है न ? जब पाई को पैसे के रूप में रखा जाता है तो केवल दो संभावनाएं हो सकती हैं। या तो पाई को दुनिया के देशों द्वारा स्वीकार किया जाएगा या नहीं किया जाएगा। 

चलो अब दोनों संभावनाएं थोड़ी डिटेल में देखते हैं। पहली संभावना पर विचार करते हैं की यदि पाई को सभी देशों द्वारा स्वीकार किया जाता है - मतलब की यह संभावना सच होती है तो क्या इसका उन देशों की मुद्राओं पर कोई प्रभाव पड़ेगा ? या उनकी अर्थव्यवस्था में क्या बखड़जंतर होगा ?


वास्तव में क्या है न की - कोई भी देश पाई को अपनी मुद्रा के रूप में उपयोग नहीं करना चाहेगा क्योंकि वर्तमान में प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था की अलग-अलग क्षमताएं और अलग-अलग विशेषताएं हैं। जिसकी वजह से सभी देश के लेवल एक समान नहीं है। कोई देश बड़ा हे, धनवान है, शक्तिशाली है, और कोई देश गरीब है , छोटा है या कमज़ोर है। कहने का अर्थ है ये सभी अर्थव्यवस्थाओं को तुरंत एक दूसरे के बराबर करना संभव नहीं है। एक ही दिन में सब को समान दर्जे पर लाना संभव नहीं। सामान्य रूप से राष्ट्र के हितों और विशेष रूप से जो देशों के समूह हैं वो समूहों के हितों के विषय में ये बात नहीं है। ये बात G8, G20,BRICS,OPEC, Saarc और  Soviyet union जैसे इकोनॉमिक ग्रुप जो बने हैं उनके बारे भी नहीं है। 

तो क्या विज़न है, क्या ऐसा  परिदृश्य है मतलब ऐसा क्या होना चाहिए ताकि ये सभी देश पाई को स्वीकार करेंगे। तो भाई , पाई को अपनाने वाले देशों के लिए, पहले पाई को खुद को एक सुपर सॉवरेन मुद्रा बनना चाहिए क्योंकि ये देश पाई को एक सुपर सॉवरेन करेंसी के रूप में स्वीकार कर सकते हैं। अब जैसे इंडिया ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी सीबीडीसी की शुरुआत करने की पहल की है तो उसी प्रकार प्रत्येक देश अपनी स्वयं की सीबीडीसी क्रिप्टोकरेंसी जारी करेगा। नाम चाहे कोई भी हो। ये सीबीडीसी सभी देश की अपनी आंतरिक क्षमता के आधार पर और अपनी रणनीति के मुताबिक होगी। तो हो सकता है अब दुनिया के देश  अपनी अपनी सीबीडीसी और पाई के बीच एक विनिमय दर निर्धारित करेंगे। प्रत्येक अर्थव्यवस्था की अलग-अलग विनिमय दरें होती हैं। यदि ऐसा होता है तो सभी देश के सीबीडीसी के बीच विनिमय दरों को सूचीबद्ध करने की या लिस्टिंग करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूपांतरण और उपयोग करने के लिए ये एक कॉमन करंसी - सामान्य मुद्रा है। 


मित्रों, ये अनुमान किसके आधार पर लगाया जा सकता है ? तो आप जानते हैं कि वर्तमान में USD को एक अंतरराष्ट्रीय भुगतान मुद्रा के रूप में माना जा रहा है, हालांकि कोई आधिकारिक विनियमन नहीं है। 

कुछ कमजोर देशों को यही स्वीकार करना पड़ता है।  लेकिन बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, आत्मनिर्भरता के लिए रिसोर्सिस और महत्वाकांक्षा रखने वाले देश जैसे चीन, भारत, रशिया, ब्राजील - आदि और कई अन्य देश निश्चित रूप से ऐसा नहीं चाहते हैं। तभी तो हाल ही में रशिया ने इंटरनेशनल सौदे के चाइनीस युआन को स्वीकार किया न की अमरीकी डॉलर को। परन्तु ये शुरुआत हो चुकी है। 


वास्तव में,  वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक स्तरीय खेल के मैदान में प्रवेश करने के लिए ऐसे देशों को एक स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष मुद्रा की आवश्यकता है। जिस पर किसी देश का प्रभाव न हों। एक उदाहरण देखते हैं।

की कुछ जगहों पर नौकरी के लिए बहुत सारे उमेदवार इंटरव्यू देने जाते हैं उनमें से कई सारे प्रतिभाशाली होते हैं परन्तु सिर्फ एक उमेदवार ऐसा होता है जिसका सिलेक्शन पहेले से तय होता है। यानी ये निष्पक्ष सिलेक्शन नहीं हुआ। उम्मीद हे आप समज रहे हैं की उसी प्रकार बहोत देश ऐसे प्रतिभाशाली हैं जो डॉलर की पकड़ से बाहर निकलने के लिए विभिन्न तरीके खोज रहे हैं। इसलिए उनको एक निष्पक्ष मुद्रा की आवश्यकता है ऐसा सोच सकते हैं। 


पाई को एक सुपर सॉवरेन करेंसी के स्वरूप में अपनाने से वो भविष्य में उन देशों को लाभ मिलेगा और विशेष रूप से उनके सार्वजनिक ऋण की समस्याएं हल हो सकती है। ये एक अच्छी संभावना है। 


https://blockchain.vn/en/about


अभी तो चीन और इंडोनेशिया में पाई की जो गतिविधियां हो रही है उस पर नजर रखनी बहोत आवश्यक लगती है। वियतनाम ने एक डिजिटल राष्ट्र की ओर डिजिटल अर्थव्यवस्था की सेवा के लिए क्रिप्टोकरेंसी के निर्माण में कई निर्देश जारी किए हैं। वियतनाम के प्रधान मंत्री जी की अमरीका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की विजिट होने के बाद वियतनाम में पहेली ब्लॉकचेन एसोसिएशन की स्थापना हुई है। इसके बाद बैंकिंग एसोसिएशन और चीन के ब्लॉकचेन एसोसिएशन के बीच भी सम्मेलन हुआ है। ये सब इसलिए बता रहे हैं की वहां सरकारें जिस प्रकार ब्लॉकचेन और  क्रिप्टो में इंटरेस्ट ले रही हैं तो वहां भी सीबीडीसी जैसी उनकी क्रिप्टो करंसी आएगी जरूर। और वहां की पब्लिक भविष्य में पाई को उसी क्रिप्टो में स्वेप भी कर सकेंगी। 


पाई -> फेसबुक -> व्हॉट्स एप : व्हॉटस्टप से पाई का पेमेंट भी हो सकता है। 


आइए अब टेक्नोलॉजी के दिग्गजों यानि महारथियों की चालों का निरीक्षण करें, जिनमें से सभी ने खुद को अपग्रेड करने के लिए इंटरनेट का वेब3 चुना है । सबसे पहले मि. एलोन मस्क जी ने ट्विटर खरीदा और घोषणा की कि वह इसे कुछ सुपर एप में बदलना चाहते हैं। वो इस पर क्रिप्टो का ट्रेडिंग भी भविष्य में करवा सकते हैं। 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एपल की रेस शुरू हो चुकी है। फेसबुक ने मेटावर्स में अपना स्थान बनाने का ठान लिया है। आप सबको पता ही होगा की फेसबुक ने व्हॉट्सअप खरीद लिया था और अब गूगल पेमेंट की तरह व्हॉट्सअप से भी पेमेंट होना शुरू हो चूका है। मजेदार बात तो ये है की पाई नेटवर्क में फेसबुक से लॉगिन या एकाउन्ट बना सकते हैं और हो न हो भविष्य में इसी फेसबुक के व्हॉट्सअप से पाई के ट्रांसेक्शन अगर भविष्य में देखने को मिलते है तो पयोनियरों को तो आश्चर्य नहीं होगा बल्कि ख़ुशी होगी। है न ? जे बात।  परन्तु एक इंसान अगर एक से ज्यादा फेसबुक बना सकता है और ट्विटर अकॉउंट भी। तो अब पिक्चर में पाई की kyc का रोल सबसे महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगर मेटावर्स में कदम रखता है तो उस नए बनने वाले इंटरनेट के ब्रह्मांड में इंसानों को पहचानना बड़ा कठिन हो जाएगा।  सबके अवतार होंगे उसमें असली मानव या इंसान को पहचानने के लिए KYC काम में आ सकता है। पयोनियरों हम तो ये सिर्फ एक संभावना पर विचार कर रहे हैं - ऐसी अनंत संभावनाएं या नए विचार करने में अभी से  हमारा मन उतना सक्षम नहीं है जितना आनेवाले समय के वैज्ञानिकों का होगा। 


इसलिए टेक्नोलॉजी की क्रांति को - कहो तूफान को रोकने का सामर्थ्य किसी एक देश के बस की बात नहीं। 

और ये दूरदर्शन जिस किसी भी देश की सरकार ने पहले से यानि अभी से कर लिया है, इसे देख लिया है वो अपने देशको टेक्नोलॉजी के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार करेंगे। इस टेक्नोलॉजी के युद्ध में जितने के लिए , टिके रहने के लिए - सभी देश अपनी अपनी रणनीति तैयार करेंगे।  दोस्तों फिर तो जो भी क्रिप्टो -उसका नाम चाहे कुछ भी हो सकता है - सबसे पहले दुनिया के कोने कोने में पहुंचेगा उसको स्वीकार किया जाएगा। पाई अगर पहले पहुंचा यानि फैला तो पाई को स्वीकार करना होगा।  पाई के बदले कोई और क्रिप्टो तेज गति से दुनिया में फैला तो वो भी सुपर सॉवरेन डिजिटल करंसी बन सकता है। तो आप रिसर्च करते रहें और खोजते रहें की कौनसा ऐसा क्रिप्टो हे जो इस पाई से सरल है, KYC और ट्रांसेक्शन स्पीड तो होनी ही चाहिए उसके उपरांत सब्जी वाला या चाय वाला भी उसे आसानी से ऑपरेट करना चाहिए। 


अगर आपको लगता है की पाई एक सुपर सॉवरेन करनसी मुद्रा बनने के लिए ग्लोबल कॉमन करंसी जो कर सकती है वो ही आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है तो पाई को पकड़िए। अगर नहीं है तो पाई को छोड़ सकते हैं। 


आइए देखें कि एक सुपर सॉवरेन कॉइन कौन सी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होता है। यानि सर्वश्रेष्ठ, मुख्य या उत्तम डिजिटल एसेट कोइन बनने के लक्षण क्या होते हैं। इसमें हमारी कुछ गलती हो तो कमेंट करके सुधारने का प्रयास जरूर करें। यू आर वेलकम। 


पहला पॉइंट है ,

1. सरल होना चाहिए। उपयोग में आसान , कोई भी अपना सकता है।  विश्व क्रिप्टोकरंसीज के इतिहास में पाई के लिए यह पूरी तरह से संभव है पाई इस महान कार्य को करने वाला पहला सिक्का है। हो सकता है भविष्य में ऐसे कई प्रोजेक्ट कोइन बने जो पाई के रास्ते पर चले। उस दिशा में चले - परन्तु पाई जैसी काबिलियत और प्रसिद्धि हासिल करने में उनको भी समय लगेगा। 


अब सॉवरेन करंसी बनने के लिए दूसरे लक्षण की बात करते हैं।  लम्बे समय तक चलने के लिए पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। तो पाई की मात्रा वैसे तो 100 बिलियन है। परन्तु एक पाई का सबसे छोटा हिस्सा माइक्रो पाई कहलाता है। एक पाई के एक मिलियन टुकड़े या हिस्से हो सकते हैं। तो 100 बिलियन पाई के सभी माइक्रो गिने तो कुल 100 मिलियन बिलियन यूनिट सबसे छोटी मुद्रा के बराबर है। और इसी लिए वॉलेट में जीरो पॉइंट के बाद सात शून्य तक रखे गए हैं। जिसका अर्थ है कि करंसी के स्वरूप में इतना छोटा माइक्रो पाई का भी ट्रांसेक्शन लेन-देन में गिना जा सकता है। इस तरह पाई कम से कम अगले 100 वर्षों के लिए दुनिया की मांग को सम्पूर्ण रूप से पूरा कर सकता है। 


मनी सप्लाई फैक्टर के बारे में सोचें तो Pi कोर टीम के लिए बीस बिलियन पाई रखे जाएंगे। यह पाई 10000 अकॉउंट में विभाजित हो सकते हैं तो प्रत्येक अकॉउंट में लगभग 2 मिलियन पाई होंगे । 


सो वर्षों में हर दस साल के बाद बाजार में पाई मनी सप्लाय करने का कार्य सोचें। तो ये दशजार अकॉउंट में से  प्रत्येक चक्र में 1000 अकॉउंट विसर्जित होंगे। यानि दो बिलियन पाई की मनी सप्लाई दुनिया के बाजारों में हर दस साल के बाद करने का प्लान हो सकता है। अब कुछ फेक्टर्स है जो संचलन में धन की मात्रा को प्रभावित करते हैं जैसे कि वॉलेट लॉस हो जाने पर पाई का नुकसान होता है, फिर आर्थिक विकास दर का कारण, इन्वेस्टमेंट में उतार-चढ़ाव का फेक्टर, लॉन्ग टर्म सप्लाई -तो इन कारकों के बारे में अच्छी तरह से अध्ययन करके इन सब से उत्पन्न होने वाली समस्या के लिए पाई की कोर टीम ने रणनीति भी बनाई होगी। 


और वे सब अकॉउंट संभवतः उन देशों के लिए होंगे यानि वो देश जो पाई को ग्लोबल कॉमन पेमेंट के स्वरूप में स्वीकार करते हैं। Pi कोर टीम सभी देश को उसकी अर्थव्यवस्था के माप के आधार पर एलोकेट करेगी या डिस्ट्रीब्यूट करेगी। उस देश का फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व या कुछ और एडिशनल रूट के जरिए भी ये अलोकेशन हो सकता है। इस तरह दुनिया के सभी देशों को पाई के इकोसिस्टम में जॉइंट होने के लिए वॉलेट और उसके साथ उनके वॉलेट में पाई भी होने चाहिए - तो इसका प्रबंध हो रहा है। 


आगे तीसरा लक्षण देखते हैं जो सुपर सॉवरेन करंसी बनने के लिए होना चाहिए। 

वो हे - किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा हेरफेर नहीं किया जाना चाहिए। मित्रों यदि Pi का ब्लॉकचेन नेटवर्क इच्छित दिशा में संचालित होता है तो Pi निश्चित रूप से इसे भी पूरा करेगा। यह एक विशेष प्रकार का डिजिटल रिसोर्स बन जाएगा और अत्यंत दुर्लभ होगा जब इसने बिना किसी स्टैण्डर्ड के अपना मूल्य स्थापित कर लिया होगा। मनी का इतिहास देखा जाएं तो सभी करंसीयो को मूल्य स्थापित करने और स्थिर करने के लिए अनिवार्य रूप से किसी प्रकार के स्टैण्डर्ड स्थापित करने की आवश्यकता होती है।


ध्यान से सुने, पाई का स्टैण्डर्ड - डिमांड और सप्लाई के वास्तविक कानून द्वारा मापा जाएगा न कि अभी जो कण्ट्रोलेड डिमांड और सप्लाय हे उस प्रकार के कानून से। अभी वर्तमान में  सप्लाई और डिमांड के कानून में ज्यादातर अमरीकी डालर द्वारा मैनिपुलेट यानि हेरफेर किया जा रहा है। वो भी फेडरल इंटरेस्ट रेट के मुताबिक। उम्मीद हे आप समज रहे हैं। यहाँ पाई के लिए केवल एक चीज की जरूरत है, वह है गुड्स और सर्विसिस की मांग। जब नेचरल डिमांड होगी तो सप्लाई भी होगी और यही चीज सबसे रिअलिस्टिक स्टैण्डर्ड है।


चौथा आगे लक्षण जो सुपर सॉवरेन करंसी बनने के लिए होना चाहिए उसमें कुछ अन्य फेक्टर्स हे जो टेक्नोलॉजी पर निर्भर करते हैं। जैसे की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा। जो लोग ब्लॉकचेन नेटवर्क को समझते हैं, वो  इस फैक्टर को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि पाई क्रिप्टो करंसी की दुनिया में नंबर वन है।  


तो एक सुपर सॉवरेन करंसी के बारे में बात की जाए तो अभी ये चार पॉइंट में से सिर्फ एक चौथा पॉइंट पाई में है। यानि चौथे पॉइंट का लक्षण पाई में है जिससे पाई सुपर सॉवरेन करंसी बन सकता है उसका परीक्षण जारी है। 


परन्तु जब ओपन मेंनेट आता है तो निश्चित रूप से यह सुपर सॉवरेन करंसी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक है। यानि इन चार पॉइंट के आलावा दूसरे लक्षण भी पाई में होंगे जिससे पाई सुपर सॉवरेन करंसी बनने के लिए अपना स्थान मजबूत बना लेगा। 


और अगर यह पहली संभावना सच होती है यानि सभी देश पाई को स्वीकार करते हैं तो ये GCV की जो विवादास्पद कहानी हे वो एक वास्तविकता बन जाएगी। यानि GCV - ग्लोबल कनसेन्स वेल्यू सच हो सकती है। 


उस समय सभी पायनियर्स - अपने देश के नेशनल फॉरेन करंसी रिज़र्व के निर्माण में योगदान देनेवाले महान व्यक्ति होंगे। उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। 


तब यह पूरी तरह संभव है कि निश्चित रूप से हम बहुत अमीर होंगे। तब लगेगा की इस तरह दूर दृष्टि रखने वाले हम सब पयोनियरों के लिए अमीर बनना कितना सरल  था नहीं ? - लेकिन ऐसा होने में कितना समय लगता है है वो देखना है। ये धैर्य की एक जबरदस्त रोमांचक कहानी है जो सच हुई तो अपने पोतों पोतियों को गर्व से सुनाएंगे। 


अब हम दूसरी संभावना पर भी एक बार विचार कर लेते हैं। की क्या होगा अगर पाई को सभी देश स्वीकार नहीं करते हैं। या फिर कुछ देश मान्यता देंगे और कुछ नहीं देंगे या देर से देंगे। जब पाई को सभी देशों द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है, तो ये किसी भी देश में सर्क्युलेट नहीं होगा। केवल पाई के ब्लॉकचैन नेटवर्क पर पाई की इकोसिस्टम में ये चलेगा। कुछ देश में अगर पाई को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं मिलती है तो पाई भी बिटकॉइन की तरह डिजिटल एसेट रहेगा। हो सकता है पाई दूसरे क्रिप्टो की तरह सिर्फ एक अवैध, गैरकानूनी मुद्रा बन के रह जाए जो कई आपराधिक संगठनों के लिए, स्मगलर्स के लिए - मनी लॉन्ड्रिंग चैनल बन सकती है।  

और एक तरह से उस देश की सरकार के लिए सिरदर्द बन सकती है। 


यदि पाई पर जो भी देश पाबंदी लगाता हे तो वहां इसे दूसरे क्रिप्टो की तरह नहीं रखा जा सकता है।  यदि यह गैरकानूनी बनता है तो यह दुनिया में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी नहीं बन सकती है। सभी देश इसे अस्वीकार करते है तो पाई के व्हाइट पेपर में जो विजन हे वो अर्थहीन हो जाता है। 


लेकिन लेकिन लेकिन - पाई की टेक्निकल मजबूती , स्टेलर कनसेन्स प्रोटोकॉल जो आई इस आई द्वारा मान्य है - उससे पता चलता है कि यह पाई नेटवर्क प्रोजेक्ट कोई घोटाला या स्केम नहीं है। इसलिए यह दूसरी संभावना बहुत दुर्लभ है। दूसरे शब्दों में कहें तो पाई को गैरकानूनी क्रिप्टो या डिजिटल एसेट मान कर उसे अस्वीकार करने की संभावना या चान्सिस बहुत कम है। बहुत कम। इसलिए चिंता करने की जरूरत ही नहीं लगती। 


जैसा कि व्हाइटपेपर में कहा गया है कि यह एक बड़ा विज़न है जो धीरे-धीरे चरणों में प्रकट होने वाला है। 

पाई कोर टीम तो केवल इस मिशन को पूरा करने के लिए सौंपे गए लोग हैं, उनके पीछे एक नेतृत्व टीम और एक रणनीतिक स्टाफ हो सकता है जो कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट हों। उनके बेकअप में ऐसे माहिर योद्धा हो सकते हैं जो अपने क्षेत्र में धुरंधर हों। 

चाइना और विएतनाम की सरकारों को शायद ये बात समज में आ गई है। इसलिए वो इसको समर्थन दे रहे हों और वहां व्यापारियों को भी GCV की कीमत पर व्यापार करने में अभी कोई रोक टोक या पाबंदी नहीं दिखती है। 


बहुत कुछ कहना है , परन्तु इस वीडियो को समाप्त करना भी जरुरी है। 

लास्ट में - कुछ चीजों पर ध्यान रखना जरुरी है वो जानते हैं। इस समय पाई को किसी भी प्रकार से बेचने की गलती नहीं करनी है।  अपने देश के बाहर की चीजें पाई से खरीदने की गलती भी नहीं करनी है। अगर हम पाई को ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए विदेश में जाने देते हैं तो हम राष्ट्र के खिलाफ अपराध करते हैं। ये किसी भी कारण से न करें।  अगर हम गरीब हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कुछ और थोड़े समय के लिए गरीब रहें । परन्तु यदि हम अपनी कठिनाइयों से तात्कालिक छुटकारा पाने के लिए पाई को शुरुआत में बेच देंगे तो तो हम भविष्य में अपने और अपने परिवारों के लिए बड़ी समस्याएँ खड़ी करेंगे। ये पाई की गेम सिर्फ एक्सचेंज, KYC और इकोसिस्टम तक सिमित नहीं है। इसकी जिंदगी बड़ी लम्बी है - ब्रह्मास्त्र की तरह इसका प्रभाव देखना अभी बाकी हैं। समजो आपको एक तरह से पाई का बहुत बड़ा खेत मिल गया है - इसमें अनेक तरह की फसल उगने में और इसे जंगल बनने में समय लगेगा। जंगल से कितने लाभ होते हैं वो सोचें। और खेत को नष्ट कर देंगे तो क्या होगा वो सोचें। 


यदि पहली संभावना सच होती है तो musk या अमेज़ॅन या पाई के पीछे जो भी बड़ा आदमी है उसे भूल जाइए। क्योंकि तब सिर्फ वो ही अकेले नहीं होंगे जिन्हें पाई की है। पाई का काम उसके ग्लोबल मिशन में अपनी भूमिका अच्छे से निभाना है ताकि पाई वास्तव में एक सुपर सॉवरेन करेंसी बन सके। 


हम सब पायोनियर पाई की कॉम्यूनिटी कहलाते हैं चलो एक समुदाय के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। 

पाई जीवन की गाड़ी की हेडलाइट से निकलता हुआ प्रकाश है। उसको पकड़ने की कोशिश न करें बल्कि उसी के साथ अपने जीवन की गाड़ी चलाना सीखना है। 


प्रत्येक युग में धन वितरण की एक प्रक्रिया होती है। इस युग में, धन अब कड़ी मेहनत का प्रतिफल नहीं है, बल्कि समझ का प्रतिफल है। अपनी समज बढ़ाएं। देखिए अवसर संदेह से शुरू होता है, विकसित तर्क से होता है और जीवन में मिलनेवाले जयजयकार और वाहवाही के शब्दों के साथ समाप्त होता है! तो उत्तम अवसर पकड़ने के लिए नया नया जानते रहें और प्रसन्न रहें। मेटामित्र के साथ जुड़े रहें। मेरामित्र मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत।




Pi Network GCV in India || GCV kya hai ?

Pi Network GCV in India,GCV kya hai,pi network gcv,gcv pi network,gcv kimat,pi gcv,pi ki kimat,pi ki value,pi ki kimat india me,pi network,pi network new update,


१ पाई की कितनी कीमत है ? 

ये GCV क्या है ? 

पाई के बदले में चीजवस्तुएं खरीद सकते हैं ?  कहाँ से खरीदें  ?

GCV कीमत पर कौन बेचता है ? क्या अभी पाई को खरीदना या बेचना चाहिए ? 

लॉन्च कब होगा ? लॉन्च होने पर कितनी प्राइस होगी ? 

क्या कभी एक्सचेंज पर ये GCV की प्राइस आ सकती है ? 

आए तो कौनसे एक्सचेंज पर बेचना उचित रहेगा ? -  

ओहो कितने सवाल पयोनियरों के मन में ? ख़ास करके इण्डिया के पायोनियरों के मन में कब से उछल कूद कर रहे हैं। 

आजे आमांथी थोडू घणु जानिशु। 

ये GCV का पूरा नाम है - ग्लोबल कनसेन्स वेल्यू।  यानी वैश्विक सहमति मूल्य। अब ये शब्द कहाँ से शुरू हुआ , किसने किया और क्यों किया इसकी जानकारी लेने से पहले इस GCV में १ पाई की जो कीमत तय की है वो देखते हैं।  तो भाई एक पाई की कीमत तीन लाख चौदह हजार एक सो उनसठ यु इस डॉलर तय की गई है। और रूपये में कन्वर्ट करते हैं तो ये ढाई करोड़ रूपये के आस पास होती  है। 

314,159.00 US Dollars = 25,818,561.41 Indian Rupees



कुछ लोग ये बार बार पूछते हैं की क्या पाई लॉन्च हो गया है? तो इसका जवाब हे हाँ. पाई का मेंनेट लॉन्च हो गया है और पायोनियरों को पाई वॉलेट में मिलते हैं। दोस्तों पाई की एप में जो पाई दीखते हैं उनको वॉलेट में लाना होता है। उसके लिए पाई ब्राउजर नाम की दूसरी एप मोबाईल में इंस्टॉल करनी पड़ेगी। आप पाई को पाई एप में लाइटनिंग बटन पर क्लिक करके बनाते तो हैं परन्तु उसका उपयोग करने के लिए ये दूसरी एप जिसका नाम हे पाई ब्राउजर उसमे ये वॉलेट करके ऑप्शन हे उसमें लाना होता है और वही से आप अपने पाई का उपयोग कर सकते हैं। अब ये जो मेंनेट लॉन्च हुआ है वो एनक्लोसेड हैं। यानी आप सिर्फ वोही पाई के पायोनियर के साथ पाई से लेन देन कर सकेंगे जिसने आप ही की तरह मेंनेट चेकलिस्ट के आठ स्टेप क्लियर कर दिए हैं। तो उनके साथ पाई से बार्टर सिस्टम से प्रोडक्ट और सर्विस ले सकते हैं और आप अपनी प्रोडक्ट बेच भी सकते हैं। परन्तु पाई को फ़िएट करंसी जैसे की डॉलर या रूपये में अभी बदल नहीं सकेंगे। और ना ही पाई को रूपये के बदले में बेचना है। पाई को किसी दूसरी क्रिप्टो करनसी में भी कन्वर्ट करने की अनुमति नहीं है। एक बार मेंनेट पूरी तरह से ओपन हो जाए यानी ये फायरवॉल को हटा दिया जाएगा तब आप पाई को किसी भी एक्सचेंज पर बेच सकेंगे और पाई को दूसरी क्रिप्टो में , या करनसी के बदले में बेच सकेंगे। तो अभी पाई के बदले में सिर्फ गुड्स और सर्विसिस का आदान प्रदान कर सकते हैं। आप किसी भी देश में रहते हों ये बार्टर सिस्टम किसी भी कानून के खिलाफ नहीं है। अब सवाल आता है ख़रीदे कहाँ से - तो भाई अभी तो स्कैमर्स सक्रिय हो गए हैं इस लिए ओपन मेंनेट आने तक कुछ न करें तो बहेतर है। परन्तु फिर भी आप पाई से कुछ खरीदना चाहते हैं तो अपने एरिया में अपनी सोसायटी में या कहीं भी फेस टु फेस खरीदें। पायोनियर जो प्रोडक्ट और सर्विस बेचता है उनसे मिल कर पाई से बार्टर सिस्टम से सौदा करें। अगर आप मर्चेन्ट हैं तो कुछ और व्यापारियों के साथ मिल कर कहीं खुली जगह पर या बड़े हॉल में मेला लगाएं और पयोनियरों को पाई के बदले में प्रोडक्ट बेच सकते हैं। परन्तु हाँ इसमें कीमत आप आपस में मिल कर तय कर सकते हैं।

अब  gcv - यानि पाई का वैश्विक सहमति मूल्य का कहाँ से उद्भव हुआ ये जानते हैं। 

केनेडा में डोरिस यिन करके महिला हैं वो और नाइजीरिया की कॉम्यूनिटी में मिस्टर वुडी करके एक लीडर हैं वो - इन्होने कुछ मर्चेंट्स के साथ सम्मेलन किया था। इसमें क्या हुआ था वो डोरिस यिन ने खुद कहा है वो जानते हैं। 

अभी 14 , मार्च को मिस डोरिस यिन ने सबको अपनी स्पीच में कहा है की - पाई नेटवर्क हमारे लिए नवीन विचारधारा है, समय को पार करने की अवधारणा है। भविष्य की सायंस और टेक्नोलॉजी की क्रांति जैसी Web3  पब्लिक चैन जो है वो ग्लोबल  वैश्विक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निपटान मुद्रा के कार्य और मिशन को वहन करती है,यानि ग्लोबल इंटरनेटशनल फाइनांस सेटलमेंट के लिए जो करंसी की जरूरत है उसके सभी लक्षण इस पाई में मौजूद है। दुनिया को तत्काल सुपर-सॉवरेन करेंसी के जन्म की आवश्यकता है , डी-डॉलरकरण अपनी राह पर चल रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के संकट के समय में स्टेबल कोइन की तत्काल आवश्यकता है।

पाई नेटवर्क अब अपने सबसे महत्वपूर्ण क्षण पर पहुंच गया है। मेननेट आ रहा है, और सभी तकनीकी समस्याएं ठीक से हल हो गई हैं। मेननेट ओपन सोर्स कोड अब अपने अंत के करीब है। दूसरा हैकाथॉन भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जिसका अर्थ है कि विभिन्न प्रकार की पारिस्थितिक समृद्धि होगी। और इस इकोसिस्टम की समृद्धि और स्थिरता को स्थिर कीमतों से अलग नहीं किया जा सकता है। 

आगे इन्होने कहा है - GCV - ग्लोबल कन्सेंसस वेल्यू - यानि एक पाई की कीमत तीन लाख चौदह हजार डॉलर -  जो सर्वसम्मति से शुरू होने वाला मूल्य है। ये वो कीमत है जिसे हमारे पायोनियर्स संयुक्त रूप से बनाते हैं। जीसीवी की आम सहमति पहली बार चीन में पाई कोमुनिटी के लीडर्स द्वारा शुरू की गई थी, और मार्च 2022 से, कॉम्यूनिटी में एनालिसिस, रिसर्च के बाद पायोनियरों का वोटिंग किया गया था। और इससे जीसीवी यानि पाई की कीमत की सहमति 80% तक पहुंच गई है। चीन में अलग अलग कॉम्यूनिटी में , क्लब्स में और मर्चेन्ट के एसोशियन में पाई के पयोनियरों द्वारा सबकी सहमति से  इसको पुरे जोर  से  समर्थन मिला है। मित्रों, चाइना में लगभग सभी मर्चेंट्स, रिटेलर और होलसेलर एक पाई की इस तीन लाख डॉलर वाली कीमत पर प्रोडक्ट और सर्विस देने के लिए तैयार हैं। और हमें तो लगता है की गवर्मेंट का भी सपोर्ट इसमें कहीं न कहीं हे। 

श्रीमति डोरिस यिन की, और नाइजीरिया में पाई रिवोल्यूशन करके एक कॉम्यूनिटी चलाने वाले उसके संस्थापक मि. वुडी की कुछ मर्चेंट्स के साथ मीटिंग हुई थी। ये सम्मेलन मीटिंग पिछले साल मई 2022 के मध्य में हुई थी। जिसमें इस सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी पायोनियरों ने पहले तो इस GCV कीमत का मजाक उड़ाया था । उस समय विदेश में , एक पाई की कीमत 100 डॉलर थी। बाद में उस सम्मेलन में अन्य व्यापारियों और नेताओं द्वारा 2 घंटे के भाषण में GCV पर विस्तार से चर्चा की गई। और GCV को सबकी सहमति मिली। इस कीमत के पीछे छिपे हुए सैद्धांतिक आधार को फिर वैश्विक समुदाय से एक मजबूत प्रतिक्रिया मिली । उसके बाद अब तो कई मर्चेंट्स एक पाई की ये GCV कीमत पर गुड्स और सर्विसिस बेचते हैं। 

उसके बाद वुडी और डोरिस ने UK सहित विभिन्न देशों के पयोनियरों और लीडर्स के सवालों का जवाब दिया और पायनियर्स ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया, उस बैठक के बाद 314159 यु एस डॉलर की वैश्विक सहमति मूल्य को स्वीकार किया।  अरे वाह मजा आ रहा है , है न ? सुनते रहें।  — डोरिस यिन की स्क्रिप्ट में आगे कहा है -

GCV की कीमत डिसाइड करने के बाद, चाइनीस कॉम्यूनिटी ने व्यापारियों को जोड़ने के लिए जोरदार काम शुरू किया है। चीन में दो महीने से भी कम समय में लगभग 2000 व्यापारी तैयार हुए थे जो जीसीवी का समर्थन करते थे और पाई चेन मोल में रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते थे । हालांकि, उसी वक्त पाई चैन मोल कि सिस्टम हैक हुई थी। तो इसे पूरी तरह से कार्यरत होने देरी हुई, तो व्यापारियों ने कहा था कि वहां अपने उत्पादों को ऑनलाइन रखना मुश्किल हो रहा है। पाई चेन मोल ने बाद में घोषणा की कि सिस्टम को अपग्रेड करने की जरूरत है, तो कुछ व्यापारियों ने विश्वास और धैर्य खो दिया और उनमें से कई ने छोड़ दिया। लेकिन अभी भी कई व्यापारियों को जीसीवी मूल्य के साथ बार्टर करना था तो इस वजह से, चीन के विभिन्न शहरों में जोरदार ऑफ़लाइन वस्तु विनिमय शुरू हुआ। विभिन्न शहरों में लगभग 300 क्लब स्थापित किए गए हैं, कुछ कंपनियां पीआई पेमेंट को स्वीकार करती हैं। एक डीजेड इंटरनेशनल कम्पनी भी हे जो अमेरिकी उद्योगपति डेविड जी द्वारा स्थापित की गई है वहां पर भी पाई के GCV मूल्य पर प्रोडक्ट बिकती है। चीन में आर्थिक कठिनाइयों के कारण बहोत सारे व्यापारी पाई को पेमेंट के रूप में स्वीकार करना चाहते हैं । क्योंकि वहां लोगों के पास खरीदने का पैसा नहीं है। 

यूँ समजो पैसों का पर्चेसिंग पावर नहीं है तो बहुत सारे प्रोडक्ट का फूल स्टॉक खड़ा हो गया है। व्यापारियों का भी अपनी प्रोडक्ट के स्टॉकिंग में बहुत पैसा खर्च हो रहा है। उन्हें लगता है की उनके प्रोडक्ट बाइक नहीं तो कुछ प्रोडक्ट पड़े पड़े ही एक्सपायर हो जाएंगे। इस वजह से हमें लगता है कि Pi पेमेंट से अर्थव्यवस्था को ठीक होने और बढ़ने में मदद मिल सकती है। इसी के साथ अधिक पायोनियरों को जागरूक करने के लिए की Pi एक करंसी है इसलिए कीमत GCV पर तय की गई है। अब चीन में लगभग सभी ऑफ़लाइन वस्तु विनिमय में इस जीसीवी का उपयोग होता है। 


अब पहले rmb का मतलब समझते हैं। यहाँ rmb का मतलब रेनमिम्बी है। ये रेनमिम्बी चाइना की ऑफिशियल डिजिटल करंसी है। इसकी कीमत चाइनीस युआन के बराबर है। जिस प्रकार इंडिया में रुपया और सी बी डी सी है उसी तरह। डोरिस यिन ने ये कुछ आंकड़े दिखाए हैं जो rmb में हैं। यहाँ लगभग पचास मिलियन rmb के ट्रांसेक्शन हुए हैं ऐसा कहा गया है। तीनसौ शहरों के व्यापारियों ने   मिलकर सभी दैनिक आवश्यकताओं जैसे की फ़ूड, न्यूट्रिशन, कॉस्मेटिक्स, सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, जूते, घरेलू उपकरण, कच्चे तेल, स्मार्ट बिजली, मोटर वेहिकल के लुब्रिकेंट आदि सहित कई प्रकार के वस्तु विनिमय किए हैं। मित्रों, देखने वाली बात ये है की चीन में कई पायोनियरों का अभी kyc ही नहीं हुआ है, तो ये लोग एक कॉन्ट्रैक्ट जैसा डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर करके ये वचन देते हैं की उनके वॉलेट में पाई आने पर बाद में पाई को ट्रांसफर करेंगे। जो की पाई की ऑफिशियल टीम ने ऐसे कॉन्ट्रक्ट करने की अनुमति नहीं दी है, परन्तु सुनता कौन है ! 


आगे कहा है , चाइना पायोनियर क्लब के स्थापक मि. ज़ोउ ने लगभग तीनसौ शहरों के पयोनियरों को इकट्ठा किया हे और पाई का ज्ञान देते हैं।  जिसमें kYC प्रोसेस, वॉलेट और माइग्रेशन के साथ ब्लॉकचेन का और आने वाले इंटरनेट के भविष्य का ज्ञान देकर पाई की GCV क्यों महत्वपूर्ण है वो समझाते हैं। इसलिए वहां के व्यापारी इस GCV की कीमत पर सहमति दिखा सकें। 


होटल का बिसनेज चलानेवाले पायोनियर पूरी होटल में से एक दो कमरे इस पाई से पेमेंट करने वालों के लिए रिज़र्व रखते हैं। 


डोरिस यिन ने एक और महत्वपूर्ण बात की है - वो ये है की साऊथ चाइना में गुआन शिंग प्रान्त में नेनिंग नाम का एक शहर है। वहां लगभग छे सो के आस पास फ़ास्ट फ़ूड के स्टॉल लगे हैं जिसमें वहां की लोकल गवर्मेंट ने डोनेशन दिया है। ये सभी स्टॉल में १ पाई की इस GCV वाली कीमत पर पायोनियर फास्टफूड का आनंद लेते हैं। तो ऐसी खाऊगली यानि फ़ूड स्ट्रीट बनना शुरू हो गई है जिसमे सरकार का भी सहयोग है। 


नेक्स्ट स्लाइड में कहा है - हाल ही में, ज़िक्सिन मॉल और चाइना वेजिटेबल नेटवर्क ने हैकाथॉन में भाग लिया, और वे भी GCV कीमतों का समर्थन करते हैं। उनमें से, चाइना वेजिटेबल नेटवर्क जो हे वो मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी चाइना द्वारा रेकमेंड किया हुआ प्लेटफॉर्म है। इसके आलावा कुछ ऐसे मार्केटप्लेस भी हैं जो हैकाथॉन में ऑनलाइन नहीं हैं परन्तु ऑफलाइन जीसीवी का समर्थन करते हैं। जिनमें पाईमोल, पाई चेन टूर, और पाई इको-सिटी आदि शामिल हैं।


और भी ये तीन चार स्लाइड हैं जिन्हें आप शांति से पढ़ सकते हैं। ये सभी उसी सिद्धातों पर उसी तरीके से पाई का बार्टर करते हैं जो आगे बताया है। ये सब समझाने के लिए वीडियो बहोत लम्बा हो जायेगा। 


अंत में एक लम्बा भाषण दिया है वो देखते हैं -कहा है - अतीत को देखते हुए, आइए हम अपने विश्वास को मजबूत करें और अपने मूल इरादे को कभी न भूलें; भविष्य को देखते हुए, आइए हम दुनिया को देखें।  आत्मविश्वास से भरपूर, Pi Network चार साल के उतार-चढ़ाव के बाद, निडर होकर आगे बढ़ने के लिए हमारे दिलों में गहराई से समाया हुआ है। यह न केवल हमारे जीवन का , आशा और आजीविका का एक हिस्सा है, बल्कि लक्ष्य और विश्वास भी है जिसके लिए हम प्रयास करते हैं। कोर टीम के दृष्टिकोण ने हमें अपने लक्ष्यों पर स्पष्टता दी है, हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है।   जो मर्चेंट्स दूर का देखते हैं , भविष्य का सोचते हैं वे तूफानों से नहीं डरते, और ऐसे व्यापारियोंने GCV पर चलने वाले इकोसिस्टम में महान योगदान दिया है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो जीसीवी का समर्थन करते हैं। साधारण पायनियर जो इकोसिस्टम बनाने के लिए चुपचाप भुगतान करते हैं ऐसे पायोनियर इसका मुख्य आधार बन जाते हैं। पाई पेमेंट निश्चित रूप से हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाएगा।


GCV सहमति खत्म नहीं हुई है, ओपन मेननेट की समृद्धि और स्थिरता के लिए व्यापारियों को पायोनियरों से भी समर्थन मिलना चाहिए । देखिए व्यापारियों को बाजार में स्थिर कीमतों की आवश्यकता होती है , ताकि अगर पाई की कीमत स्थिर रहती है तो उन्हें भी ज्यादा नुकसान की चिंता न रहें। 


पाई की ऑफिशियल कोर टीम ने हाल ही में #whatIDoForPi हैशटैग का अभियान चलाया है। तो उसमें बहोत लोगों ने GCV का समर्थन करते हुए अपनी अभिव्यक्ति एक छोटे से वीडियो द्वारा दिखाई है। इसको बहोत तेजी से रिस्पॉन्स मिला है। इससे पाई नेटवर्क कॉम्यूनिटी के बाहर की दुनिया में रहने वाले भी आकर्षित हुए हैं। 


तो मित्रों , अब जान चुके हैं की gcv यानी एक पाई की ढाई करोड़ रूपये की कीमत। परन्तु क्या ये कीमत सच में इंडिया में मिल सकती हैं ? क्या एक पाई के बदले में इतने रूपये मिल सकते हैं ? कौन देगा ? तो भाई सही जवाब हे की अभी तो इतने रूपये में यानि एक पाई के बदले में - इतने रूपये की कीमत का सामान खरीद सकते हैं। वो भी इस चाइनीस व्यापारियों से। परन्तु इसमें स्कैमर्स का बहोत ध्यान रखना पड़ेगा। दूसरी बात हे की जब ओपन मेंनेट आएगा तो हो सकता है ये कीमत एक्सचेंज पर न मिले या इससे कम रेट पर पाई का लिस्टिंग देखने को मिले। तो तब उस क्रिप्टो एक्सचेंज पर इंडिया के पायोनियर पाई को बेच सकेंगे। याद रहें जितने भी पाई बेचेंगे वो सब प्रॉफिट गिना जाएगा। उदाहरण के तौर पर - आपने दस हजार रूपये के पाई बेचे तो पुरे के पुरे दस हजार रूपये को प्रॉफिट ही गिना जायेगा। भारत में  ३०% क्रिप्टो टेक्स के हिसाब से सबसे पहले तीन हजार रूपये तो बड़े प्यार से टेक्स भरने के लिए साइड में रख दें। और बाकीके सात हजार रूपये ही आनंद पूर्वक , बड़े उत्साह से खर्च कर सकते हैं। ये एक उदाहरण दिया था। 


अब gcv के मूल्य पर सामान और सर्विस बेचने वालों को घाटा हो सकता हे अगर ये पाई इस GCV से कम कीमत पर किसी एक्सचेंज पर लिस्ट होता है। विविध सोशियल मीडिया जैसे की रेडिट, डिस्कॉर्ड, टेलीग्राम, फेसबुक और खास करके टवीटर पर पाई के बारे में, इस GCV के बारे में बहोत चर्चाएं होती रहती है। तो टवीटर इंस्टॉल करके रखें। वहां पर हमलोग हिंदी में स्पेस नामकी ऑडियो कॉन्फ्रेंस कॉलिंग फेसिलिटी का उपयोग करते हैं और पाई की चर्चा करते हैं। वहां जतिन जी, शिवा जी, अंशुल जी, के साथ और भी एक्सपर्ट्स से मार्गदर्शन मिल सकता है। जैसे की एक व्यूअर ने पूछा था पाई की टीम पैसे कब देगी या ये सारे पाई कब खरीदेगी। तो मित्रों पाई की टीम आपको पाई के बदले में पैसे नहीं देने वाली। पाई अपने ओपन मेंनेट के चरण में किसी क्रिप्टो  एक्सचेंज पर लिस्ट होगा। पाई को वो एक्सचेंज पर से पूरी दुनिया में से वो लोग खरीदेंगे जो इस पाई के प्रोजेक्ट को अच्छी तरह समझेंगे। पाई से चलने वाली इकोसिस्टम यानि विभिन्न एप्लिकेशन का पायोनियर इस्तेमाल करेंगे। तब समय के साथ साथ पाई की कीमत धीरे धीरे आगे बढ़ेगी ऐसा मानना है। किसी भी क्रिप्टो को रूपये में खरीदने की सलाह हम नहीं देते। 


पाई नेटवर्क अभी भी अपने शुरुआती चरण में है और यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि यह समय के साथ कैसे विकसित होगा। विभिन्न कारकों के आधार पर पाई की कीमत ऊपर या नीचे जा सकती है। 


यह याद रखना भी महत्वपूर्ण है कि क्रिप्टोक्यूरेंसी एक अत्यधिक अस्थिर बाजार है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि किसी भी क्रिप्टो की कीमत सिर्फ और सिर्फ बढ़ती ही रहेगी। 


तो हे पयोनियरों, इस पुरे वीडियो का निष्कर्ष यही है की अभी GCV की कीमत पर एक पाई के बदले में आपको कोई घर, गाड़ी, गोल्ड या रियल एस्टेट नहीं मिल सकता। इस GCV को सेट करने के लिए, स्थिर रखने के लिए, इकोसिस्टम में छोटी छोटी गुड्स और सर्विसिस का - चाहे ऑनलाइन हो या ऑफ़लाइन - ट्रांसेक्शन होना चाहिए। और लम्बे समय तक ये GCV स्थिर रहती है तो फिर दुनिया के बड़े से बड़े उद्योगपतियों को इस पर विश्वास बैठेगा। तब हो सकता है कार डीलर या बड़ा बिल्डर और कुछ हद तक गवर्मेंट भी इसको सपोर्ट करना शुरू करें। तब जा कर आपके सपने की कार या कोई बड़ी चीज आप इस पाई से खरीद सकेंगे। तो GCV एक हथियार हे जिससे सभी पयोनियरों को ये लड़ाई लड़नी है। अगर पायोनियर्स सो, दोसो या पांचसो रूपये में अपने पाई का सौदा कर लेते हैं यानि पाई बेच देते हैं तो ये लड़ाई को असर हो सकता है। उम्मीद हे आप समज रहे हैं। इसलिए पाई को लम्बे समय तक संभाल कर रखना जरुरी है ताकि आपके सपने पुरे हो सकें। तो सपने पुरे करने के लिए पाई को पकडे रहें और प्रसन्न  रहें । मेटामित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र , मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत। 

PI Network KYC Steps | pi network me kyc kaise kare

PI Network KYC Steps


pi network kyc verification,pi kyc kaise kare,pi kyc verification,pi network new update today,pi network kyc,pi network me kyc kaise kare,pi network new update,pi network,pi network in hindi,



✅ KYC आवेदन फार्म को सावधानीपूर्वक कैसे भरें, इस में क्या करना है और कैसे करना है। यह स्टेप बाय स्टेप समझा गया है। 👉 KYC आमंत्रण मिलने पर पाई नेटवर्क एप्प पर स्थित मेनु से पाई ब्राउजर एप्प में sign in करें >> (kyc.pi) आइकॉन पर टैप करें >> KYC फार्म उपलब्ध हो जाएगा (पाई ब्राउजर) >> आगे इस प्रकार आप फार्म भरने कि शुरुआत करें। 1. Share information with Pi KYC KYC के लिए इन्फोर्मेशन शेयर करने की स्वीकृति प्रदान करने के लिए ✅ (ALLOW) पर टैप कर दें। 2. Data Collection Consent डाटा कलेक्शन करने के लिए सहमति प्रदान करने के लिए ✅ (I agree) पर टैप कर दें। 3. Country Region territory which is on your ID proof (जो ID document card proof के लिए आप यहाँ इस्तेमाल कर रहें उस पर लिखे हुए देश का नाम लिखें।) 'India' सलेक्ट करे देशों की लिस्ट से, India के डाक्यूमेंट्स के लिए। 🔴 यहाँ एक महत्वपूर्ण बात को ध्यान में रखें ID proof document का नाम फार्म पर लिखने के पहले :- ID proof document को चुनते समय यह सुनिश्चित करलें की आपके ID document card पर निम्नलिखित लिखित चीजें फोटो लेने पर क्लियर हो :- 1. आपका अपना फोटो (ID document पर). 2. जन्म तारीख/Date of Birth (Date/Month/Year) के फार्मेट मे हो। 3. आपका नाम 4. ID document no. 📌 नोट (Note):- एक बार आपने अपना ID proof document को चुनकर फार्म पर लिखकर आगे ID document का फोटो लेने के दौरान आप किसी भी कारण से पीछे जाकर ID document के नाम को बदल नहीं सकते है। ❌ कारण:- यहाँ से पीछे जाने का कोई आप्शन नहीं है। ⁉️ आपकी KYC review में अटक जाएगी या फेल हो जाएगी यदी आप ID document card को बदलते है तो। ✅ KYC के लिए इस्तेमाल होने वाले India के डाक्यूमेंट्स के नाम इस प्रकार है:- 1. Passport, date till not expired (पासपोर्ट, एक्सपायरी डेट निकली ना हो) 2. Driving license, date till not expired (ड्राइविंग लाइसेंस,एक्सपायरी डेट निकली ना हो) 3. Adhaar Card (अधार कार्ड) 4. Pan Card (पैन कार्ड) 📝 अब फार्म पर भरना है :- 1. अपने देश का नाम (India) लिखना/सलेक्ट करना है। 2. आपने ID document card का नाम ( __ __ __ ) [ऊपर लिखे हुए चेतावनी को ध्यान मे रखकर चुनिए] ✅ 3. KYC के लिए अपना पर्सनल डाटा के इस्तेमाल करने की स्वीकृति प्रदान करता हूँ। ✅ 4. मेरी उम्र 18 साल से अधिक है। ✅ 5. वैलिडेटर को 1pi देने की स्वीकृति प्रदान करता/करती हूँ। इन तीनों को ✅ कर दिजिए। ✅ अब (Let's go!) पर टैप कर दें। • अब स्क्रीन पर आपको क्या चाहिए (What will you need) लिखा हुआ दिखाई देगा। 1. ID photo आपके ID document card के आगे और पीछे, दोनों साइड का फोटो खींचकर अपलोड करना है। (पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैनकार्ड) ✅ (NEXT) पर टैप कर दें। 2. अब स्क्रीन पर अपनी जानकारी टाईप करें (Type in your information) लिखा हुआ दिखाई देगा। फार्म पर ID card पर लिखी गई जानकारी भरें। [पैनकार्ड पर एड्रेस लिखा नहीं रहता है। तब आप आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस पर लिखा एड्रेस भर सकते है।] ✅ (NEXT) पर टैप कर दें। 3. Identity confirmation. अब स्क्रीन पर अपना परिचय सत्यापित [जीवित होने का प्रमाण] करें [Identity confirmation (liveliness check)] लिखा हुआ दिखाई देगा। आप एक जिवित व्यक्ति है। अब आपको आपना एक सेल्फी फोटो क्लिक करना होगा और एक सेल्फी विडिओ अपलोड करना होगा। यह सब प्रक्रिया आटोमैटिक होती है। आपको आपना चेहरे (face) को गोल अंडाकार सर्कल के अंदर रखना है। • इस दौरान आप को मोबाइल फोन को अपने चेहरे के सामने समान्तर (parallel to face) रखना है।ध्यान रखें की सेल्फी और विडिओ रिकार्डिंग के समय आपका मोबाइल फोन झटके से हिले डुले नहीं। • यदि आप KYC करने के लिए किसी से मदद/सहायता (help) ले रहें है तो आप स्वंय यह सुनिश्चित करें की सेल्फी और विडिओ रिकार्डिंग पूर्ण हो गयी है। • फोन को अपने से एक हाथ के करीब दूरी पर रखकर सेल्फी और विडिओ रिकार्डिंग करें। ✅ (Next step) पर टैप कर दें। 📌 नोट:- सेल्फी फोटो और सेल्फी विडिओ में केवल आपका (पायनियर) एक चेहरा होना चाहिए। यदि सेल्फी फोटो और विडिओ में आपके के साथ किसी और का चेहरा आता है तो आपका विडिओ (fake) गलत करार दिया जाऐगा और आपकी KYC (failed) फेल हो जाएगी। 4. अब स्क्रीन पर पाई पेमेंट (Pi payment) लिखा हुआ दिखाई देगा। आपको KYC अप्लाई करने के लिए 1pi का पेमेंट चार्ज लगेगा। जब आपके पाई क्वाइन मेननेट पर हस्तांतरण हो जायेगें। ✅ (NEXT) पर टैप कर दें। • 1/3 ID photo 📸 अब स्क्रीन पर आपको ID document card का फोटो किस प्रकार लेना है की जानकारी दी गई है। 1. फोटो लैण्ड स्कोप में हो। 2. जहाँ फोटो खोंचना हो उस कमरे में अच्छी लाइटिंग हो। 3. ID document card पर लिखा हुआ इन्फोर्मेशन क्लियर हो पढ़ने में। 4. 📲 ID document card का फोटो इस प्रकार लें की पूरे कैमरे को कवर कर रहा हो। कहीं से भी फोटो कटा हुआ ना हो। ✅ (I'm ready) पर टैप करें। 📲 अब ID document card का फोटो खींचकर अपलोड करना है। 1. (+ Add front photo ) इस पर टैप कर पर फोटो खींचकर अपलोड करें। [ID document card के सामने वाला/पहले पन्ने/1st साइड) का फोटो खींचकर अपलोड करें।] ✅ फोटो क्लियर और सीधा (Horizontal) 🪪 हो। फोटो को सीधा करने के लिए वहाँ साइड पर आइकॉन आप्शन दिया हुआ है। जिस पर टैप कर फोटो को 90° से घुमा-घुमा कर सीधा कर सकते है। इसी प्रकार ID document card के आगे और पीछे दोनों साइड के फोटो खींचकर अपलोड कर दें। 2. (+ Add back photo) इस पर टैप कर फोटो खींचकर अपलोड करें। (ID document card का पिछले साइड/2nd side का फोटो अपलोड करें।) ✅ फोटो क्लियर और सीधा (Horizontal) 🪪 हो। ✅ (Next step) पर टैप कर दें। • 2/3 ID photo 📝 अब फार्म भरना है। 1. First name 2. Middle name (यदि हो तो, नहीं तो खाली छोड़ दें।) 3. Last name (सरनेम) 4. Gender (male/female) 5. DOB (जन्म तारीख):- (Year/Month/Date) 6. Address line 1 (एड्रेस ( , ) लगाते हुए लिखें। यदि एक लाइन में आपका ऐड्रस पूरा नहीं होता है तो लाइन 2 में भी लिख सकते है।) 7. City (शहर का नाम) 8. State (राज्य का नाम) 9. Zip Postal Code (Pin Code no. लिखना है।) 10. Country of residence (जिस देश में रहते हैं उसका नाम लिखें।) 11. Document ID Number (जिस ID document card का उपयोग किया है उसका नंबर लिखें।) 📌 [एक बार फार्म में जो भरा है उसको चैक करलें (कहीं कुछ छूटा ना हो, कोई गलती हुई ना हो)] ✅ (Next step) पर टैप कर दें। • 3/3 Identity confirmation अब स्क्रीन पर अपना परिचय सत्यापित [जीवित होने का प्रमाण] करें [Identity confirmation (liveliness check)] लिखा हुआ दिखाई देगा। आप एक जिवित व्यक्ति है। 🤳🏻 अब आपको आपना एक सेल्फी फोटो क्लिक करना होगा और एक सेल्फी विडिओ अपलोड करना होगा। यह सब प्रक्रिया आटोमैटिक होती है। इस दौरान आप को मोबाइल फोन को अपने चेहरे के सामने समान्तर (parallel to face) 🤳🏻 रखना है। ध्यान रखें की सेल्फी और विडिओ रिकार्डिंग के समय आपका मोबाइल फोन झटके से हिले डुले नहीं। • यदि आप KYC करने के लिए किसी से मदद/सहायता (help) ले रहें है तो आप स्वंय यह सुनिश्चित करें की सेल्फी और विडिओ रिकार्डिंग पूर्ण हो गयी है। • फोन को अपने से एक हाथ के करीब दूरी पर रखकर सेल्फी और विडिओ रिकार्डिंग करें। 🤳🏻 सेल्फी फोटो (Selfie photo) • पहले आपकी सेल्फी फोटो क्लिक फोटो होगी और उसके बाद तुरंत विडिओ रिकॉर्डिंग शुरू हो जाएगी। इस दौरान आपको आपना चेहरे (face) को गोल अंडाकार सर्कल के अंदर रखना है और सेल्फी फोटो क्लिक के समय आपको कैमरे की तरफ देखना है।(बिना हिले डुले, फोन भी न हिले वरना फोटो खराब आ जाएगी।) सेल्फी फोटो क्लियर होने पर हरी लाईट टिक दिखेगी।अब लाईवनैस विडिओ रिकार्डिंग शुरू हो जाएगी। 🤳🏻 Liveness video recording (विडिओ रिकार्डिंग) • इस विडिओ में आवाज रिकार्ड नहीं होगा, स्क्रीन पर आते हुए निर्देश का पालन करते हुए पूर्ण करना है। 📌 आप विडिओ शूट करते समय फोन को सीधे अपने चेहरे के सामने समान्तर (parallel to face) 🤳🏻 रखें, स्क्रीन के बीचों-बीच ना देखें। आप कैमरा की ओर देखें हैलो बोले और धीरे धीरे बाऐं तरफ, दाएं तरफ सिर को घुमाएं, ऊपर देखें, नीचे देखें, थोड़ा सा मुहँ खोले, मुस्कराइए, पलकों को झपकाए आदी। जैसा निर्देश दिए जाए। ✅ हरी लाईट आने का मतलब आपका सेल्फी फोटो पास (OK) हो गया है। • वरना दुबारा से सेल्फी और विडिओ अपलोड करें। 📌 नोट:- सेल्फी फोटो और सेल्फी विडिओ में केवल एक आपका चेहरा होना चाहिए, वरना KYC (failed) फेल हो जाएगी। ✅ अब स्क्रीन पर Review करने का आप्शन आएगा। एक बार पुन सारी जानकारी सही है व आपके ID document card में आपके चेहरे का फोटो और सेल्फी का फोटो क्लियर हो यह चैक कर के ✅ (SUBMIT) पर टैप कर दें। 🔴 यदि फोटो क्लियर नही है, तब दुबारा से प्रोसेस पूर्ण करें जब तक आप फोटो क्वालिटी से संतुष्ट न हो। 💐अब स्क्रीन पर (Congratulations!, Your application has been submitted) लिखा हुआ दिखाई देगा। 👍🏻 आपका KYC का आवेदन फार्म सफलतापूर्वक जमा हो गया है। 🕶️ (See status) पर टैप करने पर आवेदन फार्म की स्थिति की जानकारी मिलेगी। 👌🏻आपका KYC फार्म जमा हो गया है। फार्म की जांच जारी है। ✌🏻आपकी KYC (KYC passed) पास हो गई है। आपकी KYC फार्म पूर्ण है और सत्यापित की जाती है। 👍🏻 आप यदी वैलिडेटर बनने के इच्छुक है तो (Became validator) पर टैप करें और आगे की प्रक्रिया पूर्ण करें।

Pi Network - Something Great is Happening!

pi network update today,pi kyc ki jankari,pi new update,pi network kyc verification kaise kare,pi network new update today,pi network new update,pi network,


Pi Organization blockchain environment has a ton of likenesses with others in the digital money space. In any case, one might say that there is something in Pi that really separates it from the others.

As a cryptographic money that can be procured or created through mining in a cell phone utilizing the Pi application, it makes simple for any individual to be ready and familiar in this new monetary innovation. All the while, they obtain this virtual resource free of charge, without emptying cash straightforwardly out of their pocket.

Like various digital currencies that can be procured through versatile applications, Pi additionally has enlistment, account check and KYC - Know Your Client - individual personality confirmation necessities. The conceivable contrast is more on the KYC necessity where the Pi Center Group (PCT) look for the help of the Pi discussion channel arbitrators to suggest different government provided ID records for the Trailblazers to submit in their separate nations. This offers a more extensive scope of decisions and choices with respect to what substantial ID that a client ought to must be utilized in the KYC cycle.

In addition, Pi Organization offers an amazing open door to KYC'd Trailblazers to become human validators in the KYC cycle. In this manner giving them dynamic job in the KYC confirmations of different trailblazers while rigorously noticing information security administrative strategies. A job that here and there cause them to feel they truly are member in Pi Organization's people group building process. Up to this point, I have not heard some other comparative tasks doing this yet.

Despite the fact that there are issues and hitches en route, PCT are attempting to determine these, and ideally will address a few before very long.

Accordingly, allowing more prominent opportunity for additional Trailblazers to pass individual character confirmation, before their transferrable Pi coin can be moved to their particular wallet. This is finished as Pi Organization wants to be consistent with different administrative instruments on monetary exchanges, too guarantee that account holders are truly people, not bots.

Slow Yet Ideally Certain

As far as I can tell, what truly separates Pi from other digital forms of money out there is the way that regardless of with its more than 35 (35) million clients presently broadly dispersed in 233 nations all through the world, it didn't rush its mainnet sending off. In this way for a long while delaying the holding up season of Trailblazers to get hold of their procured Pi cryptographic money. As of recently, about great many Trailblazers are as yet trusting that their Pi tokens will be relocated in their mainnet associated wallet. Despite the fact that there are now north of 1,000,000 who have their mined Pi moved to their mainnet wallet as of now.


Sadly, a lot of Pi clients is troubled about the sluggish advancement of Pi. Initiating such countless imperatives, before the exchange of their mined Pi to their wallet. A sum of seven (7) steps in the mainnet agenda.

The in-house KYC has been hauling for a really long time as of now. In any case, ordinary a huge number of Trailblazers are being approved. The interaction truly could be slow, however let us be guaranteed that as guaranteed by the Pi Center Group, no genuine individual Pi client of good standing will be abandoned. Obviously with the exception of the people who are found disregarding the Terms of Administration of Pi Organization.

Along the pessimistic issues, there are individuals saying that Pi Organization is a trick. That the large numbers of clients were simply being utilized as enraptured crowd of their advertisements, perhaps not realizing that they can switch it off if they would rather not view it. That it can not actually convey what it guaranteed. A completely practical and usable digital currency that can be utilized to purchase products, as well as be changed over into government issued currency and exchanged trades, soon enough as they need it.

One thing one of a kind about Pi Organization is that, it didn't focus on digital currency trade posting as. While some new digital money projects are surging in for their trade postings even with, without a doubt, not very many clients, Pi with various million clients, isn't yet leaned to any crypto trades. Not just on the grounds that this is beyond the realm of possibilities yet for the present in the encased mainnet period, it is additionally because of the that reality they pass on it to the trades' longing to have Pi in their foundation.

While this is being seen as negative by others, I take a gander at it to be an or more component for Pi. It permits sufficient opportunity to deal with the required upgrades and emphasess for it to be completely functional and flawlessly practical. Guaranteeing it's blockchain environment to be protected, steady and secure.

This methodology will work with the objective for Pi to be comprehensive, making it available to so many 'customary man in the city' all through the world to obtain this advanced resource for nothing. Envision on the off chance that Pi Organization embraces an underlying coin offering (ICO), or a presale to draw in crypto whales and institutional financial backers purchase a huge number of Pi on their guardianship and controlling interest. Then, at that point, controlling the cost of Pi in the open market later. Furthermore, in specific degree, denying thousands to have more than adequate volume of this advanced money.

In the event that we cautiously take a gander at it, every one of the systems founded by the Pi Center Group (PCT) comes and are steady to the essential objective to make Pi as a mode of trade, utilized by the standard society. Basically a computerized cash that will be utilized in shared commercial centers and online business stages in a worldwide scale.

This demonstrates that the Pi Center Group reliably in no way wants to have the Pi coin be accessible in trades soon. Causing not many Trailblazers to lose revenue, as they can not exchange their Pi, convert it to cash or any digital money, and get hold of the undeniable monetary benefits they are yearning to appreciate.

No, the PCT appears to be not leaned to do that. Nor did they unveil any declarations in regards to pre-deal, swarm subsidizing and starting coin offering (ICO) occasions for them to get hold of money. Much in front of the remainder of Trailblazers in the Pi Organization people group. They are more centered around building the Pi Organization biological system, characteristically driving natural development from inside its local area.

For those Trailblazers who are crypto exchanging buffs, may I ask this - Do we feel that crypto trades will simply disregard Pi with a mass-base of millions of clients ready? I think the response is hard to miss.

The encased and open organization staged progress of the mainnet is something else that separates Pi blockchain from the rest in the cryptoverse, as I probably am aware up until this point. Which sadly, is likewise being viewed as by some as one element that further postpone the force of the venture.

This is what Dr. Nicolas Kokkalis have said on the sluggish, hauling process, "We are making an effort not to fabricate a speedy siphon and dump digital currency here. That would be simpler yet we are not intrigued by that." With this and other related assertions, we must be guaranteed that the objectives Pi Organization have set to accomplish in view of its white paper will come to the real world. Concerning when this will occur, this needs additional persistence for us to stand by.

In spite of the fact that we, customary Trailblazers don't necessarily in all cases have any idea what is in the psyche of the organizers and the PCT, before they unveil and declare something, we can be guaranteed that what they mean to continuously do are those things that can guarantee the security, dependability and trustworthiness of the Pi biological system for it to have an economical development. This is my encouraging contemplations in the midst of the issues flung against Pi Organization.

With this, what they did is to rustle up the advancement of the Pi biological system much in front of the "open mainnet" by empowering improvement of important applications to help utility of Pi inside its environment. To such an extent that when the opportunity arrives, Pi will be utilized in various applications and stages - shared commercial centers, online business locales, gaming, and ideally in some crypto trades later.

Some undertaking groups and designers are exceptionally occupied with, preparing their applications and stages for the open mainnet. To make more various utilities that can increment more interest for Pi coin, that can prompt conceivable significant increment of its worth.

Among these drives is the Trinity Undertaking Gathering (TPG) with its online business, a gig economy, professional resource and wellbeing administrations stages to specify a couple. It's web based business element - epimall.io - is currently a work in progress to have Pi coin be coordinated in its installment framework.

One more driving and predominant player in Pi biological system is Pichainmall (pichainmall.com), a web-based business exchanging stage situated in China. Among others, WorkforcePool (workforcepool.com) and PitoGo are other utility stages on independent commercial center and travel administration individually.

Pi Organization advancement may truly be slow, yet I'm confident they can convey what it guaranteed. Or on the other hand every one of the endeavors of the Center Group, and the entire Pi people group will go in vain.

Secure - A Valuable chance to Save and Build Mining Rate

The open door given to Trailblazers to secure their Pi possessions is one that has complex implications. Despite the fact that locking it will forestall us to promptly use specific measure of our Pi for assigned period, the system additionally offers advantages to Trailblazers. One of these is it fills in as a kind of reserve funds of specific measure of Pi tokens for a pre-decided term.

In spite of the fact that apparently the lock-up is some way or another obligatory in however much Pi token can not be moved to the Trailblazer's wallet until secure inclination is set, decisions as far as rate and term can be changed. The greater level of Pi, and the more drawn out the lock-up period, the higher will be the lift in the mining pace of the client.

So new and more youthful clients who need to procure and amass more Pi, having longer timetables, and will stand by before they can utilize their token, can set their lock-up with the goal that they get the greatest conceivable mining support. While those having aggregated more and maintain that their Pi should be utilized quickly anything they want, can simply secure not many part of their possessions, under the least period permitted.

The inventiveness of the lock-up component fundamentally assists the Trailblazers with having an open door to ear.

Pi Network Vs Bitcoin comparison | Bitcoin Vs Pi |पाई और बिटकॉइन की तुलना

Pi Network Vs Bitcoin comparison | Bitcoin Vs Pi | पाई और बिटकॉइन की तुलना  

Pi Network Vs Bitcoin comparison | Bitcoin Vs Pi |पाई और बिटकॉइन की तुलना


पाई वर्सिस बिटकॉइन , दोस्तों इस article में पाई और बिटकॉइन की तुलना करेंगे जो की मंगल और चंद्र की तुलना करने जैसा काल्पनिक प्रयास है। ये  सिर्फ मनोरंजन हेतु हे, कृपा करके इसे गंभीरता से दिल पर न लें। जिन भाईओं और बहेनों ने बिटकॉइन खरीद कर नुकसान किया है उन सबके लिए हर हिंदुस्तानी की यही प्रार्थना होगी की उनका पैसा टेक्स निकाल कर उनको वापिस मिल जाएं। और उनका जीवन मंगलमय हों। पाई मंगल जैसा है और बिटकॉइन चंद्र जैसा। इंसान पहले चाँद तक पहुंचा फिर मंगल पर। चाँद के वातावरणकी कुछ खामियां की वजह से उस पर रहना और घर ग्रहस्ती बसाना मुश्किल लगा वरना अब तक चाँद पर वर्ल्ड कप का आयोजन भी हो जाता। उसी प्रकार बिटकॉइन की खोज हो जाने के कुछ साल बाद खामियां होने के बावजूद भी वो  सोने की लगड़ी जैसा महँगा हो गया हे। उसे पैसों से ले तो सकते हैं पर उसी बिटकॉइन से गुड्स और सर्विसिस कब तक ले सकेंगे वो कह नहीं सकते। इसलिए बिटकॉइन से इकोसिस्टम अभीतक मजबूत नहीं हुई है ऐसा कह सकते हैं।

दुनिया में सभी देशों में महंगाई, बेरोजगारी और युद्ध की स्थिति होते हुए भी बिटकॉइन के भाव में पम्प आता है और उसके भाव बढ़ते हैं इसका साफ़ अर्थ है की कुछ व्हेल्स यानि बड़े बड़े अमीर बिज़नेसमेन इसके साथ खेल खेलते रहते हैं। एक तरफ महंगाई बढ़ती जाती है और बेरोजगारी भी। उसमें ये बिटकॉइन खरीदने के पैसे निकालना और ऊपर से उसपर लगे हुए टेक्स का बोज - इंसान के मन के तरंगोको नियंत्रित कर देता है।

इसी लिए चंद्र के आगे मंगल की खोज हुई और उस पर जीवन संभावना हो सकती है ऐसा लगने लगा दूसरे शब्दों में कहें तो पाई का जन्म उचित समय पर हुआ। और तीन  साल तक लगातार महेनत और धैर्य से अब कुछ होने की उम्मीद जगी है। पाई वॉलेट में आते ही लोगों ने बार्टर सिस्टम से गुड्स और सर्विसिस लेना शुरू कर दिया है। गोल्ड, बाइक, सीमेंट, मोबाईल, म्यूसिक सिस्टम, पर्स, कॉस्मेटिक्स, चावल, फ़ास्ट फ़ूड, रेस्टोरेंट का खाना, पीना, दवाइयां पाई के बदले में मिलना शुरू हो गई है यहां तक की हेर कटिंग सलून वाले भी पाई के बदले में अच्छी हेर स्टाइल बना कर देने लगे हैं और इन सब की पोस्ट ट्विटर पर या फेसबुक पर देखने को मिलती है। बिटकॉइन से अभी तक ऐसी लहर देखने नहीं मिली है इतने सालों बाद भी।

तो ऐसा क्यों, भाई पाई में ऐसा क्या है जो लोग इसके पीछे पागल और दीवाने हैं। और बिटकॉइनवा में का कमियां है। आइए इसकी तुलना करते हैं और अपने मन की समज शक्ति के अनुसार आसान भाषा में जानने का प्रयत्न करते हैं। पर याद रहे ये दोनों महान है और काम के हैं। जैसे ब्रह्माण्ड में असंख्य सितारें हैं उसी तरह इन दोनों के आलावा और भी बहोत सारे क्रिप्टो और ब्लॉकचेन बन रहे हैं जिसके पीछे कई सॉफ्टवेर इंजीनीर महेनत कर रहे हैं।

आइए अभी बिटकॉइन और पाई के बारे में कुछ पॉइंट्स देखते हैं। बिटकॉइन प्रूफ ऑफ़ वर्क के सिद्धांत पर काम करता है यानी ट्रांसेक्शन वेरिफिकेशन की एक जटिल पज़ल सॉल्व करने पर बिटकॉइन रिवॉर्ड मिलते हैं। और पाई स्टेलर कनसेन्सस प्रोटोकॉल पर काम करता है यानी पाई से जुड़े हुए नॉड्स ३ से ५ लोगों का सिक्यूरीटी सर्कल बनाते हैं और वोटिंग करके स्वीकृति करने पर पाई के रिवॉर्ड्स मिलते हैं। दोनो में लेनदेन का रेकॉर्ड चेक करके अनुमति देने पर रिवॉर्ड्स  मिलते हैं।

बिटकॉइन बनाने के लिए अच्छा पावरफुल कोम्प्युटर, ग्राफिक्स कार्ड या असिक माइनर चाहिए। और पाई बनाने के लिए सिर्फ एक मोबाईल। इसलिए बिटकॉइन ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी खर्च करता है और पाई बनाने के लिए कम इलेक्ट्रिसिटी लगती है। पर इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग जरूर होता है ऐसा नहीं की बिलकुल नहीं होता।

आगे हैं स्लो ट्रांसेक्शन यानी बिटकॉइन की लेनदेन का ट्रांसेक्शन करने में १० मिनट से १ घंटे का समय लगता है ये उस नॉड्स पर आधार हे जो इस ट्रांसेक्शन को अप्रूवल देते हैं। पाई का ट्रांसेक्शन बिटकॉइन के मुकाबले फ़ास्ट है। बिटकॉइन का ट्रेडिंग करने के लिए प्रोसेस कॉम्प्लेक्स है यानी किसी एक्सचेंज पर पैसों से पहले युएसडिटी क्रिप्टो खरीदने  बाद उस युएसडिटी से बिटकॉइन खरीदना पड़ता है। और ट्रेडिंग करके जब प्रॉफिट निकाल ना होता है तो बिटकॉइन से वापिस युएसडिटी और फिर रूपये में कन्वर्शन होता है और उस एक्सचेंज से बैंक एकाउन्ट में पैसा लाने के लिए एक्सचेंज के ब्रोकरेज चार्जिस लगते हैं। और जो प्रॉफिट हुआ उसका ३०% टेक्स भी अभी देना रहता है। पाई में अभी ट्रेडिंग शुरू नहीं हुई है पर अभी जिस तरीके से ये काम करता है उस तरह से देखा जाए तो इसके लिए भी कुछ आसान प्रक्रिया बनने की संभावना लग सकती है। बिटकॉइन का अभी तक कोई ब्राउज़र नहीं बना है और ना ही btc:// करके कोई प्रोटोकॉल बना है।  पर पाई का ब्राउज़र मौजूद है जो गूगल के प्ले स्टोर की तरह बनता हुआ दिखाई देता है । और पाई:// का अलग से प्रोटोकॉल बनाया हुआ हे।

बिटकॉइन रखने के लिए वॉलेट के बहोत सारे ऑप्शन है जो की एक तरह अच्छी बात हे पर इंसान कन्फ्यूज होता है की कौनसा अच्छा है और सच्चा है। कुछ वॉलेट के तो चार्जिस भी होते हैं। और हार्डवेर वॉलेट महंगे होते हैं। पाई में तो उसका दिया हुआ ही वॉलेट है जो भरोसेमंद लग रहा है। बिटकॉइन खरीद कर किसी पराये एक्सचेंज या वॉलेट में रखना पड़ता है और वो एक्सचेंज बंध हो जाए तो आपके बिटकॉइन गए समजो। पर पाई तो अपने निजी बटुए में अपने पास ही रहते हैं ये एक अच्छा पॉइंट है। बिटकॉइन का माइनिंग महँगा पड़ता है क्योंकि पावरफुल कम्प्यूटर या ग्राफिक्स कार्ड के लिए कम से कम एक लाख Rupees का बजट होना जरूरी है और ऊपर से बिजली का बिल । ये सब निकाल के कुछ बिटकॉइन मिलते भी हैं तो उसकी प्राइस ऊपर निचे होती रहती है। तो उसका भी ध्यान रखना पड़ता है। पर पाई का माइनिंग सिर्फ मोबाईल से भी किया जा सकता है जिसमें न बिजली का खर्च और न प्राइस की चिंता। क्योंकि इसमें एक पैसा भी इन्वेस्ट नहीं किया होता है , बिलकुल फ्री में पाई का माइनिंग होता है । बिटकॉइन माइनिंग करने में उसका सॉफ्टवेर या कुछ टेक्नीकल ज्ञान जरूरी होता है , पर पाई के माइनिंग में ऐसा कुछ टेक्नीकल ज्ञान ना हों तो भी चलता है। यानि गरीब इंसान और कम पढ़ा लिखा इंसान भी पाई जैसी क्रिप्टो करंसी सिर्फ मोबाईल से फ्री में बना सकता है। इसलिए दोस्तों अभी भी पाई नेटवर्क में नहीं जुड़े हैं तो पूरी जानकारी के लिए इस मेटामित्र चैनल पर पाई के वीडियो शुरू से देख सकते हैं।

आगे हैं बिटकॉइन एक बेशकीमती हिरा जैसा है इसलिए इसको आपसे छीनने के लिए दुनिया में बहोत स्केमर्स हैं और इसका रिस्क भी अभी ज्यादा है। यानि आप के बिटकॉइन आपसे छीनने के लिए बहोत लुटेरे हैं जो जाल बिछाए शिकार के लिए तैयार बैठे हैं। पाई में अभी उसकी तुलना में न के बराबर कम स्केमर्स है। बिटकॉइन की ख़रीदकीमत बहोत बहोत ज्यादा है। और पाई को अभी खरीद नहीं सकते पर फ्री में बनाकर जरूर रख सकते हैं।क्रिप्टो बाजार में बड़ी मछलियां यानि व्हेल्स बिटकॉइन की कीमत के साथ खेलती रहती हैं जिसमें छोटा इन्वेस्टर धोखा खाकर नुकशान कर सकता है। अभी पाई में उसके कन्सेप्ट की वजह से ऐसी व्हेल्स की कोई संभावना ही नहीं है।

आगे देखते हैं - दुनिया में अभी तक बिटकॉइन मोल देखने को नहीं मिला है चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन। बिटकॉइन से आम इंसान आसानी से गुड्स और सर्विसिस अभी तक नहीं ले सकता है। पर पाई की तो इस पॉइंट में बात ही निराली है। अभी दो दिन पहले ही पाई की SDK (System Development Kit) लॉन्च हो जाने के बाद पाई चेन मोल की संभावना दिखने लगी हैं। इस पोस्ट में कहा हे की पाई के बदले में गुड्स बेचने के लिए 400 से ज्यादा मर्चंट्स ऑनलाइन मोल में रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। एक और भी खबर है की पाई टेक्सी सर्विस भी आने वाली है जब की बिटकॉइन टेक्सी अभी तक नहीं सुनी गई है।

ऑनलाइन वेबिनार में बिटकॉइन से पेमेंट हो सके ऐसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं बना हे पर पाई से ऐसे वेबिनार में पहला पेमेंट ट्रांसेक्शन हो चूका है। यानि कोई अपना वीडियो या प्रेसेंटेशन इस वेबिनार में रखें तो पायोनियर्स पाई से पेमेंट करके वो वीडियो देख सकते हैं। ये एक तरह से यु ट्यूब की प्रीमियम सर्विस जैसा कॉन्सेप्ट लग रहा है।

पाई की कीमत अगर 1डॉलर से 100डॉलर भी हुई तो पैसे मिलने की लालच में सब पायोनियर्स कुछ ही महीनों में सारे पाई खर्च करके अपना वॉलेट खाली कर सकते हैं । और अमीर बिज़नेस मेन बहोत सारे पाई खरीद कर अपनी मर्जी से क्रिप्टो मार्किट में पम्प और डम्प की गेम खेल सकते हैं । जैसा अभी बिटकॉइन की प्राइज़ में देखने को मिल रहा है । इसलिए पाई को दूसरा बिटकॉइन नहीं बनाना है जो - कुछ लोगों की कठपुतली बन कर रह जाएं। और लूना क्रिप्टो करंसी में जो हुआ उसके बाद तो लोगों को 80 परसेंट से ज्यादा क्रिप्टो पे भरोसा ही नहीं रहा है ।

पूरी दुनिया में पाई की एक कीमत हो सके इस लिए किसी एक्सचेंज पर इसका लिस्टिंग करना पड़ सकता है। पर तब भी यहाँ व्हेल्स के हाथ में उसका कंट्रोल नहीं होगा की जब चाहा उछाल दिया और जब चाहा गिरा दिया। व्हेल्स करोड़ों पाई एकसाथ खरीद ना सकें इसलिए इसकी कीमत ३लाख डॉलर हो वो ही अच्छा है। पाई की कोर टीम ने पहले से ही ये सब क्या गजब से सोच कर रखा है ये सच में क़ाबिले तारीफ की बात है। एक ओर ज्यादातर पाई लोक होंगे और धीरे धीरे माइनिंग भी चलता रहेगा , तो दूसरी ओर KYC process के बाद माइग्रेशन भी चलता रहेगा। उसमें भी १४ दिन के समय का अंतराल होगा। जिससे पाई की सच्ची कीमतें कंट्रोल में रह सकें।

 Bitcoin is Energy. Energy has price. Pi is time. Time is Priceless.

पीआई में पेमेन्ट सिस्टम फ़ास्ट है और ट्रांसेक्शन फीस भी दूसरे क्रिप्टो की तुलना में बेहद कम हैं वो उसका एडवांटेज है । क्रिप्टो पेमेंट इंडस्ट्री के भविष्य में ये पॉइंट बहुत महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, पाई के उपयोगकर्ता दोसों से ज्यादा देशों में ऑलरेडी है और पाई की व्यापक सुविधाओं की वजह से कई कंपनियां पाई नेटवर्क को पूरी तरह से सहयोग करेंगी। ऐसे चक्र गतिमान होने लगे हैं इस SDK के लॉन्च होने के बाद । सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं - .. पाई जैसे या उसके मिलते जुलते कंसेप्ट पर आधारित दूसरे लाइट कोइन भी बहोत हैं इनमें से कुछ हैं,  BEE Network, One Network, Antic Network, Star Network, BISHOUMA, ALPHA, BTC SATOSHI, KOO coin, HATHOR, CHEATMOON, Pi KU, Punk Panda, Gami token, Sidra coin, Eagle, Lovely, Primal, Leo, La Token, BillG, BCL , Fox coin, TC coin, Arise, Arya, Mog Network . वगैरा वगैरा. पर उसके sdk से अभी तक दुनिया के व्यापारी या कंपनियोंने कोई ऑनलाइन मोल बनाने का नहीं सोचा है जिससे आम इंसान गुड्स और सर्विसिस ले सकें। ये सब उनकी मान्यताओं और संदेह पर निर्भर करता है।

दोस्तों एक पोस्ट ऐसी भी देखि गई है की जिसमें संदेह किया गया है इसकी ये $314159 प्राइज को लेकर। शायद ऐसे बहोत लोग हैं जो सोचते हैं की 1 दिन में अगर एक पाई बनता है तो दो दिन में दो पाई बनेंगे यानी दो ही दिन में आप सीधे पांच करोड़ रूपये कमा लेंगे - क्या ये पॉसिबल लगता है? तो भाई लगता तो नहीं हे पर अच्छा भी लगता है ये सोच कर की हमने तो बीज बो कर रख लिया है पर जिन्होंने अभी तक बीज बोया ही नहीं उनको तो पाई की कोई भी प्राइज़ का फल - नहीं मिलेगा |

तो सभी इंसान अपने मन से और अपने जीवन में हुए विविध अच्छे या बुरे अनुभवों के आधार से मान्यताएं बनाते हैं उसमें कोई गलत बात नहीं है पर उन मान्यताओं को मिटाता हे ज्ञान। यानी ज्ञान का सच्चा प्रकाश उन सभी बुरी मान्यताओं से मुक्त करवाता है और जीवन में आगे प्रगति भी करवाता है इसलिए हररोज नया नया जानते रहें और मस्त रहें। मेटा मित्र से जुड़े रहें। मेरा मित्र मेटा मित्र। जयहिंद जय भारत।